उत्तराखंड में मजार जिहाद : एक पीर और आधा दर्जन से ज्यादा मजारें
June 21, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

उत्तराखंड में मजार जिहाद : एक पीर और आधा दर्जन से ज्यादा मजारें

कालू सैय्यद बाबा की अल्मोड़ा, हल्द्वानी, जसपुर, लोहाघाट, जसपुर के पतरामपुर जंगल में, भीमताल, बसामी, कालाढूंगी, रानीखेत में मजारें हैं।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Aug 21, 2022, 12:23 pm IST
in उत्तराखंड
कालू सैय्यद की मजार

कालू सैय्यद की मजार

क्या एक पीर या एक व्यक्ति की मजार, दरगाह सात-आठ स्थानों पर हो सकती है? ये सवाल उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में कालू सैय्यद बाबा की मजारों को लेकर है। कालू सैय्यद को पीर बाबा के नाम से यहां जाना जाता है।

कालू सैय्यद बाबा कौन है?
इतिहास में जाकर देखें तो मालूम हुआ कि कालू सैय्यद बाबा का जन्म तुर्किस्तान बताया गया, यानी वो तुर्क थे। कहा जाता है कि उन्होंने हजरत निजामुद्दीन औलिया से अध्यात्मिक ज्ञान लिया था और फिर वो कुमाऊं की तरफ चले आए। कहा जाता है कि उस समय दिल्ली में गयासुद्दीन तुगलक का राज था। कुछ लोग ये भी बताते हैं कि 1398 ई में तैमूर लंग की सेना और राजाधाम देव के बीच पिरान कलियर के पास युद्ध हुआ, जिसमें पीर फकीर भी लड़े और उनमें मैमदापीर मारे गए और कालू सैय्यद भी थे वे पराजित हुए और फिर यहां बस गए। अब कहां बसे इस बारे में इतिहासकार खामोश हो जाते हैं। माना यही जाता है कि ये कहानियां हैं जो सुनी सुनाई जाती रही हैं।

कालू सैय्यद की मजार

इन्ही सब जानकारियों के बीच इस सवाल का जवाब कहीं नहीं मिलता कि एक पीर की इतनी दरगाहें कैसे बन गईं। भारत में पुरानी दरगाहों में ख्वाजा गरीब नवाज की अजमेर में हजरत निजामुद्दीन औलिया की दिल्ली में एक ही दरगाह या मजार है। साई बाबा की शिरडी में एक ही दरगाह या मजार है, तो फिर कालू सैय्यद की उत्तराखंड में आठ मजारें कैसे हो सकती हैं? कालू सैय्यद बाबा की अल्मोड़ा, हल्द्वानी, जसपुर, लोहाघाट, जसपुर के पतरामपुर जंगल में, भीमताल, बसामी, कालाढूंगी, रानीखेत में मजारें हैं। एक मजार तो जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के भीतर मोरघट्टी, सोनापानी फॉरेस्ट रेंज में बना दी गई है।

अल्मोड़ा के स्थानीय मजार प्रबंधक दावा करते हैं कि यही कालू सैय्यद बाबा की असली मजार है और पीर साहब के घोड़े की भी यहीं कब्र है। दिलचस्प बात ये है कि लोग घोड़े के कब्र पर भी आस्था प्रकट करने जाते हैं। हल्द्वानी के कालाढूंगी चौराहे पर कालू सैय्यद बाबा की पीपल के पेड़ के नीचे मजार है, जो अब मंदिर का रूप ले चुकी है और यहां उन्हे कालू सिद्ध बाबा के नाम से जाना जाता है। पहले यहां गुड़ और बीड़ी चढ़ाने की परंपरा थी अब सिर्फ यहां गुड़ ही चढ़ाया जाता है। अब यहां कालू से नाम बदल कर साई सिद्ध बाबा भी बोला जाने लगा है।

गौरतलब है कि यहां जो मजार है वहां अब मुस्लिम तबके का प्रबंधन नहीं है। हिंदू अखाड़े के साधु यहां देखरेख करते हैं और ये पूरा परिसर हिंदू देवी देवताओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां अब शनि का मंदिर भी है, जहां हर शनिवार सैकड़ों लोग आस्था के लिए आते हैं। रानीखेत के कैंट एरिया में भी मजार है और हर साल यहां उर्स होता है कव्वालियां होती हैं। कोई कहता है कि सातवीं सदी की मजारे हैं, कोई कहता है कि वो तेरहवीं सदी में भारत आए। माना कि कालू सैय्यद बाबा एक पीर फकीर थे, हो सकता है उनमें आध्यात्मिक ज्ञान शक्तियां हों, उनके चमत्कार भी हों, लेकिन एक पीर की सात- आठ जगह मजारें या दरगाहें होने की बात गले नहीं उतरती।

कालू सैय्यद की मजार

उत्तराखंड में मजार जिहाद का खेल पिछले कई दशकों से चल रहा है। तो क्या जिहादियों ने कालू सैय्यद बाबा के नाम का भी फायदा उठा कर अपने ठिकाने बना लिए? उत्तराखंड को सदियों से देव भूमि कहा गया है, जहां पहाड़ की हर चोटी पर देवालय और हर ग्राम का अपना देवता होता है। ये बात सोचने पर विवश करती है कि इन आस्थाओं के बीच एक तुर्किस्तान में पैदा होने वाले व्यक्ति के नाम से यहां एक दो नहीं कई मजारें कैसे बन जाती हैं? देवबंद से जारी फतवे में ये कहा जाता है कि मजारे नहीं बनाई जानी चाहिए, न ही इनमें इबादत की जानी चाहिए। बरेलवी मुस्लिम मजारें बनवा रहे हैं और इनमें अपने लोग बैठा देते हैं, फिर अपना एक नेक्सेस चलाते है जिसकी चपेट में उत्तराखंड की देव भूमि भी है। जहां वन क्षेत्र में सैकड़ों अवैध मजारें चिन्हित की गई हैं। इनमें से बहुत को पिछले दिनों हटाया भी गया था। बहरहाल हमारा सवाल यही है कि एक पीर के नाम की कई जगह मजार या दरगाह हो सकती है ? कहीं मजार जिहाद का ये कोई हिस्सा तो नहीं? इस पर गौर करने की जरूरत है।

Topics: अवैध मजारमजार जिहादMazar Jihadकालू सैय्यदकालू सैय्यद की मजारदेवभूमि में मजारKalu SayyedKalu Sayyed's MazarUttarakhand NewsMazar in Devbhoomiउत्तराखंड समाचारillegal mazar
Share85TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Uttarakhand Illegal Majar demolished

उत्तराखंड: सिखों के तीर्थ स्थल नानक सागर में बना दी अवैध मजार, प्रशासन ने बुलडोजर से किया ध्वस्त

प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिद्वार बैठक: विहिप का बड़ा ऐलान, परिवार कानूनों की समीक्षा और गौ रक्षा पर जोर

प्रतीकात्मक तस्वीर

नैनबाग में यमुना नदी पर संकट: कूड़ा-कचरे से पट रही जीवनदायिनी मां यमुना

केदारनाथ आपदा की 13वीं बरसी पर भावुक श्रद्धांजलि, सैकड़ों लोगों ने किया दो मिनट का मौन

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में बनेगा भव्य सीता सर्किट, एक साथ जुड़ेंगे चार प्रमुख धार्मिक स्थल

प्रतीकात्मक तस्वीर

हेमकुंट साहिब ट्रस्ट की अपील: यात्रा में अनुशासन रखें, कानून हाथ में न लें

Load More

ताज़ा समाचार

विश्व योग चैंपियनशिप में प्रतिभागी

योग: भारत के सॉफ्ट पावर मॉडल का दुनिया भर में बजा डंका

22 जून का पंचांग

22 जून का पंचांग: अष्टमी तिथि पर बन रहे विशेष योग, जानें आज की ग्रह-स्थिति और शुभ समय

RSS BJP and West Bengal History Dr Hedgewar Dr Shama Prasad Mukherjee

डॉ हेडगेवार, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बंगाल: ऐतिहासिक जुड़ाव

rss leader bhaiyyaji joshi addresses kaushik ashram pune reconstruction event

वरिष्ठों की सेवा हमारा पवित्र कर्तव्य: भैयाजी जोशी ने कहा- “कौशिक आश्रम कार्यालय नहीं, पारिवारिक स्नेह का घर है”

PM Modi foreign visit

NEET अभ्यर्थियों को न हो परेशानी, इसलिए एयरपोर्ट पर रुके रहे PM मोदी

आज की ताजा खबरें

21 जून की बड़ी खबरें: ईरान से ब्रिटेन तक मचा बवाल, पढ़ें दिनभर की 7 सबसे बड़ी अपडेट

Indian Railways

अब बिना टिकट सफर करना पड़ेगा भारी, रेलवे ने बदले नियम

Lucknow Sanatan dharma Ghar wapsi

घर वापसी: लखनऊ में शबनम और हम्जा अली ने अपनाया सनातन धर्म, नाम भी बदले

International Yoga Day

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: शांतिकुंज में गायत्री परिवार का भव्य योग अभियान, 80 देशों में हुआ कार्यक्रम

Uttarakhand Yog

उत्तराखंड: योग के साथ स्वच्छता का संदेश, शांतिकुंज साधकों ने साफ किया पंतद्वीप

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies