चंबल नदी के जलीय जीवों की अब डिजिटल निगरानी, वन कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित
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चंबल नदी के जलीय जीवों की अब डिजिटल निगरानी, वन कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित

टर्टल सर्वाइवल एलायंस के साथ मिलकर ये तकनीक जलीय जीवों की निगरानी के लिए इस्तेमाल में लाई जाएगी।

Written byपश्चिम यूपी डेस्कपश्चिम यूपी डेस्क
Jun 1, 2022, 03:27 pm IST
inउत्तर प्रदेश
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

यूपी के इटावा जिले में बहने वाली चंबल नदी में जलीय जीवों पर आधुनिक डिजिटल तरीकों से निगरानी की जाएगी। चंबल वन क्षेत्र के डीएफओ ने बताया है कि टर्टल सर्वाइवल एलायंस के साथ मिलकर ये तकनीक जलीय जीवों की निगरानी के लिए इस्तेमाल में लाई जाएगी।

चंबल वन क्षेत्र के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव के अनुसार चंबल नदी डेढ़ सौ किमी क्षेत्र से होकर गुजरती है। नदी के जल में मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुए, स्किमर और डॉल्फिन आदि संरक्षित जलीय जीव हैं, जिनका हमें संरक्षण करने का दायित्व है। इन जीवों पर अभी वन कर्मी अपने अनुभव के आधार पर ही निगरानी रखते आए हैं। अब वन विभाग इन जीवों पर सीसीटीवी, जीपीएस चिप और अन्य डिजिटल तकनीक के सहारे निगरानी रखने जा रहा है। हमें यह कार्य टर्टल सर्वाइवल एलायंस (टीएसए) का सहयोग मिला है। इस संस्था ने नई तकनीक के लिए वन कर्मियों की टीम को प्रशिक्षित किया है।

टीएसए के प्रशासनिक अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि चंबल नदी में जीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक से निगरानी तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। इससे संरक्षित जीवों का जीवन बचाने और उनकी संख्या में वृद्धि करने में मदद मिलेगी। चंबल नदी में मगरमच्छ और घड़ियालों को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक भी आ रहे हैं। वन विभाग यहां आने वाले पर्यटकों के लिए और सुविधाएं बढ़ा रहा है।

Topics: Forest workersDigital surveillanceचंबल नदीTurtle Survival Allianceजलीय जीवजलीय जीवों की निगरानीवन कर्मीडिजिटल निगरानीटर्टल सर्वाइवल एलायंसChambal RiverAquaticAquatic monitoring
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