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कश्मीर में आतंकी मस्जिद-जियारतगाहों को बना रहे ठिकाना, आईजी ने कहा-साजिश से रहें सावधान

Written byPanchjanyaPanchjanya
Mar 13, 2022, 11:59 pm IST
inभारत, जम्‍मू एवं कश्‍मीर
कश्मीर में आतंकियों द्वारा मजहबी जगहों का दुरुपयोग कोई नया नहीं है। इससे पहले भी आतंकी इनकी आड़ लेकर जम्मू-कश्मीर को अशांत करते रहे हैं। अब वर्षों बाद फिर से आतंकी मस्जिद और जियारतगाहों में मुठभेड़ के दौरान दाखिल हो रहे हैं

 

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी एक बार फिर मजहबी स्थलों को न केवल ठिकाना बना रहे हैं बल्कि उनकी आड़ लेकर कश्मीर को अशांत करने की साजिश रच रहे हैं। कश्मीर संभाग के आईजी विजय कुमार के अनुसार आतंकी अब मस्जिदों और दारुल उल उलूम काे अपना नया ठिकाना बना रहे हैं। आवाम को इससे सचेत रहने की जरूरत है। क्योंकि पिछले दिनों पुलवामा के चीवाकलां मुठभेड़ में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के दोनों आतंकी एक दारुल उल उलूम में छिपे थे। इसी परिसर में एक मस्जिद भी है। इसी तरह गत दिनों पुलवामा के बटपोरा में भी आतंकी जान बचाते हुए एक मस्जिद परिसर में दाखिल हो गए थे। उन्होंने मस्जिद के साथ सटे कमरे में शरण ली और वहीं से सुरक्षाबलों पर फायरिंग की। पिछले दिनों हजरतबल दरगाह में भी पाकिस्तानी आतंकी हमजा ने दो जिहादी साथियों के साथ सुरक्षाबलों पर हमला किया था। इस कार्रवाई में आतंकी हमजा मारा गया, जबकि उसके साथी भाग निकले थे। 

उल्लेखनीय है कि कश्मीर में आतंकियों द्वारा मजहबी जगहों का दुरुपयोग कोई नया नहीं है। इससे पहले भी आतंकी इनकी आड़ लेकर जम्मू—कश्मीर को अशांत करते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ से आतंकियों ने मस्जिदों और जियारतगाहों को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। पर अब वे फिर से इन्हें पनाहगाह के तौर पर इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। कश्मीर के जानकार मानते हैं कि आतंकी एक सोची समझी—साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। वे अपने आकाओं के इशारों पर घाटी को अशांत करने के लिए हर वह काम करेंगे जिससे यहां का आवाम भड़के। इन तत्वों को लगता कि जब आतंकी मजहबी जगहों पर दाखिल होंगे और वहां मुठभेड़ होगी तो लोग भड़केंगे और सुरक्षाबलों के खिलाफ सड़कों पर आ जाएंगे। बस यहीं से उनका काम आसान होना शुरू हो जाएगा।

साजिश को करेंगे नाकाम

आइजी विजय कुमार कहते हैं कि आतंकी सीमा पार बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर मस्जिदों, जियारतगाओं में दाखिल हो रहे हैं। वह जानते हैं कि मु़ठभेड़ के दौरान इन मजहबी जगहों को हानि पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में वह लोगों को भड़काकर कानून-व्यवस्था का संकट पैदा करने की अपनी साजिश में कामयाब हो जाएंगे।

मैं ऐसे लोगों को बताना चाहता हूं कि हम उनके मंसूबे को अच्छी तरह समझते हैं। यहां का आवाम भी इस साजिश को जान चुका है। इस षड़यंत्र को नाकाम करने के लिए प्रभावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसका नतीजा भी बीते दिनों देखा गया है। हमने मजहबी स्थलों को नापाक कर रहे आतंकियों को मार गिराया और लोगों ने पूरा संयम बनाए रखा है। मेरी आवाम व मजहबी नेताओं से अपील है कि वे मजहबी केंद्रों में राष्ट्रविरोधी तत्वों को किसी भी गैर कानूनी गतिविधि का केंद्र न बनने दें।

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