भारत में 10 मार्च को आए पांच राज्यों के चुनाव नतीजों की धमक भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के अखबारों पर छाई रही। अमेरिका के द न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर पाकिस्तान के डॉन ने इन नतीजों पर संपादकीय टिप्पणियां करते हुए इन्हें 2024 के चुनाव नतीजों की झलक बताया। न्यूयार्क टाइम्स ने तो योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संभावित उत्तराधिकारी तक बता दिया।
भारत में आए चुनावी नतीजों के समाचार सीमा पार के मीडिया में भी खलबली मचा रहे हैं। पड़ोसी देशों पाकिस्तान तथा नेपाल के अखबारों ने भी इन नतीजों पर समाचार छापे हैं। विदेशों के ज्यादातर मीडिया में इन नतीजों को प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता तथा बढ़ती राजनीतिक ताकत से जोड़कर देख गया है। लेकिन इन समाचारों में भी उत्तर प्रदेश की चर्चा हावी दिखती है।
पाकिस्तान का एक्सप्रेस ट्रिब्यून अपने वेब पोर्टल पर लिखता है—'भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में जीत के मायने बेहद खास हैं। ध्यान से देखने पर पता चलता है कि भारत की जनता के दिमाग में क्या है। कह सकते हैं, इससे अगले आम चुनावों के नतीजों का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। मोदी की भारतीय जनता पार्टी ने यहां 403 में से 250 से ज्यादा सीटें जीती हैं'।
इसी तरह पाकिस्तान का मशहूर अंग्रेजी दैनिक डॉन लिखता है-'देश के सबसे बड़े राज्य में मोदी की पार्टी की यह सबसे बड़ी जीत है। इसे देखने के नजरिए अलग हो सकते हैं, लेकिन बेशक ये नतीजे 2024 के आगामी लोकसभा चुनाव की झलक के साथ ही उसके नतीजों के बारे में एक अंदाजा देते हैं। हिंदू राष्ट्रवादियों की पार्टी भाजपा ने 403 में से आधे से ज्यादा सीटें जीती हैं।…भाजपा की यह जीत दिखाती है कि मोदी कितने लोकप्रिय हैं।

बीबीसी हमेशा हिन्दुत्व विरोधी ही रही है, हिन्दू विरोधी विमर्श को बढ़ाया ही है, बल्कि कोरोना काल में भी सरकार के सकारात्मक प्रयासों को दिखाने की बजाय केन्द्र सरकार की नकारात्मक छवि बनाने की होड़ में ही दिखी। अब बीबीसी के अनुसार—'मोदी तथा भाजपा ने उत्तर प्रदेश के 30 साल के इस मिथक को तोड़ दिया कि वहां कोई भी पार्टी दूसरी बार सरकार नहीं बना पाती। पार्टी ने यहां आसानी से जीत दर्ज की, जबकि मुकाबला कड़ा माना जा रहा था।…संत से राजनीतिज्ञ बने योगी अब दूसरी बार सरकार चलाएंगे। उन्हें देखने—सुनने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटती है'। |
अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है-'भारत के सबसे बड़े प्रांत में मोदी की पार्टी सत्ता में बनी रहेगी। ये जीत इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि आर्थिक तौर पर लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुई हैं। मोदी की जीत इस मायने में भी खास है, क्योंकि 30 साल से ज्यादा वक्त बाद कोई पार्टी लगातार दूसरी बार प्रदेश में सरकार बनाने वाली है। इस विजय से योगी आदित्यनाथ और ताकतवर होंगे। उन्हें मोदी का संभावित उत्तराधिकारी कहा जाता है।…ये सही है कि उत्तर प्रदेश में 2017 के मुकाबले भाजपा की सीटें कम आई हैं, लेकिन फिर भी वे पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाएगी'।
अक्सर भारत विरोधी भावनाओं को हवा देता रहा अमेरिका का वाशिंगटन पोस्ट अखबार भी इन नतीजों पर टिप्पणी करने से नहीं चूका। उसने लिखा-'मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की विजस का सिलसिला जारी है। पांच राज्यों में चुनाव हुए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश की चल रही है। इस प्रदेश में जीतने से मोदी और मजबूत होंगे। वो सेकुलर राज्य की बजाय हिंदू देश की सोच पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। 403 में से 250 से ज्यादा सीटें जीतने का मतलब है कि प्रदेश में एक ताकतवर सरकार बनेगी। आर्थिक परेशानियों के बाद भी साबित हो गया है कि मोदी की लोकप्रियता न सिर्फ बनी हुई है, बल्कि ये बढ़ी ही है'।
ब्रिटेन की ब्रॉडकास्टिंग कंपनी बीबीसी हमेशा हिन्दुत्व विरोधी ही रही है, हिन्दू विरोधी विमर्श को बढ़ाया ही है, बल्कि कोरोना काल में भी सरकार के सकारात्मक प्रयासों को दिखाने की बजाय केन्द्र सरकार की नकारात्मक छवि बनाने की होड़ में ही दिखी। अब बीबीसी के अनुसार—'मोदी तथा भाजपा ने उत्तर प्रदेश के 30 साल के इस मिथक को तोड़ दिया कि वहां कोई भी पार्टी दूसरी बार सरकार नहीं बना पाती। पार्टी ने यहां आसानी से जीत दर्ज की, जबकि मुकाबला कड़ा माना जा रहा था।…संत से राजनीतिज्ञ बने योगी











