
प्रतीकात्मक - चित्र
भारत को लेकर चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जहां एक तरफ रूस और यूक्रेन में सैन्य अभियान चल रहा है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चीन भारत को बदनाम करने की कोशिश में लगा हुआ है। दरअसल चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत के ऐतिहासिसक धरोहर कुतुब मीनार को रूस के झंडे के रंग में रोशन करने की दावा किया था। जिसे भारत ने झूठ करार दिया है।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक ट्विट कर दिल्ली स्थित कुतुब मीनार का फोटो शेयर किया। इसमें कुतुब मीनार रेड, ब्लू और व्हाइट रंग की रोशनी में डूबी दिख रही है। ग्लोबल टाइम्स ने लिखा- नई दिल्ली में मौजूद एक ऐतिहासिक बिल्डिंग कुतुबमीनार को भारत ने रूसी झंडे के रंगो से रोशन कर दिया है। चीन ने रूस-यूक्रेन तनाव के बीच भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने के लिए यह झूठ फैलाया। ग्लोबल टाइम्स द्वारा ट्वीट की गईं तस्वीरों में कुतुब मीनार को नीले और लाल रंग में देखा जा सकता है। इसी नीले और लाल रंग को आधार बनाकर चीन ने यह झूठ फैलाने की कोशिश की ताकि पूरी दुनिया में इसका एक अलग संदेश जाए कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध में भारत रूस का समर्थन कर रहा है।
वहीं पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने ग्लोबल टाइम्स के इस दावे को झूठा करार देते हुए ये बताया कि कुतुब मीनार की ये फोटो जन औषधि दिवस के सेलिब्रेशन की है। पीआईबी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किए गए ओरिजिनल ट्वीव को भी शेयर किया। जिसमें लिखा गया है कि 5 से 7 मार्च 2022 तक कुतुबमीनार को आजादी के अमृत महोत्सव और जन औषधि के थीम पर रोशन किया गया। केवल रंग देखकर झूठ फैलाने वाले चीन ने एक भी बार इन फोटो की सच्चाई जानने की कोशिश नहीं की। या फिर सच्चाई को जानबूझकर इग्नोर किया गया। दरअसल, सच्चाई यह है कि आजादी के अमृत महोत्सव पर कुतुब मीनार को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना थीम के रंग में रंगा गया था। कुल मिलाकर पीआईबी फैक्ट चेक में कुतुब मीनार पर रूसी झंडे के थीम की बात गलत साबित हुई।
झूठ के लिए कुख्यात है ग्लोबल टाइम्स
चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स झूठ फैलाने के लिए कुख्यात है. ये पहली बार नहीं इससे पहले भी कई बार इसने झूठ भारत के खिलाफ झूठ फ़ैलाने की कोशिश की है. और भारत ने हर बार ही तथ्यों के साथ इसके झूठ को उजागर किया है. बता दें कि हाल ही में आंग्ल नववर्ष के मौके पर चीन ने गलवान घाटी में अपना झंडा फहराने का वीडियो वायरल कर अपने प्रोपेगेंडा वार के जरिए भारत को उकसाने की कोशिश की थी। जिसपर भारत ने गलवान घाटी में फहराए गए तिरंगे के साथ भारतीय सैनिकों की तस्वीर जारी करके चीन के झूठ का खुलासा करके असलियत बताई है।