रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में हजारों भारतीय छात्र पराए देश में फंसा हुआ महसूस कर रहे थे। ऐसे में जहां भारत सरकार के आपरेशन गंगा अभियान ने उन्हें भारत पहुंचाया है, बल्कि सेवा इंटरनेशनल ने अपने स्तर पर यूक्रेन में छात्रों की भरपूर मदद की है।
संस्था के कार्यकर्ता दिन—रात लगकर छात्रों को युद्धग्रस्त इलाकों से निकालकर सुरक्षित ठिकानों पर ले जा रहे हैं, उनके खाने—पीने का इंतजाम कर रहे हैं और लाने—ले जाने के लिए बसों आदि की व्यवस्था में जुटे हैं। यह जानकारी यूक्रेन की राजधानी कीव व अन्य शहरों से लगातार प्राप्त हो रही है।
सेवा इंटरनेशनल असमंजस में पड़े भारतीय छात्रों के लिए बसों, भोजन आदि के साथ ही उन्हें दूसरे शहरों तक भेजने के लिए ट्रेनों की व्यवस्था कर रहा है। संस्था के कार्यकर्ता सुनिश्चित कर रहे हैं कि ये छात्र अपने घर सुरक्षित लौटें इसलिए वे खुद उन्हें सीमा चौकियों तक ले जा रहे हैं, निर्देशित कर रहे हैं, जहां से उन्हें भारतीय दूतावास के कर्मचारी नजदीकी हवाई अड्डे तक ले जाते हैं।
यूक्रेन-रूस युद्ध के बढ़ते जाने के साथ ही, यूक्रेन में फंसे भारतीयों को राहत मिले इसकी चिंता में संस्था सतत सक्रिय है। उद्देश्य यही है कि कोई भारतीय छात्र या परिवार किसी तरह की मुसीबत में न फंसे और भारत में अपने घर सुरक्षित पहुंचे। राहत का यह सारा कार्य स्वप्रेरणा से सेवा इंटरनेशनल के कार्यकर्ता कर रहे हैं।

यूक्रेन ही नहीं, रोमानिया में भी सेवा इंटरनेशनल भारतीय छात्रों की हर प्रकार से सहायता कर रही है, उनके लिए शिविरों की व्यवस्था की गई है। सेवा इंटरनेशनल ने अपनी ओर से यूक्रेन के राहत कार्यों के लिए 10,000 डॉलर जारी किए हैं।
सेवा इंटरनेशनल यूरोप हिंदू स्वयंसेवक संघ (एचएसएस) यूक्रेन के साथ समन्वय करते हुए कार्यरत है और जमीनी स्तर पर इन परेशान छात्रों की सेवा कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि सेवा इंटरनेशन यूरोप की यूक्रेन के 10 प्रमुख शहरों में उपस्थिति है।
सेवा इंटरनेशनल के अनुसार, संस्था की हेल्पलाइन— https://bit.ly/SewaUkraineHelpline पर अब तक 4000 से अधिक छात्र पंजीकरण करा चुके हैं। उन्हें जानकारी, दिशानिर्देश और नैतिक संबल प्रदान किया जा रहा है। सेवा इंटरनेशनल यूरोप द्वारा छात्रों के लिए विशेष रूप से विन्नित्सा से चेर्नोत्सी शहर तक वाहनों से पहुंचाया है। कार्यकर्ता छात्रों को चेर्नोत्सी से रोमानियाई सीमा तक पहुंचाते हैं, उनकी आगे की यात्रा के लिए भोजन आदि की व्यवस्था करते हैं। संस्था द्वारा यूक्रेन में जारी सेवा कार्यों की और अधिक जानकारी इन वेबसाइट से भी प्राप्त की जा सकती है— https://linktr.ee/sewaeurope, https://www.facebook.com/SewaEuropeOfficial या https://www.instagram.com/sewaeurope/.
यूक्रेन से जिन छात्रों की सुरक्षित निकासी में सेवा इंटरनेशनल के कार्यकर्ताओं ने मदद की है उनमें से कई ने कैमरे के आगे आकर सेवा इंटरनेशनल के प्रति आभार व्यक्त किया है। ऐसी ही एक भारतीय छात्रा राजविंदर कौर ने कहा, "हम सेवा इंटरनेशनल के कार्यकताओं के बहुत आभारी हैं क्योंकि वे दिन—रात हमारी सहायता कर रहे हैं। वे सोए भी नहीं हैं। उन्होंने हर तरह से हमारी मदद की है। हम उनके बहुत आभारी हैं! जय हिंद! जय भारत!"
यूक्रेन ही नहीं, रोमानिया में भी सेवा इंटरनेशनल भारतीय छात्रों की हर प्रकार से सहायता कर रही है, उनके लिए शिविरों की व्यवस्था की गई है। सेवा इंटरनेशनल ने अपनी ओर से यूक्रेन के राहत कार्यों के लिए 10,000 डॉलर जारी किए हैं। साथ ही लोगों की मदद के लिए फेसबुक पर फंड जुटाने का अभियान भी शुरू किया है।











