मुस्लिम देशों में सबसे कट्टर सुन्नी देश सऊदी अरब में योग उत्सव मनाया जाना भारत की संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों का दुनिया में बढ़ता सम्मान दर्शाता है। 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाना इस दिशा में पहला सकारात्मक कदम कहा जा सकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की जितनी तारीफ की जाए, कम है।
यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में योग और अध्यात्म जैसे भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को लोग आत्मसात् कर रहे हैं। योग की इसी वैश्विक स्वीकार्यता को दिखाता है सऊदी अरब जैसे देश में भी योग उत्सव का आयोजन होना। वहां यह पहला योग उत्सव 29 जनवरी से 1 फरवरी तक मनाया जा रहा है।

सऊदी योग समिति की अध्यक्ष नाउफ बिंते मुहम्मद अल-मारवाई ने कहा, ''योग को लेकर लोगों में जो उत्साह है उसी की वजह से योग पिछले 20 साल के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है।''
उल्लेखनीय है कि गत 29 जनवरी को सऊदी अरब के मशहूर सागरतट बे ला सन पर इस खाड़ी देश के पहले योग उत्सव का उद्घाटन हुआ। सऊदी योग समिति की तरफ से आयोजित इस उत्सव में इस इस्लामी देश में योग की शिक्षा और प्रचार—प्रसार में संलग्न करीब एक हजार योग शिक्षकों ने भाग लिया। योग करने वालों में 10 से 60 वर्ष तक की उम्र के साधक—साधिकाएं थीं।
योग एत्सव का यह आयोजन किंग अब्दुल्ला सिटी के जुमान पार्क में किया गया। इस अभूतपूर्व उत्सव में युवा लड़कियों और महिलाओं ने भी बढ़—चढ़कर भाग लिया। उत्सव में खुले में योग का प्रशिक्षण और इससे जुड़ी गतिविधियों से जुड़ी कई कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में अनेक जिज्ञासु लोग शामिल हुए। लोगों ने बताया कि योग के लिए उत्सुकता और इसे रोजमर्रा जीवन में अपनाने की इच्छा से वे इसमें सम्मिलित हुए हैं।
इस देश के मशहूर समाचार पोर्टल अल अरेबिया से बात करते हुए सऊदी योग समिति की अध्यक्ष नाउफ बिंते मुहम्मद अल-मारवाई ने कहा, ''योग को लेकर लोगों में जो उत्साह है उसी की वजह से योग पिछले 20 साल के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुका है।'' उन्होंने कहा, ''आज हमारे देश में अनेक योग शिक्षक हैं। इनकी संख्या 10 हजार से भी ज्यादा है। देश में खेल मंत्रालय के योग सिखाने वाले जिम और केन्द्रों को लाइसेंस देना शुरू करने के साथ ही, हमारे देश में योग को प्रतिदिन करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। योग का काफी प्रसार हो रहा है।''
2021 की बात है जब भारत और सऊदी अरब में आपसी वार्ता के दौरान योग के संदर्भ एक समझौता किया गया था। इसी के तहत यह चार दिन का योग उत्सव आयोजित किया गया है।











