देवस्थानम बोर्ड भंग करने के फैसले का साधु-संतों ने किया स्वागत, कहा- अन्य मंदिर भी सरकारी हस्तक्षेप से हों मुक्त
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देवस्थानम बोर्ड भंग करने के फैसले का साधु-संतों ने किया स्वागत, कहा- अन्य मंदिर भी सरकारी हस्तक्षेप से हों मुक्त

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Nov 30, 2021, 06:10 pm IST
in भारत, उत्तराखंड
चित्र- साधु समाज

चित्र- साधु समाज

'सरकार ने अपने सम्मान की रक्षा की है और तीर्थ पुरोहित समाज को भी सम्मानित है किया'

 

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की घोषणा कर दी है। इस पर हरिद्वार में शाम्भवी पीठाधीश्वर, भूमा पीठाधीश्वर ने कहा कि सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। देवस्थानम बोर्ड को हटाकर तीर्थ पुरोहित समाज का सम्मान बढ़ाया है। भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज ने कहा कि सरकार को अपने अधीन मंदिर, मठ नहीं रखने चाहिए। उत्तराखंड सरकार ने यह नेक काम किया है।

शाम्भवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा है कि उत्तराखंड सरकार ने देर से फैसला लिया, लेकिन सही फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हिमालय क्षेत्र में गैर हिन्दू लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगाई जानी चाहिए। देवस्थानम बोर्ड को निरस्त कर सरकार ने अपने सम्मान की रक्षा की है और तीर्थ पुरोहित समाज को भी सम्मानित किया है। सरकार द्वारा देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने की घोषणा पर समस्त चार धाम हक हकूक धारी महापंचायत तीर्थ पुरोहित समिति ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने सरकार से विधानसभा में रद्द किए जाने की मांग की है। 

उत्तराखंड के चार धाम हक हकूक धारी महापंचायत तीर्थ पुरोहित समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कहा कि सभी तीर्थ पुरोहितों पंडा पंचायत के साथ उनके आंदोलन से जुड़े सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सरकार के निर्णय को उत्तराखंड के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को मानकर अपनी सद्बुद्धि का परिचय दिया है, लेकिन आंदोलन जब तक जारी रहेगा। तब तक विधानसभा में इसे निरस्त नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि यह जीत सभी संस्थाओं की जीत है। 

सरकार के फैसले से ऋषिकेश के भी तीर्थ पुरोहितों में खुशी जताई है। तीर्थ पुरोहित समिति ऋषिकेश के महामंत्री चेतन शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा उत्तराखंड के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि इस कानून के बनने के बाद चार धाम में सेवा देने वाले सभी तीर्थ पुरोहितों के हक हकूक पर सरकारी कुठाराघात होता। इसके हटने से उन्हें फिर उनके हक हकूक मिल जाएंगे। इस अवसर पर केदारनाथ महासभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, केदारनाथ सभा के सचिव कुबेरनाथ पोस्ती, तीर्थ पुरोहित सभा के राजेश बगवाडी ने कहा कि जिस दिन विधानसभा में इसकी घोषणा की जाएगी। उसके बाद चारों धामों में बहुत विशाल स्तर पर दिवाली मनाते हुए खुशी का इजहार किया जाएगा। माही जयराम आश्रम मे आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने केदारनाथ सभा के सभी पदाधिकारियों को देवस्थानम बोर्ड भंग किये जाने पर बधाई देते हुए उनका स्वागत किया।

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