पंजाब के 320,000 सैनिक लड़े थे प्रथम विश्व युद्ध में, 97 साल तक छुपा रहा उनका शौर्य अब आ रहा सामने
August 14, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

पंजाब के 320,000 सैनिक लड़े थे प्रथम विश्व युद्ध में, 97 साल तक छुपा रहा उनका शौर्य अब आ रहा सामने

Written byPanchjanyaPanchjanya
Nov 12, 2021, 05:28 pm IST
inविश्व
लंदन के इम्पीरियल वॉर म्यूजियम में संरक्षित 1914 के इस चित्र में पंजाबी सैनिक 'बम्बई' से पानी के जहाज पर सवार होते दिख रहे हैं

लंदन के इम्पीरियल वॉर म्यूजियम में संरक्षित 1914 के इस चित्र में पंजाबी सैनिक 'बम्बई' से पानी के जहाज पर सवार होते दिख रहे हैं

इन सैनिकों से जुड़ा रिकार्ड पाकिस्तान के लाहौर संग्रहालय के तहखाने में मिला है जिसे अब डिजीटल शक्ल देककर एक वेबसाइट पर डाला गया है

आज भारत के इतिहास का एक ऐसा पहलू धीरे—धीरे सामने आ रहा ​है जिसे 97 साल तक तहखाने की कैद भोगनी पड़ी थी। यह गाथा है पंजाब के उन 320,000 सैनिकों के शौर्य की जिन्होंने ब्रिटिश फौज के साथ प्रथम विश्वयुद्ध में अपनी वीरता का परचम फहराया था।
   
उल्लेखनीय है कि प्रथम विश्व युद्ध के वक्त सैनिकों की भर्ती का प्रमुख क्षेत्र पंजाब था। तब पंजाब के फौजी विदेशों सेनाओं का छठवां हिस्सा थे और भारत सेना में लगभग एक तिहाई।

यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि प्रथम विश्व युद्ध में पंजाब के 320,000 सैनिक लड़े थे। इनका रिकॉर्ड 97 साल तक एक तहखाने में कैद रहने के बाद अब सामने आने लगा है। अब तक ये गुमनाम ही रहे थे। अब ब्रिटिश इतिहासकारों ने उस युद्ध में भारतीय सैनिकों की शूरवीरता के संदर्भ में इनको उजागर किया है। इन सैनिकों से जुड़ा रिकार्ड पाकिस्तान के लाहौर संग्रहालय के तहखाने में मिला है जिसे अब डिजीटल शक्ल देककर 11 अक्तूबर को एक वेबसाइट पर डाला गया है।

अभी तक हुआ यह था कि ब्रिटेन और आयरलैंड के सैनिकों की बाद की पीढ़ियों और वहां के इतिहासकारों के पास सेवा से जुड़े रिकॉर्ड के सार्वजनिक डाटाबेस तो उपलब्ध थे। लेकिन भारत के सैनिकों के परिवारों के पास ऐसा कुछ भी नहीं था। पंजाबी मूल वाले ब्रिटेन के कुछ नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे डाटाबेस में अपने पूर्वजों को खोजें। कई परिवारों ने डाटाबेस खंगालने पर पाया कि उनके यहां के अनेक सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध में फ्रांस, मध्य पूर्व, अदन, गैलीपोली तथा पूर्वी अफ्रीका के साथ ही ब्रिटिश इंडिया के कई हिस्सों में अपनी सेवाएं दी थीं।

यूके पंजाब हेरिटेज एसोसिएशन के प्रमुख अमनदीप मदरा का कहना है कि प्रथम विश्व युद्ध में भारत की सेना में भर्ती के लिए पंजाब पर विशेष रूप से गौर किया गया था। उसे 'भर्ती मैदान' बोला जाता था। हैरानी की बात है कि वहां से इतने ज्यादा सैनिकों की भर्ती होने के बावजूद उनमें से ज्यादातर बहादुरों का योगदान भुलावे में ही रहा। 
 

1947 में बंटवारे के बाद पंजाब के दो टुकड़े हुए तथा एक हिस्सा भारत में ही रहा तो दूसरा पाकिस्तान में चला गया था। ब्रिटेन के मंत्री तनमनजीत ढेसी ने कई फाइलों से सबूत ढूंढकर उन्हें सामने रखा है। उनका कहना है कि उनके परदादा ने इराक में सेवा दी थी। उस युद्ध में वह घायल हो गए थे, जिसमें उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था। अब उम्मीद की जा रही है कि उपलब्ध हुए रिकॉर्ड भारत के उन जांबाज सैनिकों की शूरवीरता से पर्दा हटाएंगे और उनके बारे में चलती रहीं किंवदंतियों को स्पष्ट करेंगे। 

यूके पंजाब हेरिटेज एसोसिएशन के प्रमुख अमनदीप मदरा ने फाइलों के डिजिटलीकरण के लिए ग्रीनविच विश्वविद्यालय के साथ सहयोग किया है। उनका कहना है कि प्रथम विश्व युद्ध में भारत की सेना में भर्ती के लिए पंजाब पर विशेष रूप से गौर किया गया था। उसे 'भर्ती मैदान' बोला जाता था। हैरानी की बात है कि वहां से इतने ज्यादा सैनिकों की भर्ती होने के बावजूद उनमें से ज्यादातर बहादुरों का योगदान भुलावे में ही रहा। ज्यादातर मामलों तो ऐसे हैं कि उनमें सैनिकों के नाम तक ज्ञात नहीं हैं। जबकि भारत की सेना में लगभग एक तिहाई सैनिक पंजाब से ही थे। 
 

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर फहराती धर्म ध्वजा

राम मंदिर के CEO इंटरव्यू में क्या जनेऊ और खान-पान पर पूछे गए सवाल? जानें क्या है सच

chamoli tunnel accident

उत्तराखंड : निर्माणाधीन टनल में मलबा भरा, 13 लोगों का सुरक्षित निकाला गया, रेस्क्यू जारी

रामलीला मैदान में यज्ञ

कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में पेशाब से भरी बोतलें मिलने का दावा, शुद्धिकरण यज्ञ में थे वंचित समाज के लोग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और संदीप दीक्षित

और कितना नीचे गिरेगी कांग्रेस? राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति का उड़ाया मजाक, इटली की पीएम मेलोनी का भी अपमान

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी

‘सुशासन संवाद-राजस्थान’: राष्ट्रीय चेतना की सशक्त आवाज है पाञ्चजन्य- CM भजनलाल शर्मा

राजस्थान: 473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, CM भजनलाल शर्मा ने सौंपी खुशियों की चाबी

Load More

ताज़ा समाचार

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर फहराती धर्म ध्वजा

राम मंदिर के CEO इंटरव्यू में क्या जनेऊ और खान-पान पर पूछे गए सवाल? जानें क्या है सच

chamoli tunnel accident

उत्तराखंड : निर्माणाधीन टनल में मलबा भरा, 13 लोगों का सुरक्षित निकाला गया, रेस्क्यू जारी

रामलीला मैदान में यज्ञ

कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में पेशाब से भरी बोतलें मिलने का दावा, शुद्धिकरण यज्ञ में थे वंचित समाज के लोग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और संदीप दीक्षित

और कितना नीचे गिरेगी कांग्रेस? राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति का उड़ाया मजाक, इटली की पीएम मेलोनी का भी अपमान

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी

‘सुशासन संवाद-राजस्थान’: राष्ट्रीय चेतना की सशक्त आवाज है पाञ्चजन्य- CM भजनलाल शर्मा

राजस्थान: 473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, CM भजनलाल शर्मा ने सौंपी खुशियों की चाबी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सीएम धामी ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का किया आह्वान

बंगाल में गिरफ्तार पाक नागरिक के पास से सेना के पूर्वी कमान के मुख्यालय का नक्शा व तस्वीरें बरामद

बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल होगा ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी’ के बलिदान से जुड़ा अध्याय

प्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री से सम्मानित बेगम बतूल जी

बेगम बतूल ने छेड़ी राजस्थान की लोकधुन, फिर बोलीं ‘राम-राम’… सुशासन संवाद में दिखा संस्कृति का अनोखा रंग

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies