अफगानिस्तान के अलग अलग सूबों से अगवा किए गए इन व्यापारियों में राजधानी काबुल के भी कई व्यापारी शामिल हैं
वेब डेस्क
अफगानिस्तान में 15 अगस्त के बाद से बंदूकधारी तालिबान के राज में देश के व्यापारियों का बुरा वक्त आ गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते दो महीनों में वहां 40 से ज्यादा कारोबारियों का अपहरण किया जा चुका है, बहुतों की तो हत्या किए जाने के भी समाचार हैं।
तालिबान के झंडे तले पिसते अफगानिस्तान के अलग अलग सूबों से अगवा किए गए इन व्यापारियों में राजधानी काबुल के भी कई व्यापारी शामिल हैं। इनमें से कई अपहृत लोगों की हत्या की जा चुकी है। यह खुलासा किया है अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एसीसीआई) ने। अफगानिस्तान में व्यापारियों के अपहरण की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए व्यापारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
अगवा किए गए अधिकांश व्यापारी काबुल, कंधार, कुंदुज, नंगरहार, हेरात तथा बाल्क प्रांतों से हैं। अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष खान जान अलोकोजई का कहना है कि देश में करीब 40 व्यापारियों को अगवा किए जाने के मामले दर्ज हो चुके हैं। इन घटनाओं के पीछे बहुत बड़ा हाथ व्यापारियों से उनके हथियार ले लेना है।
एसीसीआई के अनुसार, अगवा किए गए अधिकांश व्यापारी काबुल, कंधार, कुंदुज, नंगरहार, हेरात तथा बाल्क प्रांतों से हैं। इस संस्था के उपाध्यक्ष खान जान अलोकोजई का कहना है कि देश में करीब 40 व्यापारियों को अगवा किए जाने के मामले दर्ज हो चुके हैं। पता यह भी चला है कि इनमें से अनेक की हत्या कर दी गई है। अफसोस जताते हुए खान ने आगे कहा कि इन घटनाओं के पीछे बहुत बड़ा हाथ व्यापारियों से उनके हथियार ले लेना है। इस्लामिक अमीरात ने व्यापारियों के पास सुरक्षा के लिए रहने वाले हथियार वापस लिए जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि चार व्यापारियों की तो अपहरणकर्ताओं के उनसे मारपीट करने की वजह से हुई हैं।
टोलो न्यूज के अनुसार, तालिबान के गृह मंत्रालय ने कहा है कि कारोबारियों की सुरक्षा सुनश्चिति करने हेतु जल्दी ही व्यापारियों को हथियारों के लाइसेंस दिए जाएंगे। मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खोस्ती के अनुसार, हथियारों के लाइसेंस देने का काम शुरू किया जाएगा। खोस्ती ने कहा है कि आने वाले दिनों में भी कारोबारियों को हथियार देने का काम जारी रहने वाला है। उनसे उनके पहले के लाइसेंस लेकर उनके बदले नये दिये जाएंगे।











