एप के माध्यम से यह आतंकी गुट 'इस्लामी तालीम' की आड़ में मुस्लिम युवाओं और बच्चों में मजहबी उन्माद जगाकर जिहादी आग भड़काता था
वेब डेस्क
गूगल ने देर से ही सही, लेकिन एक सख्त कार्रवाई करते हुए इस्लामी आतंकवादी गुट जैशे मोहम्मद के एक एप 'अच्छी बातें' को प्ले स्टोर से हटा दिया है। उसे रिपोर्ट मिली थीं कि इस एप के माध्यम से यह आतंकी गुट 'इस्लामी तालीम' की आड़ में मुस्लिम युवाओं और बच्चों में मजहबी उन्माद जगाकर जिहादी आग भड़काता था। 'अच्छी बातें' के बहाने युवाओं को आतंकवाद की तरफ कदम रखने को उकसाया जा रहा था।
ये एप सीधे जैशे मोहम्मद के कुख्यात सरगना मसूद अजहर से जुड़ा था। इस एप को बनाने वाले ने एक 'ब्लॉग पेज' भी बनाया हुआ था, जिसका एप की जानकारी वाले पेज से 'हाइपरलिंक' था। इस पेज पर दो और 'हाइपरलिंक' भी थे जो मसूद अजहर का वीडियो पर जिहादी पैगाम खोल देते थे।
उल्लेखनीय है कि आतंकी गुट जैशे मोहम्मद की जड़ें पाकिस्तान में हैं और यह भारत में बड़े पैमाने पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता रहता है। इसी गुट ने गूगल प्ले स्टोर पर ‘अच्छी बातें’ नाम से एप डाला हुआ था। बताते हैं अब तक इसे 5 हजार लोग डाउनलोड कर चुके थे। लेकिन 'अच्छी बातें' पर जानकारों की नजर पहुंचने के बाद एक मीडिया रिपोर्ट में इस छुपी आतंकी हरकत खुलासा हुआ। इसकी जानकारी मिलने के बाद गूगल ने कड़ा कदम उठाया और उक्त एप को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये एप सीधे जैशे मोहम्मद के कुख्यात सरगना मसूद अजहर से जुड़ा था। इस एप को बनाने वाले ने एक 'ब्लॉग पेज' भी बनाया हुआ था, जिसका एप की जानकारी वाले पेज से 'हाइपरलिंक' था। इस पेज पर दो और 'हाइपरलिंक' भी थे जो मसूद अजहर का वीडियो पर जिहादी पैगाम खोल देते थे। इतना ही नहीं, अजहर के छोटे भाई अब्दुल रौफ असगर तथा उसके नजदीकी कट्टरवादी तल्हा सैफ के वीडियो संदेश भी उपलब्ध थे। इसी के एक पेज पर आतंकी सरगना और भारत में कई आतंकवादी घटनाओं की साजिश रचने वाले जिहादी मसूद अजहर की लिखी किताबें थीं।











