विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक शीर्ष अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भारत में कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक इस टीके पर पूरी तत्परता से तकनीकी समिति को लगातार आंकड़े उपलब्ध करा रही है
वेब डेस्क
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने भारत में कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक की तारीफ करते हुए कहा है कि बहुत संभव है अगले हफ्ते तक कोवैक्सीन को संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य एजेंसी की मंजूरी मिल जाएगी। डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह की हाल में संपन्न बैठक में कोवैक्सीन को आपात उपयोग के लिए सूचीबद्ध करने पर चर्चा हुई और नफे—नुकसान के आकलन के लिए भारत बायोटेक से और कुछ स्पष्टीकरण मांगे गए हैं। बैठक के बाद कहा जा रहा है कि अगले हफ्ते तक कोवैक्सीन को इस दृष्टि से इस एजेंसी की मंजूरी मिल जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक शीर्ष अधिकारी ने 28 अक्तूबर को स्पष्ट किया है कि भारत में कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक इस टीके पर पूरी तत्परता से तकनीकी समिति को लगातार आंकड़े उपलब्ध करा रही है। इसीलिए आशा है कि कोवैक्सीन को अगले हफ्ते डब्ल्यूएचओ की तरफ से आपात उपयोग के लिए हरी झंडी मिल जाएगी। उक्त अधिकारी ने इस बात को रेखांकित किया कि संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था डब्ल्यूएचओ उच्च गुणवत्ता के टीके तैयार कर रहे भारतीय उद्योग पर बहुत भरोसा करती है।
डब्ल्यूएचओ की अधिकारी का भारतीय उद्योग को लेकर इस तरह भरोसा जताना बहुत कुछ कहता है। यह फार्मा क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख को रेखांकित करता है। महामारी के काल में भारत ने अपनी वैश्विक जिम्मेदारी निभाते हुए विश्व के अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई है, जिसकी दुनिया के तमाम राजनेताओं ने दिल खोलकर प्रशंसा की है।
बता दें कि कोवैक्सीन तैयार करने वाली हैदराबाद में स्थित कंपनी भारत बायोटेक की तरफ से गत 19 अप्रैल को इस वैक्सीन को आपात उपयोग हेतु सूचीबद्ध करने के लिए डब्ल्यूएचओ को 'एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट' वर्ग में आवेदन दिया था। पिछले दिनों इस पर चर्चा के लिए इस संगठन के तकनीकी सलाहकार समूह की बैठक हुई थी, इसके बाद भारत बायोटेक कंपनी से कोवैक्सीन के आपात उपयोग हेतु सूचीबद्ध करने से पूर्व कुछ और स्पष्टीकरण मांगा गया था।
उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएचओ की अधिकारी का भारतीय उद्योग को लेकर इस तरह भरोसा जताना बहुत कुछ कहता है। यह फार्मा क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख को रेखांकित करता है। महामारी के काल में भारत ने अपनी वैश्विक जिम्मेदारी निभाते हुए विश्व के अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई है, जिसकी दुनिया के तमाम राजनेताओं ने दिल खोलकर प्रशंसा की है।











