कोरोना में भी कारगर साबित हुआ 'आयुष' -- राष्ट्रपति
August 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

कोरोना में भी कारगर साबित हुआ ‘आयुष’ — राष्ट्रपति

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 30, 2021, 01:14 pm IST
in भारत, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के प्रथम आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला राष्ट्रपति ने रखी. आयुष विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने में आयुष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 


महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के शिलान्यास स्थल पर पहुंचकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सबसे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कर आधारशिला रखी. राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि वैदिक काल से हमारे यहां आरोग्य को सर्वाधिक महत्व दिया जाता रहा है. किसी भी लक्ष्य को साधने के लिए शरीर पहला साधन होता है. योग के माध्यम से सामाजिक जागरण का अलख जगाने वाले महायोगी गोरखनाथ ने कहा है, 'यदे सुखम तद स्वर्गम, यदे दुखम तद नर्कम'.

शरीर को निरोग बनाने में आयुष की महत्वपूर्ण भूमिका

राष्ट्रपति ने कहा कि प्राचीन काल से ही शरीर को स्वस्थ रखने की कई पद्धतियां प्रचलित रही हैं, इन्हें सामूहिक रूप में आयुष कहते हैं. दो दशकों से आयुष की लोकप्रियता में काफी बढ़ोतरी हुई है. इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है. हमारे यहां कहा गया है, पहला सुख निरोगी काया. गोस्वामी तुलसीदास ने भी कहा है, बड़े भाग मानुष तन पावा. मानुष तन को निरोगी रखने में आयुष महत्वपूर्ण है.  महायोगी गोरखनाथ के नाम पर आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है और जल्द ही इससे सम्बद्ध होकर उत्तर प्रदेश में आयुष के सभी संस्थान और बेहतर कार्य कर सकेंगे.

 

भारत की संस्कृति जितना प्राचीन है योग

राष्ट्रपति ने कहा कि जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में योग की उपयोगिता से हम सभी परिचित हैं. भारत का योग यहां की संस्कृति जितना ही प्राचीन है. ऋग्वेद के समय से ही योग की महत्ता सर्वविदित है. तनाव व चिंता से निवारण में योग के उपाय अचूक हैं. योग के क्षेत्र में महायोगी गोरखनाथ का योगदान अविस्मरणीय है. गोरखनाथ जी का जीवन बेहद उदात्त था इसीलिए कबीर दास जी ने उन्हें कलिकाल में अमर बताया है. गोस्वामी तुलसीदास जी कहते थे, गोरख जगायो योग. योगशास्त्र की महत्ता पर खुद गुरु गोरखनाथ कहते थे, जिसने नियमित योगशास्त्र पढ़ लिया उसे अन्य किसी शास्त्र की आवश्यकता नहीं है.  योग भारत की विविधताओं में एकता का उत्तम उदाहरण है. दक्षिण भारत में यह विधा आज भी प्रचलित है. इस विधा के अंतर्गत खनिजों से इमरजेंसी मेडिसिन बनाने के प्रवर्तक महायोगी गोरखनाथ ही थे.

 उन्होंने कहा कि आयुर्वेद प्राचीनतम चिकित्सा प्रणाली है जिसमें मन, शरीर और आत्मा के संतुलन पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है जबकि प्राकृतिक चिकित्सा हमें अपने गांव, आसपास उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से निरोग होने की राह दिखती है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी प्राकृतिक चिकित्सा के प्रबल पक्षधर थे. उनका मानना था कि छात्रों को अपने शरीर के साथ ही गांव और क्षेत्र के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए क्योंकि हमारे आसपास प्राकृतिक चिकित्सा के लिए जड़ी बूटियों का खजाना है. आयुष की पद्धतियों में सबसे प्राचीन योग एवं आयुर्वेद पूरे विश्व को भारत की तरफ से दिया गया अनुपम उपहार है. 

 

Follow us on:
 

 

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘द्वेष भाव से दी गई गालियां देती हैं गहरे घाव’

पंजाब: पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार तस्करी का प्रयास नाकाम, सात पिस्तौल; ग्राफर गन और 89 कारतूस जब्त

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 50 लाख से ज्यादा परिवारों को मिला फायदा, 12 लाख लोगों ने बिजली बेच कमाए 421 करोड़

(Image created by AI)

उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने फिर मचाई तबाही, देहरादून-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी

CM Yogi Aadityanath Ram Mandir Dhrama Dhwaja rohan

उत्तर प्रदेश सरकार का ऐतिहासिक कदम, मदरसा बोर्ड अब कामिल-फाजिल डिग्री नहीं देगा

NCPCR Sent notice to Meta

NCPCR ने मेटा को नोटिस जारी किया: इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण कंटेंट और विज्ञापनों की जांच शुरू

Load More

ताज़ा समाचार

‘द्वेष भाव से दी गई गालियां देती हैं गहरे घाव’

पंजाब: पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार तस्करी का प्रयास नाकाम, सात पिस्तौल; ग्राफर गन और 89 कारतूस जब्त

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 50 लाख से ज्यादा परिवारों को मिला फायदा, 12 लाख लोगों ने बिजली बेच कमाए 421 करोड़

(Image created by AI)

उत्तराखंड में मानसूनी बारिश ने फिर मचाई तबाही, देहरादून-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी

CM Yogi Aadityanath Ram Mandir Dhrama Dhwaja rohan

उत्तर प्रदेश सरकार का ऐतिहासिक कदम, मदरसा बोर्ड अब कामिल-फाजिल डिग्री नहीं देगा

NCPCR Sent notice to Meta

NCPCR ने मेटा को नोटिस जारी किया: इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े यौन शोषण कंटेंट और विज्ञापनों की जांच शुरू

Punjab police busted ISI terror module

जंतर-मंतर हमले की साजिश नाकाम: अमृतसर पुलिस ने पकड़े ISI से जुड़े गिरोह, बरामद हुए बम-पिस्तौल

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए को निरस्त करने के बाद आया बदलाव

बांग्लादेश में छात्र गुटों के बीच टकराव

शेख हसीना के खिलाफ विद्रोह करने वाले छात्र संगठनों के बीच भयानक जंग, बांग्लादेश में रंगपुर से लेकर ढाका तक अशांति

FCRA Bill 2026 relay moore

FCRA बिल 2026: कानून भारत में बन रहा, पर दिक्कत अमेरिका को क्यों?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies