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होम भारत दिल्ली

”हमारे देवता बजरंग बली हैं, मैं अंतिम सांस तक उन्हीं की पूजा करूंगी”

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 24, 2021, 12:00 am IST
inदिल्ली
धर्मरक्षक मंझली मरांडी

धर्मरक्षक मंझली मरांडी


हजारीबाग के दारू प्रखंड के एक गांव की 75 वर्षीया महिला मंझली मरांडी पर ईसाई बनने का दबाव डाला गया तो उन्होंने कहा कि मैं हिंदू हूं और हिंदू ही रहूंगी। कोई मुझे लोभ—लालच से ईसाई नहीं बना सकता है।


झारखंड में कोरोना काल में ईसाइयों द्वारा जमकर कन्वर्जन किया गया है। धीेरे—धीरे उसकी पोल खुल रही है। नया मामला हजारीबाग का है। यहां के दारू प्रखंड के कई गांवों में लगभग 200 लोगों को ईसाई बनाया गया है। हालांकि इनमें से कुछ लोग अब पुन: हिंदू बन गए हैं। इस दौरान मंझली मरांडी नामक एक 75 वर्षीया वृद्धा की दृढ़ता के सामने ईसाई मिशनरी के लोग असहाय हो गए। बता दें कि इस महिला के दो बेटे बादल मरांडी और मोहन मरांडी लगभग 18 महीने पहले ईसाई बन चुके थे। इसके बाद वृद्धा पर भी ईसाई बनने का दबाव डाला जा रहा था। महीनों से उन पर ईसाई बनने का दबाव था। यहां तक कि उनके बेटे और मिशनरी के लोग भी उन पर ईसाई बनने का दबाव डाल रहे थे। दबाव से परेशान मंझली तीन दिन पहले गुस्सा गईं और उन्होंने कहा, ''मैं जन्म से हिंदू हूं और अंतिम सांस तक हिंदू ही रहूूंगी। बजरंग बली हमारे देवता हैं।'' उन्होंने यह भी कहा, ''हम अपना धर्म स्वयं तय नहीं कर सकते। भगवान ने हमें हिंदू धर्म में जन्म दिया है, तो हम आजीवन हिंदू ही रहेंगे। मुझे मेरे धर्म से कोई डिगा नहीं सकता। लोभ में पड़कर किसी को भी अपना धर्म नहीं बदलना चाहिए।''

इसके बाद ईसाई मिशनरी वाले उनके गांव से चले गए। अपने धर्म के प्रति अपनी मां की इस आस्था से बादल मरांडी और मोहन मरांडी का भी मन डोल गया और उन्होंने पुन: हिंदू धर्म अपना लिया। इसके साथ ही गांव के कुछ अन्य लोग भी ईसाई से हिंदू बन गए हैं।
अब मंझली मरांडी की प्रशंसा हर जगह हो रही है। गत दिनों विश्व हिंदू परिषद के कुछ कार्यकर्ताओं ने मंझली मरांडी से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया और उन्हें असली धर्मरक्षक बताया।  

दारू प्रखंड में बड़ी संख्या में कन्वर्जन कराने का आरोप पिपचो मिशन स्कूल पर लगा है। बता दें कि बादल मरांडी और मोहन मरांडी इसी स्कूल के पास रहते हैं। स्कूल में ही दोनों ने ईसाई मत अपनाया था।

दारू क्षेत्र में लोगों का कन्वर्जन कराने का भाजपा ने विरोध किया है। स्थानीय भाजपा नेता और सांसद प्रतिनिधि आनंद देव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 अगस्त को दर्जनों ग्रामीणों के साथ अंचलाधिकारी नीतू कुमारी से भेंटकर इस मामले में स्कूल की भूमिका की जांच कराने और स्कूल बंद कराने की मांग की है।

 

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