केजरीवाल पंजाब-गुजरात-अयोध्या में व्यस्त और दिल्ली की जनता दिल्ली में त्रस्त
October 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

केजरीवाल पंजाब-गुजरात-अयोध्या में व्यस्त और दिल्ली की जनता दिल्ली में त्रस्त

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jun 15, 2021, 07:48 pm IST
inदिल्ली

आशीष कुमार 'अंशु'

दिल्ली वाले अपने सवालों को लेकर केजरीवाल को तलाश रहे हैं। जबकि केजरीवाल गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब में व्यस्त हैं। अब 2025 तक केजरीवाल को दिल्ली से क्या काम ?

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर दिल्ली की सरकार दो दिनों से अनर्गल आरोप लगा रही थी। अब उनके पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं। उनके आरोपों में संघ विरोधी इको सिस्टम वाली मीडिया के लिए दो दिनों की खुराक थी। अब सारे आरोपों की हवा धीरे—धीरे निकल रही है, जब सिलसिलेवार ढंग से एक—एक आरोप का जवाब आ रहा है। सवाल उल्टा आम आदमी पार्टी से पूछा जाना चाहिए कि उसे इतनी जल्दी क्या थी प्रेस कांफ्रेन्स करने की। एक बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारियों से ही जमीन के संबंध में अपनी शंकाओं के साथ मिल आते। लेकिन वे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाकर इस पुण्य कार्य में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास तो नहीं कर रहे ? जब निर्माण कार्य के लिए समर्पण अभियान चल रहा था, उस समय भी आम आदमी पार्टी और दूसरे दलों के लोग तमाम तरह की अड़चन डाल रहे थे कि अभियान सफल ना होने पाए। जबकि परिणाम इसका उल्टा निकला। अभियान इतना सफल हुआ कि ट्रस्ट को आग्रह करना पड़ा कि सहयोग पर विराम दें, क्योंकि ट्रस्ट को तय लक्ष्य से कहीं अधिक धन राशि प्राप्त हो चुकी है।
     
    कहा तो यह भी जा सकता है कि केजरीवाल के लोग दिल्ली वालों का ध्यान ना भटकाते तो उन्हें दिल्ली के सवालों का जवाब नहीं देना पड़ जाता। चाहें वह बस खरीद में पैसों की हेरा-फेरी का संदेह हो या फिर राशन के नाम पर दिल्ली वालों को धोखे में रखने का मामला। दिल्ली सरकार कभी जवाब देने की स्थिति में नजर नहीं आती।

लो फ्लोर बसों की खरीद में हेरा-फेरी

    केजरीवाल सरकार ने इसी साल जनवरी में दो कंपनियों को एक हजार लो फ्लोर बसें खरीदने के लिए ऑर्डर दिया था। अब तक कंपनियों ने बसे उपलब्ध नहीं कराई हैं, लेकिन बस खरीद पर फेरा-फेरी के आरोप लग रहे हैं। यह संदेह और पुख्ता तब हुआ जब मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने केजरीवाल सरकार से अनुमति मांगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई। यदि बस खरीद में किसी प्रकार घोटाला नहीं है तो केजरीवाल सरकार जांच से क्यों भाग रही है ? उसे मंजूरी दे देनी चाहिए। बस खरीद मामले में आरोप है कि बस की कीमत से अधिक राशि अगले तीन सालों में इसके रख रखाव पर खर्च की जानी है। जबकि नियम से बसों की देख-रेख की अगले तीन साल की सारी जिम्मेदारी बस बेचने वाली कंपनियों को उठानी चाहिए थी। केजरीवाल की सरकार इस सारे मामले को ठंडे बस्ते में डालकर चुप-चाप बसों की खरीद कर लेना चाहती थी, लेकिन भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। गुप्ता ने उपराज्यपाल अनिल बैजल को पत्र लिखकर जांच के लिए आग्रह किया है। पत्र में गुप्ता ने दावा किया है कि बसों की खरीद को लेकर वित्तीय गड़बड़ी का पता चला है। यह गड़बड़ी भी पत्र के अनुसार परिवहन विभाग की अंदरूनी जांच में ही सामने आई है। अब उपराज्यपाल जल्दी से एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जांच की अनुमति दे दें तो दिल्ली वाले भी बस घोटाले का सच जान पाएं।

वित्तीय गड़बड़ी पर केजरीवाल नहीं दे रहे जवाब

    केजरीवाल सरकार द्वारा जनवरी में 890 करोड़ रुपये में एक हजार लो फ्लोर बसों की खरीद के लिए आर्डर दिए गए। इनमें से 700 बसों का आर्डर जेबीएम आटो लिमिटेड और 300 बसों का टाटा कंपनी को दिया गया। जैसा कि विजेन्द्र गुप्ता बताते हैं कि बसों की खरीद के लिए कंपनियों से जो अनुबंध किया गया था, उसमें तीन वर्षों या 2.10 लाख किलोमीटर चलने तक इसके रखरखाव की जिम्मेदारी शामिल थी। यह सब कंपनियों को दिए जाने वाले 890 करोड़ में ही शामिल था।

     यह वाला अनुबंध होने के बावजूद बसों के रखरखाव के लिए एक दूसरा टेंडर निकाल कर इन्हीं बस कंपनियों को अलग से प्रतिवर्ष 350 करोड़ रुपये दे दिया गया और उसमें तीन साल की वारंटी की अवधि को भी शामिल कर लिया गया। पुराने अनुबंध के बावजूद दूसरा टेंडर निकालने की बात किसी के लिए भी समझ से परे हो सकती है। इस दूसरे टेंडर का मतलब है कि रखरखाव के लिए पहले दिन से ही दिल्ली सरकार द्वारा भुगतान किया जाना है।

    इस पूरे मामले की जांच परिवहन विभाग द्वारा भी कराई गई है। विजेंद्र गुप्ता का दावा है कि विभाग के जांच में भी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं है। जब केजरीवाल सरकार को अपने ऊपर लग रहे वित्तीय गड़बड़ियों का जवाब देना था, उन सवालों से मुंह छुपाकर केजरीवाल के लोग श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाने निकल पड़े लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में केजरीवाल कब तक मुंह छुपाते रहेंगे। उन्हें आज नहीं तो कल जवाब देना ही होगा।

वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना

    केजरीवाल की सरकार वन नेशन-वन राशन के नाम पर भी दिल्ली वालों को धोखा ही दे रही है। केन्द्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में केजरीवाल की पोल खोलते हुए बताया कि वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना लागू करने के नाम पर पूरी दिल्ली को केजरीवाल गुमराह कर रहे हैं। दिल्ली में यह योजना सिर्फ एक सर्किल में लागू हुई है। जब तक पूरी दिल्ली में यह योजना लागू नहीं हो जाती, तब तक इसे लागू नहीं माना जा सकता। केजरीवाल के लोग इस बात को अब तक साबित नहीं कर पाए हैं कि यह योजना पूरी दिल्ली में लागू है। आगे उन्हें यह बताना होगा कि कैसे पूरी दिल्ली में लागू हुए बिना वन नेशन—वन राशन योजना चलने का दावा कैसे करते रहे हैं। दिल्ली सरकार की मुश्किले इस मामले में इसलिए भी बढ़ सकती हैं क्योंकि पिछली तारीख पर उनके वकील ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा देकर यह बात स्वीकार की है कि दिल्ली में वन नेशन—वन राशन योजना लागू है।

दिल्ली में योजना का क्या है हाल

    वन नेशन—वन राशन योजना दिल्ली सरकार के अनुसार राजधानी में लागू है। जबकि सच्चाई यह है कि सिर्फ सर्किल 63 सीमापुरी में ही यह योजना लागू की गई है। इस सर्किल में करीब 42 इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल (इपीओएस) मशीनों से राशन दिया जा रहा है। इतनी बड़ी दिल्ली में सिर्फ 42 इपीओएस मशीनों से राशन दिए जाने को क्या हम पूरे राज्य में योजना का लागू होना कह सकते हैं ? इसे योजना का लागू होना नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि योजना तब लागू मानी जाएगी जब सभी सर्किलों की राशन दुकानों पर यह लागू हो। जब 2000 से अधिक इपीओएस मशीनों के माध्यम से पूरी दिल्ली में वितरण का काम चल रहा हो। फिलहाल ऐसा होता तो नहीं दिख रहा। लेकिन केजरीवाल इस समय अयोध्या, पंजाब, गुजरात में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें दिल्ली की फिक्र ही कहां है?

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

यमन सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, ताइज में घेराबंदी

बैंकॉक में संस्कृत सम्मेलन में ज्योत्सना बंसल की पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया।

बैंकॉक में गूंजी भारतीय ज्ञान परंपरा: ‘तर्कन्यूमरो’ के जरिए ज्योत्स्ना बंसल ने वैश्विक मंच पर रचा इतिहास

लखनऊ में बाढ़ और राहत अभियान का जायजा लेते अधिकारी

लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत अभियान, डीएम ने संभाली कमान

आदि रंगोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव

Ashok Singhal Tribute Hukkeri Karnataka

“अशोक सिंहल का त्याग व सेवा पथ सदैव प्रेरणादायी”: कर्नाटक के हुकेरी में संतों के सानिध्य में गूंजा रामभक्ति का संदेश

भारतीय रेलवे (प्रतीकात्मक चित्र)

कुम्भ से पहले हरिद्वार को तीन नयी रेल सेवाएं, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार

Load More

ताज़ा समाचार

यमन सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया, ताइज में घेराबंदी

बैंकॉक में संस्कृत सम्मेलन में ज्योत्सना बंसल की पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया।

बैंकॉक में गूंजी भारतीय ज्ञान परंपरा: ‘तर्कन्यूमरो’ के जरिए ज्योत्स्ना बंसल ने वैश्विक मंच पर रचा इतिहास

लखनऊ में बाढ़ और राहत अभियान का जायजा लेते अधिकारी

लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत अभियान, डीएम ने संभाली कमान

आदि रंगोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव

Ashok Singhal Tribute Hukkeri Karnataka

“अशोक सिंहल का त्याग व सेवा पथ सदैव प्रेरणादायी”: कर्नाटक के हुकेरी में संतों के सानिध्य में गूंजा रामभक्ति का संदेश

भारतीय रेलवे (प्रतीकात्मक चित्र)

कुम्भ से पहले हरिद्वार को तीन नयी रेल सेवाएं, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार

भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में महिला कारीगरों से बात करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

भदोही जिले का नाम बदलेगा, फिर से होगा संत रविदास नगर, सीएम योगी ने की घोषणा

RSS Massive Cleanliness Campaign Varanasi Kashi Prant Krishna Mohan Volunteers

स्वच्छता संस्कार और नागरिक कर्तव्य”: वाराणसी में RSS का वृहद स्वच्छता अभियान; शाखाओं पर स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब को दहलाने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम, AK 47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद

हरिद्वार में नशे के खिलाफ निकाली गई विशाल रैली

हरिद्वार : नशे के खिलाफ गूंजा ‘व्यसन छोड़ें-सृजन से जुड़ें’ का संदेश

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies