कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद स्वयंसेवकों ने बड़ी मात्रा में किया सेवा कार्य– डॉ. मनमोहन वैद्य
August 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम संघ @100

कोरोना संक्रमण के खतरे के बावजूद स्वयंसेवकों ने बड़ी मात्रा में किया सेवा कार्य– डॉ. मनमोहन वैद्य

Written byPanchjanyaPanchjanya
Mar 19, 2021, 12:41 pm IST
inसंघ @100

बेंगलुरू चल रही दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना के कारण निर्मित आपदा में समाज की सहायता के लिए पहले दिन से ही देशभर में स्वयंसेवक सक्रिय थे. संक्रमण के खतरे के बावजूद स्वयंसेवकों ने बड़ी मात्रा में सेवा कार्य किया.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि प्रतिनिधि सभा की बैठक वार्षिक होती है और इसमें हम वर्ष भर के संघ कार्य का सिंहावलोकन करते हैं, तथा अगले साल की तैयारी करते हैं. इस बार सरकार्यवाह का चुनाव भी होने वाला है, तो अगले तीन वर्ष की संघ कार्य की योजना पर भी बैठक में चर्चा होगी. डॉ. मनमोहन वैद्य बेंगलुरू में दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के उद्घाटन के पश्चात बैठक में चर्चा में आने वाले विषयों के संबंध में मीडिया को जानकारी दे रहे थे. उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण मार्च माह से जून तक संघ का कार्य पूर्ण बंद था, शाखाएं बंद थीं. जुलाई से धीरे-धीरे शाखाएं लगना प्रारंभ हुई थीं, लेकिन संघ स्वयंसेवक सक्रिय थे. कोरोना के कारण निर्मित आपदा में समाज की सहायता के लिए पहले दिन से ही देशभर में स्वयंसेवक सक्रिय थे. अन्य देशों में जहां वेलफेयर स्टेट प्रभावी है, वहां स्टेट मशीनरी ही सक्रिय होती है. लेकिन यह भारत की विशेषता है कि यहां सरकारी, प्रशासन की सेवाओं के साथ-साथ समाज भी सहयोगी था. बाढ़, भूकंप में सेवा करना अलग बात है, लेकिन कोरोना काल में संक्रमण के खतरे के बावजूद स्वयंसेवकों ने बड़ी मात्रा में सेवा कार्य किया.

उन्होंने बताया कि कोरोना काल में स्वयंसेवकों ने देशभर में सेवा भारती के माध्यम से 92,656 स्थानों पर सेवा कार्य किए, इसमें 5,60,000 कार्यकर्ता सक्रिय रहे, 73 लाख राशन किट वितरित किए, 4.5 करोड़ लोगों को भोजन पैकेट वितरित किए गए, 90 लाख मास्क का वितरण किया, 20 लाख प्रवासी लोगों की सहायता की गई. 2.5 लाख घुमंतू लोगों की सहायता की, 60 हजार यूनिट रक्तदान भी किया. केवल संघ ही नहीं, समाज के अनेक संगठनों, मठ, मंदिर, गुरुद्वारों ने भी समाज की सेवा की. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मार्च की तुलना में 89 प्रतिशत शाखाएं पुनः प्रारंभ हो गई हैं. संघ का कार्य देश के सभी जिलों में है. देश में 6495 खंडों (तालुका) में से 85 प्रतिशत में संघ का कार्य है। 58,500 मंडलों में से 40 प्रतिशत में प्रत्यक्ष शाखा है और 20 प्रतिशत में संपर्क है. आने वाले तीन वर्षों में सभी मंडलों तक संघ का कार्य पहुंचे, ऐसा हमारा प्रयास रहेगा.

उन्होंने श्रीराम मंदिर के विषय पर कहा कि यह केवल एक मंदिर नहीं है, श्रीराम भारत की संस्कृति का परिचय हैं, चरित्र है. सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था – मंदिर हमारे सांस्कृतिक जागरण का केंद्र रहे हैं. आज यहां मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, जिस दिन भारत के सांस्कृतिक मूल्य और भारत की समृद्धि उस ऊंचाई तक पहुंचेगी, तभी यह मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण होगा.

इस संदर्भ में देखा जाए तो सारे भारत को एक सूत्र में जोड़ने की भावनात्मक शक्ति श्रीराम हैं. भगवान मानें या ना मानें, लेकिन सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक अवश्य मानते हैं.

निधि समर्पण अभियान में स्वयंसेवकों का उद्देश्य अधिक निधि एकत्र करना नहीं था. देशभर में अधिक से अधिक गांवों, परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य था. इससे पहले इतना व्यापक जनसंपर्क अभियान नहीं हुआ था. अभियान के तहत स्वयंसेवक 5,45,737 स्थानों पर पहुंचे और लगभग 20 लाख कार्यकर्ता संपर्क अभियान में लगे. अभियान के तहत देश में 12,47,21,000 परिवारों से स्वयंसेवकों ने संपर्क किया. संपूर्ण देश में भावनात्मक एकात्मा का अनुभव हुआ है.

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आज का श्लोक : कायेन मनसा वाचा धनेनापि जनेन च।

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग, यह स्वयंसिद्ध और निर्विवाद वास्तविकता है : विदेश मंत्रालय

कन्वर्जन (प्रतीकात्मक चित्र)

पुणे : जबरन ईसाई कन्वर्जन के आरोप में ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस की गिरफ्त में आए ये चारों साइबर अपराधी

साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, जामताड़ा गैंग का मास्टरमाइंड जहुरुल अंसारी गिरफ्तार, हजारों लोगों को बनाया निशाना

विशाल जनभागीदारी-हजारों की संख्या में रत्नागिरि के नागरिक, छात्र और ‘जेन-जी’ युवा पदयात्रा में शामिल हुए

राष्ट्रहित में मौन हुंकार

Load More

ताज़ा समाचार

आज का श्लोक : कायेन मनसा वाचा धनेनापि जनेन च।

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग, यह स्वयंसिद्ध और निर्विवाद वास्तविकता है : विदेश मंत्रालय

कन्वर्जन (प्रतीकात्मक चित्र)

पुणे : जबरन ईसाई कन्वर्जन के आरोप में ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस की गिरफ्त में आए ये चारों साइबर अपराधी

साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, जामताड़ा गैंग का मास्टरमाइंड जहुरुल अंसारी गिरफ्तार, हजारों लोगों को बनाया निशाना

विशाल जनभागीदारी-हजारों की संख्या में रत्नागिरि के नागरिक, छात्र और ‘जेन-जी’ युवा पदयात्रा में शामिल हुए

राष्ट्रहित में मौन हुंकार

कार्यक्रम को संबोधित करते श्री अतुल लिमये

देश सर्वोपरि की भावना के साथ आगे बढ़ें युवा : अतुल लिमये

बद्रीनाथ धाम

चारधाम यात्रा : 114 दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख पार, पिछले साल के मुकाबले 4.68 लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे

अस्पताल

निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम, 3-स्टार होटल से महंगा नहीं होगा अस्पताल का कमरा, संसदीय समिति ने की सिफारिश

विभाजन की विभीषिका? भारत ने खोया मुल्तान स्थित प्रह्लादपुरी मंदिर

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies