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''स्वदेशी जागरण मंच एक मंच नहीं, अपितु सभी भारतीयों के लिए स्वदेशी वस्तुएं अपनाने का राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो कई वर्षों से इस दिशा में कार्य कर रहा है।'' उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ़ मनमोहन वैद्य ने कहीं। वे पिछले दिनों नई दिल्ली में स्वदेशी जागरण मंच, उत्तर भारत की प्रचार विभाग कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी विचारधारा व लघु कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने से ही सनातन धर्म का पुन: उदय व स्वदेशी आधारित राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। संघ का काम नगरों, गांव, देहातों में निरंतर बढ़ रहा है, जहां स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की अलख-ज्योति स्वयंसेवक जला रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ की शाखाओं में निरन्तर मुस्लिम समाज के लोग भी स्वयंसेवक बने हैं। मुस्लिम समाज के सैकड़ों स्वयंसेवकों का संघ की शाखाओं में प्रवेश व संघ शिक्षण हो रहा है, जिनमें से कई प्रचारक शारीरिक, घोष, बौद्धिक तथा प्रचार विभाग में कार्य कर रहे हैं।
संघ की शाखाओं को बढ़ाना और प्रत्येक क्षेत्र में निरन्तर कार्य करना स्वयंसेवक का एकमात्र लक्ष्य है। संघ सत्ता के लिए न तो कार्य करता है और न ही समझौते करता है। संघ का एकमात्र उद्देश्य राष्ट्र निर्माण- खुशहाल भारत का निर्माण है, जिसके लिए संघ परिवार के कई समविचारी संगठन कार्यशील हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से उपस्थित अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री नरेंद्र कुमार ने कहा कि संघ सम्पूर्ण समाज का एक भारतीय संगठन है जो 1925 से भारतीय समाज को एक माला में पिरोने का कार्य कर रहा है, स्वयंसेवक का लक्ष्य प्रत्येक परिवार के साथ जुड़ना व
जोड़ना है।
स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक प्रचारक श्री कश्मीरी लाल ने कहा कि 'स्वदेशी' राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रव्यापी विचारधारा का समागम है। 'स्वदेशी' एक विधारधारा का स्रोत नहीं, अपितु हर भारतीय के जीवन में होने वाली स्वदेशी परम्पराओं का अद्भुत मिश्रण है। -प्रतिनिधि
'महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं, सम्पूर्ण समाज के होते हैं'
विश्व संवाद केन्द, जयपुर की ओर से उत्तर पश्चिम क्षेत्र, राजस्थान में देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर अनेक स्थानों पर कार्यक्रम सम्पन्न हुए। इनमें पत्रकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया गया। खास बात यह थी कि इन कार्यक्रमों में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसी क्रम में जयपुर में आयोजित समारोह में प्रख्यात पत्रकार व स्तम्भ लेखक श्री बलवीर पुंज ने कहा कि जाति के नाम पर हिन्दू समाज को बांटना और मजहब के नाम पर मुसलमानों को इकट्ठा करने का षड्यंत्र देश में सवा सौ सालों से चल रहा है। आज देश में महापुरुषों को जाति की परिधि में बांधने का षड्यंत्र किया जा रहा है। जबकि महापुरुष किसी जाति विशेष के नहीं, सम्पूर्ण समाज के होते हैं। महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह और छत्रपति शिवाजी ने मुगलों के खिलाफ तलवार नहीं उठाई होती तो मेरा नाम बलवीर पुंज ना होकर कोई खान होता। यह भारत, भारत नहीं होता, पाकिस्तान और अफगानिस्तान बन गया होता। वीरों की परंपरा ने इस देश की शाश्वत परंपरा को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि चीन का सिक्यांग प्रांत आजकल खबरों में है। लेकिन हमारे यहां ऐसी खबरों को दबाया जाता है और दिखाया नहीं जाता। सिक्यांग मुस्लिम बहुल प्रांत है। यहां करीब दो करोड़ तीस लाख मुसलमान हैं, जो आए दिन उपद्रव काटते रहते हैं। चीन ने वहां जो किया है वह किसी सरकार ने दुनिया में नहीं किया। चीन की सरकार ने आदेश दिया कि यहां मोहम्मद, मक्का मदीना, जिहाद जैसे नाम नहीं रख सकते। 2014 में सरकार ने आदेश निकाला कि बुर्के, टोपी, और हिजाब नहीं पहन सकते। वहां रमजान मेंे सार्वजनिक रूप से रोजा रखने पर भी पांबदी लगाई गई। श्री पुंज ने कथित सेकुलरों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस्राएल में दो फिलितीनी मारे जाए तो भारत की सड़कों पर प्रदर्शन हाने लगता है। अमेरिका में किसी मुसलमान की दाढ़ी खींची जाएं तो वामपंथी शोर मचाने लगते हैं। परन्तु चीन में इतना बड़ा घटनाक्रम हो गया किसी टीवी चैनल पर इसकी बहस नहीं दिखाई दी। किसी ने यह समाचार नहीं पढ़ा होगा। गौरतलब है कि जयपुर प्रांत में कुल चार स्थानों जयपुर, अलवर, कोटपुतली, भरतपुर, धौलपुर और टोंक में नारद जयंती और पत्रकार सम्मान समारोह आयोजित किया गए। -प्रतिनिधि











