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बॉलीवुड में साइबर अपराध और हैकर्स तमाम फिल्मों का हिस्सा बने हैं लेकिन इस विषय पर पूरी संजीदगी से पहल नहीं हुई। कारण केवल बॉक्स ऑफिस की ढर्रा चाल ही नहीं है, इच्छाशक्ति और लगन की कमी भी है
स्वाति
हाल ही में आई फिल्म 'शिवाय' में वहाब (वीररस) नाम का एक किरदार है। बुल्गारिया में बसा यह भारतीय मुसीबत के समय शिवाय (अजय देवगन) की मदद करता है। वह 'एथिकल हैकर' है, जिसकी सेवाएं बुल्गारिया की पुलिस भी लेती है। वह साइबर संसार में बड़ी से बड़ी गुत्थी चुटकी में सुलझा लेता है। अपने लक्ष्य से दिशा भटके शिवाय की मदद कर वहाब उन बिगड़ैल दोस्तों की याद दिलाता है, जो अक्सर आड़े वक्त काम आ जाते हैं। यह बात अलग है कि ऐसा कर वह हीरो तो कभी नहीं
बन सकता।
भारतीय फिल्मों में 'एथिकल हैकर' की हैसियत पुलिस के उस मुखबिर से कहीं ज्यादा है, जो गाहे-बगाहे पुलिस की मदद कर संजीवनी का काम करते रहे हैं। इन्हें आलसी, फक्कड़, माता-पिता से परेशान और निकम्मा दिखाया जाता है।
अंग्रेजी फिल्मों की तुलना में भारत में एथिकल हैकर को जरूरत से ज्यादा ही महिमा मंडित किया गया है। यही वजह है कि बॉलीवुड में साइबर अपराध पर आधारित कोई अच्छी फिल्म नहीं बनी। शाहरुख खान की फराह खान निर्देशित 'हैप्पी न्यू ईयर' में कूल डूड से दिखने वाले रोहन को लड़कियां पसंद नहीं करतीं। वह जेब से खाली लेकिन दिमाग से तेज है। हैकर होने की वजह से रोहन को चार्ली की टीम में शामिल कर लिया जाता है, जो दुबई में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किले जैसी एक तिजोरी से करोड़ों के हीरों की चोरी करने वाला है। उसे भेदने के लिए हैकर के बिना काम कैसे चलेगा। दोनों ही फिल्मों में हैकर को किसी जोकर के माफिक दिखाया गया है। हैरत है कि तकनीक में हम डाल्बी एटमोस और यूएफओ अपना रहे हैं, लेकिन हैकर्स और साइबर अपराध के चित्रण को लेकर शायद ही किसी ने गंभीरता दिखाई हो। 2005 में आई विवेक अग्निहोत्री की फिल्म 'चॉकलेट' में अरशद वारसी ने हैकर की भूमिका निभाई थी। निर्देशक की रचनात्मकता यही कि उसने हैकर का नाम चिप रखा लेकिन किरदार को हास्यास्पद बना दिया। इससे इतर हास्य अभिनेता और एंकर के रूप में प्रसिद्ध मनीष पाल की फिल्म 'मिकी वायरस' काफी अलग तरह की बात करती दिखती है। मुख्य पात्र मिकी अरोड़ा दिल्ली का रहने वाला है। जो कंप्यटूर का अच्छा-खासा ज्ञान रखता है। आलसी है और आसपास का माहौल कंप्यूटर और इंटरनेट से घिरा है। वह एक छोटी-सी चोरी के लिए किसी की मदद करता है, लेकिन बाद में यही चोरी एक बड़ी आफत के रूप में उसके सामने आती है। अभिनय को छोड़ दें तो फिल्म साइबर अपराध और हैकर्स को लेकर ठीक-ठाक है, जिसे थोड़ी-बहुत तारीफ तो मिली पर कमाई के मामले में यह औसत रही। फिल्म की उपलब्धि केवल यही रही कि यह कुछ खुफिया एजेंसियों के रडार पर थी क्योंकि इसमें एक हाई-प्रोफाइल चोरी को अंजाम दिया गया था। डर था कि कहीं इस फिल्म की तर्ज पर कोेई ऐसी ही चोरी को अंजाम न दे डाले।
ऐसा नहीं है कि बॉलीवुड ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया या गंभीर पहल नहीं की। लेकिन जब कभी ऐसी कोशिश की गई तो बाजार आड़े आ गया। वरना 'इशकजादे' नहीं 'वायरस दीवान' अभिनेता अर्जुन कपूर की पदार्पण फिल्म होती। महज एक-दो दिन की शूटिंग के बाद फिल्म बंद कर दी गई। इसके बंद होने के कई कारण थे। मेकर्स को बाद में इस फिल्म का प्लाट ही पसंद नहीं आया। फिल्म की कहानी एक हैकर के ईद-गिर्द घूमती है जिसका पिता बहुत बड़ी आईटी कंपनी का मालिक है। जानकार बताते हैं कि अगर यह फिल्म आज के समय में आती तो लोगों का अच्छा मनोरंजन करती।
बॉलीवुड की परेशानी यही रही है कि यहां अंग्रेजी फिल्मों से प्रेरित पात्रों को एक पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलने नहीं दिया जाता। हैकर्स या कहिए, साइबर अपराध विषय पर आधारित फिल्मों के साथ भी यही हुआ है। वरना 'चाकलेट' से लेकर 'डान 2' और विवेक ओबेराय की 'प्रिंस' से लेकर 'शिवाय' तक हैकर्स की भूमिका में कुछ तो बदलाव हुआ होता।
हाल ही में जब देश के सबसे बड़े बैंकोें से लाखों लोगों के खातों की जानकारी चुरा ली गई तो लगा, शायद इस थीम पर कोेई फिल्म बनाने की सोचेगा। इसमें समग्र शोध और बारीक निगाह की जरूरत होती है, जिसे शायद अंग्रेजी फिल्मों ने बखूबी समझा है।
बीते साल आई मराठी फिल्म 'शार्टकट' बॉलीवुड की परंपरागत शैली को मुंह-सा चिढ़ा जाती है। यह भी एक हैकर की कहानी है, लेकिन उसे चित्रित करने अंदाज कुछ अलग है। जो दर्शकों को मुग्ध करता है।
अब कंप्यूटर-मोबाइल के रास्ते घुसता चोर
विशाल सारस्वत (साइबर विशेषज्ञ)
हम अपनी जो भी बात सोशल साइटों के माध्यम से दोस्तों, परिवारीजनों को बताते हैं, वे कभी-कभी उन तक भी पहुंच जाती हैं जो आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। लिहाजा सावधानी ही आपका बचाव है।
हमारी सूचना बहुमूल्य है और अपनी सूचनाओं की सुरक्षा के बारे में हमें वैसा ही प्रयत्न करना चाहिए जैसे हम अपने घर और बहुमूल्य वस्तुओं की सुरक्षा के लिये करते हैं।
जब आप छुट्टियों पर घूमने जाने की तारीख दोस्तों को फेसबुक पर बताते हैं तब आप दुनिया के सारे चोरों को भी यह खबर दे रहे हैं कि आपके मकान में उन दिनों आप नहीं होंगे
एप डाउनलोड करते समय
एप भरोसेमंद साइटों से ही डाउनलोड करें। याद रखें कि हर चीज की कीमत होती है और कुछ भी 'नि:शुल्क' नहीं होता। मुफ्त एप्स प्राय: किसी न किसी वायरस के साथ आते हैं। सतर्कता ही आपको नुकसान से बचा सकती है। एप इंस्टॉल करते समय उसकी शर्तों को ठीक से पढ़ें। अगर कोई एप आपके फोन पर जरूरत से ज्यादा अनुमति मांग रहा है तो उसे इंस्टॉल करने से पहले विचार करें। कोई एप अगर मौसम की जानकारी बताने के लिए है तो उसे हमारी फोनबुक में झांकने की क्या जरूरत है?
किस किसको जा सकती है जानकारी
सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपनी कोई भी जानकारी देते समय विचार करें कि इसका कोई गलत इस्तेमाल भी कर सकता है। जैसे- जब आप छुट्टियों पर घूमने जाने की तारीख दोस्तों को फेसबुक पर बताते हैं तब आप दुनिया के सारे चोरों को भी यह खबर दे रहे हैं कि आपके मकान में उन दिनों आप नहीं होंगे। इसलिए आपकी सूचना कौन देख सकता है, इस पर अंकुश रखें। अपनी निजता को बनाए रखें।
पासवर्ड
हर वेबसाइट का अलग पासवर्ड रखिए। ताकि कोई वेबसाइट हैक भी हो जाए तो आपके अन्य एकाउंट्स की सुरक्षा अप्रभावित रहे। पासवर्ड आपके किसी प्रिय व्यक्ति का नाम या उससे सम्बंधित कोई तारीख न हो, बारह अक्षरों से लम्बा और कुछ जटिल हो। अगर वेबसाइट पर 'टू स्टेप ऑथेंटिफिकेशन' की सुविधा है तो उसका उपयोग करें।
जांच-परख कर करें बात
सोशल इंजीनियरिंग से सावधान रहें। हैकर्स हमसे सामाजिक बातचीत के माध्यम से हमारे बारे में ऐसी बातंे निकलवाने में पारंगत होते हैं जो हमें हानिरहित और वैध लगती हैं। पर वे उन बातों का भी पता लगा लेते हैं जिन्हें हम गुप्त रखना चाहते हैं। सो किसी भी स्थिति में किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने पासवर्ड, पिन की जानकारी न दें।
चकमा दे सकता है अनजान 'लिंक'
अनजान लिंक क्लिक न करें। ट्विटर के सारे लिंक बहुत ही अजीबोगरीब होते हैं और हैकर्स आपको चकमे से गलत वेबसाइट पर ले जा सकते हैं। यदि कोई ऑफर बहुत ज्यादा लुभावना है तो वह झूठा है। अगर आपने ऐसी लॉटरी जीती है जो आपने खरीदी ही नहीं तो शायद दाल में कुछ काला है। ध्यान रहे, आज का चोर खिड़की-दरवाजे से नहीं, आपके फोन या कंप्यूटर के माध्यम से आपके घर में घुसता है और नुकसान पहुंचाता है











