| दिंनाक: 16 Aug 2016 14:10:56 |
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कोलकाता : 7 अगस्त को बड़ाबाजार कुमारसभा द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्मशती पर तीसरे व्याख्यान का आयोजन किया गया। दीनदयाल उपाध्याय एक विचार विषय पर आयोजित व्याख्यान के मुख्य वक्ता थे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मीडिया संयोजक डॉ. गुलरेज शेख। उन्होंने कहा कि सदियों से भारतीय विचारों का महत्व है। 1947 ई. में जब भारत को कुछ भ्रमित नेताओं ने पूंजीवाद एवं साम्यवाद के आधार पर चलाना चाहा, तो उस समय पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा कि भारत किसी आयातित वाद के आर-पार पर नहीं, अपितु अपने ही भारत दर्शन से चलेगा तभी स्थाई विकास संभव है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकेंद्रीकरण भारतीय सभ्यता का मूल आधार है। हम हिन्दू या हिंदी नस्ल हैं और नस्ल के रूप में एक हैं, भले ही धर्म या समुदाय अलग हों। इसी नस्लीय डी.एन.ए. के आधार पर भारत की अखण्डता पुनर्स्थापित हो सकती है।
समारोह की अध्यक्षता प्रभात खबर के स्थानीय संपादक तारकेश्वर मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि विश्व मानवता का वर्तमान परिस्थितियों में यदि कल्याण संभव है तो वह सिर्फ पं. दीनदयाल जी के एकात्म मानववाद से ही हो सकता है। कार्यक्रम में मोहनलाल पारीक, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय सचिव अरशद आलम, सर्वश्री विमल लाठ, प्रभाकर तिवारी, सुधा जैन, स्नेह लता वैद्य, हरिराम जालुका, गजलकार रविप्रताप सिंह, नंदलााल व कोलकाता एवं हावड़ा महानगर के अनेक साहित्यिक-सामाजिक गणमान्य लोग अपस्थित थे। – प्रतिनिधि