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प्रयाग में भाजपा कार्यकारिणी बैठक और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली ने उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल फूंक दिया है। सपा सरकार ने अराजकता और अव्यवस्था का ऐसा माहौल बना दिया है कि कैराना और मथुरा सरीखे काण्ड उसे विचलित नहीं करते। उधर बसपा के पास न मुद्दा है, न कोई योजना
हरिमंगल, प्रयाग से
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम की स्थली प्रयाग में आयोजित भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय (12-13 जून) बैठक में जहां सरकार की नीति और उसकी उपलब्धियों पर चर्चा हुई, वहीं बैठक के समापन सत्र को संबोधित किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने। बैठक में मौजूद सदस्यों के मन में पांच राज्यों के चुनावों के नतीजे घुमड़ रहे थे। मोदी के संबोधन में साफ दिखा कि उनके पास विस्तार का मंत्र और इसे अमली जामा पहनाने के सूत्र भी हैं। मोदी द्वारा बताये गये सात सूत्र भाजपा के लिये आने वाले दिनों में एक नई कहानी लिखने वाले हैं। पांच राज्यों के चुनाव तो महज सियासी पड़ाव हैं। वास्तविकता तो यह है कि पूवार्ेत्तर चुनाव में भाजपा को मिली सफलता ने इतना हौसला बढ़ाया है कि वह अब देश को कांग्रेस मुक्त बनाने के अपने अभियान में तेजी से आगे बढ़ती दिख रही है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक और फिर उसके बाद संगम तट पर आयोजित जनसभा से मोदी ने उत्तर प्रदेश में चुनावी शंखनाद फूंकते हुये विकास का मंत्र सबसे आगे रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा जहां-जहां सत्ता में है, वहां विकास दिख रहा है। लेकिन देश को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री और महापुरुष देने वाला उत्तर प्रदेश आज भी पिछड़ा है। उन्होंने प्रदेश के पिछडे़पन के लिये सत्तारूढ़ सपा के साथ-साथ बसपा को जिम्मेदार मानते हुये दोनों दलों पर करारा प्रहार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक पांच-पांच साल की ठेकेदारी बंद नहीं होगी, तब तक लूट चलती रहेगी। प्रधानमंत्री के इस संदेश से साफ है कि आने वाले चुनाव में वह सत्तारूढ़ सपा के भाई-भतीजावाद, जातिवाद, मुस्लिम तुष्टीकरण और कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाएगी वहीं दूसरी ओर बसपा को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरेगी। उन्हांेने कहा कि निषादराज की धरती से विकास का यज्ञ शुरू हो रहा है। लेकिन इस प्रदेश
में विकास का यज्ञ तब तक सफल नहीं हो सकता है जब तक कि उसमें भाई-भतीजावाद, जातिवाद और सम्प्रदायवाद की आहूति न
दी जाए।
मोदी ने उपस्थित अपार भीड़ को देखकर भावुक स्वर में कहा,''मैं इस प्रदेश का सांसद होने के नाते यहां का कर्जदार हूं और इस कर्ज का मोल चुकाता रहूंगा। विकास के लिये यहां भाजपा की सरकार लाइये, हम पांच साल में इस प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदेश बनाएंगे और यदि इस बीच हमने कोई नुकसान किया तो हमें लात मारकर निकाल देना।'' मोदी के उद्बोधन से यह तय हो गया है कि वह प्रदेश सरकार की जवाबदेही लेने को तैयार हैं, कि काम करने का मौका दो और सरकार खरी उतरेगी।
रैली के मंच पर वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी और लालकृष्ण आडवाणी को जिस प्रकार से सम्मान दिया गया उसने उन अटकलों को भी विराम लगा कि बुजुर्ग नेताओं को हाशिए पर रखा जा रहा है। लगभग एक घंटे के भाषण में मोदी ने कम से कम चार बार प्रयाग को निषादराज की धरती बताया। यह इस बात का संकेत है कि पार्टी पिछड़े वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ना चाह रही है।
इसके पूर्व 12 और 13 जून को चली कार्यकारिणी बैठक में कुल तीन प्रस्ताव पारित हुए-आर्थिक नीतियां,राजनैतिक विस्तार एवं विकास। प्रस्ताव से स्पष्ट है कि पिछले दिनों सम्पन्न पांच राज्यों के चुनाव में पार्टी को जो सफलता मिली है उसका श्रेय सरकार की आर्थिक नीतियों और विकास को दिया जा रहा है। क्योंकि जब पूरा विश्व आर्थिक मंदी से गुजर रहा है ऐसे में भारत में विकास दर बढ़ रही है तो निश्चित रूप से यह पार्टी के लिये गौरव की बात है। राजनीतिक प्रस्ताव के संदर्भ में पार्टी मानती है कि 2016 उसके लिये महत्वपूर्ण वर्ष है, क्योंकि अगले वर्ष के शुरू में ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, गुजरात, पंजाब में चुनाव होने हैं। इन राज्यों में मुख्य चुनावी मुद्दा केन्द्र सरकार की आर्थिक नीतियां और विकास ही होगा। पार्टी 2017 को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ रही है, लेकिन सच तो यह है कि रणनीति में कहीं न कहीं 2019 पर भी नजर है जब अगले लोकसभा चुनाव होने हैं। पार्टी को पता है कि 2014 के चुनाव में जिन राज्यों में उसे बड़ी सफलताएं मिली हैं वहां उन्हें कहीं कुछ नुकसान झेलना पड़ सकता है। ऐसे में नुकसान की भरपाई वह दक्षिण के उन राज्यांे से करना चाहती है जहां उसकी स्थिति बेहतर हो रही है। पार्टी के नेताओं ने बातचीत में बार-बार 6 राज्यों की बात की यानी आगे भाजपा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मेघालय, पंजाब, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में जीत हासिल करने की मुहिम शुरू करेगी। पूवार्ेत्तर में असम में मिली सफलता ने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला और बढ़ाया है और यह संदेश दूर तक जाये, इसके लिये पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करेगी।
भाजपा अब अपने लक्ष्य 2017 और 2019 को हासिल करने के लिये कोई कसर उठाने को तैयार नहीं है। मोदी ने कार्यकारिणी बैठक में जिस तरह सर्वस्व न्योछावर करने की बात कहकर कार्यकारिणी के सदस्यों को सावधान किया और सनसनी फैलाई, वह इस बात का साफ संकेत था कि अब किसी भी स्तर पर मनमानी नहीं चल पाएगी। मोदी के सात मंत्रों में समन्वय और संवाद की बात की गई है। उससे साफ झलकता है कि अब पार्टी के लोगों को इसी लाइन पर चलना होगा। पार्टी अब स्थानीय स्तर पर क्षत्रपों की मनमानी बर्दाश्त नहीं करने वाली। सबको यह भी पता है कि देश के दो प्रमुख राजनीतिक दलों में से एक, कांग्रेस की स्थिति खराब होती हो रही है और भाजपा का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। लेकिन प्रधानमंत्री कहते हैं, ''हम एक इतिहास बनते देख रहे हैं, जबकि लाखों लोगों ने दशकों से पार्टी के लिये लगातार कार्य किया है, संगठन बनाया है और तमाम मुसीबतें उठाई हैं जिसका लाभ हम ले रहे हैं। हमें सत्ता या ताकत का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। आज जरूरत है इस पर गहन मंथन की।'' पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी भले ही 6-7 महीने बाकी हैं लेकिन भाजपा ने प्रयाग के रास्ते पूरे पूर्वांचल में चुनावी शंख फूंक कर माहौल गरमा दिया है। सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी मथुरा और कैराना की घटनाओं से 'बैकफुट' पर चल रही है तो दूसरी ओर बसपा सिर्फ प्रदेश में गुण्डाराज के खिलाफ अखबारों में अपने बयान छपवा रही है। ऐसे में भाजपा अपनी चुनावी रणनीति बनाकर फिलहाल दौड़ में आगे निकलने का प्रयास कर रही है।
''नहीं चलेगी जातिवाद, गुंडाराज की सरकार''
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ''2017 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनाव लडे़गी और इसके लिये हमारी रणनीति तैयार हो गई है जिसका खुलासा हम समय आने पर करेंगे।'' उन्होंने कहा कि एक लाख 40 हजार मतदान केन्द्रों में से एक लाख 12 हजार से अधिक पर अध्यक्षों का चुनाव हो गया है और शेष जल्द ही हो जाएंगे। वे इन मतदान केन्द्रों को जीतेंगे। इन्हीं के सहारे विधानसभा चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिस तरह से जातिवाद, गुण्डाराज और भू-माफियाओं को बढ़ावा दिया है उससे जनता ऊब गई है। कैराना की घटना पर उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में दूसरा कश्मीर बनाने का प्रयास है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मुद्दे को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अब जनता को भू-माफियाओं से राहत देने के लिये ई-मेल के माध्यम से शिकायतें प्राप्त कर रही हैं जिन पर पार्टी के लोग कार्रवाई करेंगे।
मोदी ने गिनाए 7 सूत्र
सेवाभाव
संतुलन
संयम
समन्वय
सकारात्मक
संवेदना
संवाद
प्रदेश सरकार की हर मोड़ पर विफलता और केन्द्र में भाजपानीत सरकार की सफलता होगा हमारा प्रमुख चुनावी मुद्दा।
—केशव प्रसाद मौर्य, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश भाजपा










