नि:स्वार्थ समाजसेवा संघ का ध्येय मंत्र
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नि:स्वार्थ समाजसेवा संघ का ध्येय मंत्र

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Jun 20, 2016, 12:00 am IST
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दिंनाक: 20 Jun 2016 15:05:10

 

नागपुर। 9 जून को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग समारोह रेशिमबाग के मैदान में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर रा.स्व. संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि संघ किसी प्रतिक्रिया के स्वरूप में काम नहीं करता। संघ का उदेश्य संपूर्ण समाज को संगठित करना है, केवल हिन्दुओं में शक्तिशाली संगठन बनना नहीं।

श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि संघ शोषण मुक्त, समतायुक्त समाज का निर्माण करने के लिए काम कर रहा है। संघ के स्वयंसेवकों के व्यवहार एवं नि:स्वार्थ सामाजिक कार्य के कारण संघ की लोकप्रियता बढ़ रही है। समाजसेवा का काम करने वाले कार्यकर्ताओं मे संघ भेद नहीं करता। जो संघ से संबधित नहीं हैं, लेकिन नि:स्वार्थ भाव से समाजसेवा करते हैं, संघ ऐसे समाजसेवकों के सम्पर्क में भी रहता है। आवश्यक हो तो उन्हें सहायता भी देता है।

श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि इस देश मे विविध संप्रदाय, रीति रिवाज हैं, लेकिन हम भारतवासी हैं यह सब की समान भावना है­- यह सिखाने की आवश्यकता नहीं है। इस देश की संस्कृति हम सब को जोड़ती है यह प्राकृतिक सत्य है। हमारे संविधान मे भी इसी भावनात्मक एकता पर बल दिया गया है। हमारी मानसिकता इन्हीं मूल्यों से ओतप्रोत है।

देश की एकात्मता का सूत्र इतना मजबूत होते हुए भी इतिहास में अलगाववादी ताकतों के शक्तिशाली होने के कारण देश पराधीनता की बेडियों में जकड़ा गया, इसे हमें भूलना नहीं चाहिए। हम इतिहास से सीख नहीं लेंगे तो देश की एकता एवं स्वतंत्रता के लिये खतरा उत्पन्न हो सकता है।

समारोह के अध्यक्ष कोलकाता के साप्ताहिक 'वर्तमान' के संपादक रंतिदेव सेनगुप्त ने कहा कि इस देश के सामाजिक विकास के लिए देश की संस्कृति, परम्परा एवं धर्म चिंतन पर आधारित, जाति-पांति तथा छुआछूत से परे एक राष्ट्रवादी संगठन का निर्माण हो, स्वामी विवेकानंद के इस स्वप्न को डा़ हेडगेवार ने रा़ स्व़ संघ की स्थापना कर पूर्ण किया।

अपने भाषण में किसी संगठन का नाम लिए बिना श्री रंतिदेव ने राष्ट्रविरोधी अभियान चलाने वाली शक्तियों की आलोचना करते हुए कहा कि भारत की स्वतंत्रता के लिये लड़ने वाले सुभाषचंद्र बोस के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने वाली, भारत के टुकड़े कर कश्मीर, केरल, मणिपुर को भारत से तोड़ने की बातें करनेवाली शक्तियां कभी सफल नहीं होंगी लेकिन देशवासियों को इन शक्तियों से सावधान रहकर गुजरात से बंगाल तक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारतमाता की जय का घोष करना होगा।

संघ शिक्षा वर्ग समापन समारोह के मंच पर महानगर संघचालक श्री राजेश लोया व वर्ग के सर्वाधिकारी वन्नीय राजन उपस्थित थे। प्रास्ताविक एवं आभार प्रदर्शन वर्ग कार्यवाह हरीश कुलकर्णी ने किया। शिक्षा वर्ग में 978 स्वयंसेवक शिक्षार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में शिक्षार्थियों ने योगासन तथा व्यायाम योग प्रस्तुत किया। राष्ट्र सेविका समिति की संचालिका शांताक्का एवं अनेक गणमान्य नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रतिनिधि

सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास

जम्मू-कश्मीर। राज्य के सौहार्दपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने के लिए 14 जून को तम्देह के अवसर पर जम्मू के प्राचीन शम्भू मंदिर के परिसर में घुसकर एक मुस्लिम युवक ने पहले तोड़फोड़ की और फिर शिवलिंग पर लातों से प्रहार किए व इतने पर ही नहीं रुका। उसने पानी के कलश को भी तोड़ डाला जिससे वहां कोहराम सा मच गया। मंदिर के पुजारी संजय कुमार ने कुछ दूर स्थित पुलिस थाने में पुलिस को सूचित किया तो वहां खड़े एएसआई ने संजय को ही थप्पड़ मार डाले और कहा कि बिना कारण शोर मचा रहे हो। इस पर वहां भीड़ एकत्र हो गई और पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी आरंभ कर दी।

जब पुलिस ने भीड़ को भगाने की कोशिश की तो कुछ लोगों ने पुलिस की दो गाडि़यों के अलावा वहां खड़े कई वाहनों को आग लगा दी। देर रात तक प्रदर्शनों का क्रम जारी रहा। पुलिस ने आंसू गैस के साथ ही हवा में गोलियां भी चलाई।

पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारियों ने वहां पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की और तोड़फोड़ के आरोप में जिला डोडा के दो युवकों को हिरासत में ले लिया।

पकड़े गए दोनों युवक सगे भाई बताए जाते हैं। तोड़फोड़ करने वाले आरोपी का नाम यासर मोहम्मद और तनवीर अहमद बताया गया है।

तनवीर ने पुलिस को बताया है कि उसका भाई मानसिक रोगी है। वह उसे मंदिर के पास ही रहने वाले डॉ. जगदीश थापा को दिखाने लाया था किंतु यासर मंदिर में घुस गया। विश्व हिन्दू परिषद जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रधान श्री लीला कर्ण शर्मा ने एक पत्रकार वार्ता में इस घटना को बड़े षड्यंत्र की संज्ञा दी। उनके अनुसार तनवीर जिन डॉ. थापा की बात बता रहा है उनका कहना है कि इस प्रकार का कोई रोगी उनके पास नहीं आया। इस सारे घटनाक्रम को गहराई से छानबीन की जानी चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ दिनों से जो घटनाएं सामने आ रही हैं और 14 जून को जम्मू-कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुंछ के समीप जिस प्रकार एक उग्रवादी घटना में आतंकी मारा गया है, उससे स्पष्ट होता है कि कश्मीर घाटी के पश्चात अब जम्मू में भी शांति भंग करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कुछ का यह भी मानना है कि अनंतनाग में विधानसभा के उपचुनाव को ध्यान में रखकर नेशनल कांफ्रेंस तथा कुछ अन्य सांप्रदायिक ताकतें जनता की भावनाओं को भड़काने का प्रयत्न कर रही हैं। इस उपचुनाव में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती चुनाव लड़ रही हैं। यह सीट उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के कारण खाली हुई है। उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस तथा कांग्रेस यह प्रचार करने में लगी हैं कि महबूबा मुफ्ती को वोट देने का अर्थ रा.स्व.संघ को वोट देना होगा। इसी प्रकार विपक्षियों द्वारा और भी कई आरोप लगाकर सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष प्रतिनिधि

सेवाभारती का शिविर संपन्न

देहरादून : मातृ मंडल सेवाभारती देहरादून द्वारा गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर सुमन नगर धर्म पुर में 1 जून से 8 जून तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस वर्ग में 14 से 22 साल तक की शिक्षार्थी व संस्कार केन्द्रों की शिक्षिकाओं ने भाग लिया। 125 प्रशिक्षणार्थियों को सौन्दर्य प्रशिक्षण, नृत्य, मोमबत्ती बनाना, दीया डेकोरेशन, पेपरजूलरी बनाना, दंड प्रहार, आत्म सुरक्षा और शारीरिक दक्षता योग अभ्यास व खेल का प्रशिक्षण दिया गया।

6 जून को पथसंचलन में शहरी गणमान्य जनों ने भी भाग लिया इसमे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, जल है तो जीवन है आदि नारों से समाज को जाग्रत किया गया। समापन में मुख्य वक्ता श्रीमती रेणु पाठक सहसचिव राष्ट्रीय सेवा भारती, अखिल भारतीय महिला प्रमुख मातृ मंडल रहीं।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती साधना शर्मा रहीं तो विशिष्ट अतिथि डॉ. मीनू गोयल। वर्ग की वर्गाधिकारी गीता सक्सेना मातृ मंडल सेवा भारती रुद्रपुर रहीं। इस अवसर पर प्रान्त प्रचारक युद्धवीर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सानिध्य मिला, सेवा भारती मातृमंडल उत्तराखंड की अध्यक्षा श्रीमती रीता गोयल ने सबका धन्यवाद किया। अखिल भारतीय सेवा प्रमुख श्री सुहास राव एवं अन्य गणमान्य अधिकारी भी इस मौके पर हाजिर थे।   प्रतिनिधि

प्रशिक्षण वर्गों में मिलता है देश निर्माण का भाव

दिल्ली प्रांत का प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग संपन्न

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (दिल्ली प्रांत) के संघ शिक्षा वर्ग (प्रथम वर्ष) का समापन 11 जून को पूर्वी दिल्ली के शंकर नगर स्थित आऱए. गीता विद्यालय के प्रांगण में हुआ। 23 मई से शुरू हुए इस 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग में चिकित्सक, अभियंता, प्राध्यापक, व्यवसायी, विद्यालयी शिक्षकों के साथ-साथ परास्नातक, स्नातक, बारहवीं और दसवीं के छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस वर्ग में 15 से 40 वर्ष के कुल 248 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण लिया, जिनमें दिल्ली प्रान्त के 6 विभाग के 31 जिलों से आये हुए 244 शिक्षार्थी, महाराष्ट्र से 3 तथा आंध्र प्रदेश से 1 शिक्षार्थी सम्मिलित था। संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष के समापन समारोह के मुख्य वक्ता रा.स्व.संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्री रामेश्वर ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विश्व में भारत का गौरव बढ़ रहा है। ठीक व्यक्ति यदि ठीक स्थान पर आ जाए तो राष्ट्र को उसका लाभ कई पीढि़यों तक मिलता रहता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व राजनयिक श्री आजाद सिंह तूर ने कहा कि यह देश निर्माण का भाव ही है जो रा.स्व.संघ के प्रशिक्षण वर्गों में शिक्षार्थियों को मिलता है।

समापन समारोह में दिल्ली प्रान्त संघचालक श्री कुलभूषण आहूजा, वर्ग अधिकारी श्री तरुण गुप्ता और वर्ग कार्यवाह श्री भारत के साथ बड़ी संख्या में रा.स्व. संघ के पदाधिकारी, शिक्षार्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे। वि.सं.के, इन्द्रप्रस्थ

दुर्गावाहिनी का प्रशिक्षण शिविर

नई दिल्ली। विगत दिनों दुर्गावाहिनी द्वारा शिशु भारती स्कूल, गांधी नगर में युवतियों का सात दिवसीय शौर्य प्रशिक्षण शिविर संपन्न हुआ। इस शिविर में दिल्ली के सभी जिलों से आयी 150 बहनों ने शिक्षण प्राप्त किया। व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ आत्मरक्षा, सेवा, संस्कार, राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका, गौरवशाली इतिहास, आतंकवाद, स्वदेशी, लव जिहाद जैसे अनेक विषयों पर जानकारी दी गई। शारीरिक, मानसिक, बौद्घिक, वैचारिक हर दृष्टि से युवतियां मजबूत हों, उसी अनुरूप पाठ्यक्रम रख उनको प्रशिक्षण दिया गया। जूड़ो-कराटे, योग, दण्डयुद्घ, आसन खेल आदि के द्वारा शारीरिक मजबूती के गुण भी बताये गये। इस प्रशिक्षण वर्ग में विश्व हिन्दू परिषद व दुर्गावाहिनी के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।

समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त नवयुवतियों ने 7 दिन में प्राप्त शिक्षण का शारीरिक प्रदर्शन किया। दुर्गावाहिनी की अखिल भारतीय संयोजिका माला रावल ने कहा कि बहनें आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देश-समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि साध्वी हरिप्रिया ने कहा कि हिन्दू जीवन मूल्यों पर चलकर ही देश दुनिया का भला हो सकता है।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विहिप, दुर्गावाहिनी, मातृशक्ति के प्रदेश, विभाग व जिला स्तर के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधि

अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग न हो

रायपुर 12 जून को छत्तीसगढ़ विश्व संवाद केन्द्र द्वारा देवर्षि नारद जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष चन्द्रशेखर साहू ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पाञ्चजन्य के समूह संपादक जगदीश उपासने थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विश्व संवाद केन्द्र के संरक्षक गोपाल कृष्ण अग्रवाल भी विशेष रूप से मौजूद थे। इस दौरान संवाद प्रवाह पत्रिका का विमोचन भी किया गया। वरिष्ठ पत्रकार बाबूलाल शर्मा को इस वर्ष के देवर्षि नारद सम्मान से सम्मानित किया गया।

अपना वक्तव्य रखते हुए श्री जगदीश उपासने ने कहा कि मीडिया आज इंडस्ट्री का स्वरूप ले चुका है और इंडस्ट्री के लिए पाठक या दर्शक केवल उपभोक्ता होते हैं। पत्रकार का काम सूचना देना, मनोरंजन करना और प्रोत्साहित करना है। पत्रकारिता में तकनीक का जिस तेजी से इस्तेमाल हो रहा है उसके मद्देनजर पत्रकार को हमेशा अद्यतन रहना पडे़गा।

अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष चन्द्रशेखर साहू ने कहा कि देवर्षि नारद केवल देवताओं को ही नहीं, दानवों और गंधवोंर् को भी सही सलाह दिया करते थे। श्री साहू ने कहा कि समाज को आज ध्येयनिष्ठ जीवन देने की दिशा में कार्य करने की जरूरत है और संवाद केन्द्र इस कार्य को बेहतर तरीके से कर रहा है।

कार्यक्रम में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मानसिंह परमार, वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैयर, मधुकर द्विवेदी, शशांक शर्मा, नीरज वर्मा, शांताराम और छत्तीसगढ़ विश्व संवाद केन्द्र के प्रमुख डॉ़ सुरेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपास्थित थे। संचालन प्रियंका कौशल ने किया और आभार प्रदर्शन अनिल द्विवेदी ने किया। द.बा.आंबुलकर

''हमारी शुभकामना है पाकिस्तान को सद्बुद्धि आए''

नई दिल्ली में 13 जून को 'पाकिस्तान वाच' नामक त्रैमासिक पत्रिका के प्रथम अंक का लोकार्पण हुआ। लोकार्पणकर्ता थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले। मे.ज. (से.नि.) जी.डी. बख्शी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह के विशिष्ट अतिथि थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य। वक्ता के तौर पर पूर्व राजनयिक विवेक काटजू और न्यूज नेशन चैनल के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक अजय कुमार उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों पड़ोसी देश हैं। इस नाते दोनों की समस्याओं को सुलझाने के लिए संवाद जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही यह भी देखना चाहिए कि इसके लिए वह कितना इच्छुक है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बस लेकर लाहौर गए थे। वह बस यात्रा आगरा की बैठक में खत्म हो गई थी। इसी तरह वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अचानक पाकिस्तान गए और वहां के प्रधानमंत्री से मिले। इससे दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन पठानकोट में हुए आतंकवादी हमले से वह प्रक्रिया भी टूट गई। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद पाकिस्तान के साथ हमारा संबंध रहना चाहिए और बातचीत भी होनी चाहिए। हम दुनिया के अन्य देशों की तरह नहीं सोच सकते। भौगोलिक दृष्टि से हमारा उसके साथ संबंध है। हम एक ही सभ्यता और संस्कृति से जुड़े रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संस्कृति में राज्य को कभी भी मजहबी आधार पर नहीं देखा गया, पर पाकिस्तान मजहब के आधार पर ही चलने वाला राज्य है। इसलिए पाकिस्तान से हमारा सांस्कृतिक संबंध टूट चुका है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जन्म से लेकर आजतक भारत के साथ शत्रुता का भाव रखता आ रहा है और उसकी सारी नीतियां भारत विरोध पर टिकी हुईं हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान केवल एक सोच है, वह कभी राष्ट्र नहीं बन सका। श्री होसबाले ने कहा कि मुख्य समस्या पाकिस्तान की भारत और हिन्दू विरोधी मानसिकता है। इतने वषार्ें में भी वहां राष्ट्र और सांस्कृतिक एकता का भाव विकसित नहीं हो पाया। संस्थान खड़े किये बिना कोई भी देश अपने लोगों का हित नहीं कर सकता, अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता। इसमें पाकिस्तान फिसड्डी साबित हुआ है। वहां की अर्थव्यवस्था का हाल दुनिया जानती है। उसने इतने वषार् में उत्पादन के क्षेत्र में कुछ नहीं किया सिवाय आतंकवाद के। इन वजहों से अंतरराष्ट्रीय जगत में पाकिस्तान की साख नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ ही बने या स्वतंत्र हुए अनेक देश आज उससे बेहतर हालत में हैं। पाकिस्तान अपनी दुरावस्था के लिए खुद जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के कुछ लोगों की शुभकामनाओं से पाकिस्तान का कुछ भला नहीं होने वाला, उसका भला होगा अच्छे सकारात्मक विचारों और अच्छे कमार्ें से। हमारी शुभकामना है कि पाकिस्तान को ऐसी सद्बुद्धि आए।

भारत नीति प्रतिष्ठान के मानद निदेशक प्रो़ राकेश सिन्हा ने कहा कि जब पाकिस्तान बनाने का विचार आया तब भी वह एक प्रयोग था और आज भी वह प्रयोग जारी है। यह भारत की नैतिक जिम्मेदारी है कि हम वहां के घटनाक्रम पर नजर रखें। इसी जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए भारत नीति प्रतिष्ठान ने 'पाकिस्तान वाच' त्रैमासिक के जरिए पाकिस्तान से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों को सामने लाने का निश्चय किया है। श्री अजय कुमार ने बताया कि हम अपने मित्र तो बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं, इसलिए पड़ोसी देशों के प्रति संबंधों में ज्यादा सतर्कता आवश्यक है। पाकिस्तान में भारत विरोधी भावना को बढ़ावा देना वहां के नेताओं की राजनीतिक जरूरत है। इसे ध्यान में रखकर हमें पाकिस्तान के संबंध में नीति बनाकर चलने की आवश्यकता है।

श्री विवेक काटजू ने कहा कि पाकिस्तान की हर नीति भारत को शत्रु मानकर बनाई जाती है। हमें इसे ध्यान में रखकर अपनी नीतियां बनानी होंगी। मे.ज. जी़ डी़ बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान सिर्फ फौजी भाषा ही समझता है, सभ्य भाषा नहीं। आज पाकिस्तान और चीन का गठजोड़ उत्तेजित करने वाला कदम है, दूसरी ओर अमेरिका उससे दूर होता जा रहा है। भारत को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समय पाकिस्तान में फौज पूरी तरह हावी हो चुकी है और नवाज शरीफ गौण हो गए हैं। इसलिए पाकिस्तान से कोई भी वार्ता करने से पहले भारत को पूर्व के अनुभवों का ध्यान रखने की जरूरत है।

इस अवसर पर डॉ. मनमोहन वैद्य ने भारत नीति प्रतिष्ठान द्वारा प्रकाशित होने वाली पाक्षिक पत्रिका 'उर्दू प्रेस की समीक्षा और विश्लेषण' के संकलनकर्ता और अनुवादक वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन शर्मा को

सम्मानित किया।    प्रतिनिधि

 

 

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