| दिंनाक: 28 Dec 2015 13:15:47 |
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भारतीय मतदाता संगठन की एक विशेष बैठक में दिल्ली के पूर्व महापौर महेश चन्द्र शर्मा, दिल्ली के पूर्व मंत्री श्री रमाकान्त गोस्वामी, पूर्व विधायक श्री नन्दकिशोर गर्ग, संत भारती जी, नागरिक परिषद् दिल्ली के श्री राधेश्याम अग्रवाल, श्री राजेन्द्र स्वामी, युवा संवाद के सम्पादक श्री ए.के. अरुण, भाई सत्य देव चौधरी और डॉ. रिखब चन्द जैन ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता की भावना का प्रतिनिधित्व करने की बजाय संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में अवरोध, बाधा और रुकावट के लिए जनता एवं मतदाताओं का अपमान बताया। भारतीय मतदाता संगठन के अध्यक्ष डॅा. रिखब चन्द जैन ने कहा कि मतदाता ने उन्हें वोट देकर अपना प्रतिनिधि संसद में बोलने के लिए बनाया, न कि अपनी मर्जी से अड़चन पैदा करने के लिए। वक्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का कर्त्तव्य है कि वे जनभावना का आदर करें, उसे ही ही सदन में रखें और स्वीकार करवाएं संसद का कार्य रोकना जनता और मतदाता का अपमान है। – प्रतिनिधि