| दिंनाक: 01 Aug 2015 12:50:43 |
|
गत दिनों भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा के उपन्यास 'परितम लंकेश्वरी' का लोकार्पण हुआ। लोकार्पणकर्ता थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत। समारोह की अध्यक्षता लोकसभा की अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने की। मुख्य अतिथि थे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और विशिष्ट अतिथि थीं समाजसेविका सुश्री प्रमिला ताई। समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि हमारे देश में प्रणम्य और महा पापनाशक पंच कन्याओं की प्रतिष्ठा है। इनमें सीता, द्रौपदी, अहिल्या, मंदोदरी और तारा शामिल हैं। सीता, द्रौपदी, और अहिल्या के सम्बंध में तो काफी कुछ लिखा गया है, किन्तु तारा और मंदोदरी पर विस्तार से नहीं लिखा गया है। इस उपन्यास में मृदुला जी ने पहली बार मंदोदरी के बारे में विस्तार से लिखा है। यह उपन्यास पाठकों को वैचारिक आनन्द देने वाला है। श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि लेखिका ने मंदोदरी से सम्बंधित छोटी-छोटी बातों को भी बड़ी कुशलता के साथ रखकर स्त्री चरित्र को देखने का एक नया दृष्टिकोण दिया है। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंदोदरी सुख-वैभव के साथ अपना जीवन जी सकती थी, लेकिन कुमार्गगामी पति के कारण उसका सुख व्यर्थ था।
इसलिए उसने अपने पति रावण को सही मार्ग पर लाने में कोई कमी नहीं रहने दी थी। श्रीमती मृदुला सिन्हा ने कहा कि आज बेटियां जल-थल को नाप रही हैं। ऐसे समय में उनको सीता, सावित्री, मंदोदरी जैसी आदर्श नारियों के संबल की आवश्यकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस उपन्यास की रचना की गई है।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता श्री कैलाश जोशी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री नंद कुमार सिंह, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री श्री बाबूलाल गौर सहित अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित थे। यह उपन्यास प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया है। समारोह का संचालन प्रभात प्रकाशन के संचालक प्रभात कुमार ने किया। ल्ल प्रतिनिधि
आतंकियों के आकाओं को भारत में रहने का हक नहीं
विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ़ सुरेन्द्र कुमार जैन ने कहा है कि इस्लामिक जिहादी आतंकवाद से पूरी दुनिया त्रस्त है। इसके बावजूद कभी ओवैसी, कभी अबू आजमी, कभी आजम खान जैसे लोग मजहब के आधार पर बार-बार देशद्रोहियों और मानवता के दुश्मन आतंकियों के आका बन भारत को धमकी देने पर उतारू हो जाते हैं। इन लोगों को पता ही नहीं चलता है कि हिन्दू विरोध करते-करते ये कब संविधान और देश के विरोध पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे लोगों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
सवार्ेच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद आज तक न समान नागरिक संहिता लागू हो पाई और न ही बंगलादेशी घुसपैठियों को खदेड़ा जा सका है। डॉ. जैन 25 जुलाई को दिल्ली में बजरंग दल की दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज देश की तीन मुख्य समस्याएं हैं- कट्टरवादी चर्च, जिहादी आतंकवाद तथा छद्म सेकुलरवाद। इन सबका सामना करने के लिए बजरंग दल पूरी तरह से तैयार है। बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजेश पाण्डे ने कहा कि बजरंग दल देश के हर जिले में अपनी भूमिका सक्रिय रूप से निभा रहा है और
हम शीघ्र ही देश के प्रत्येक गांव में अपनी टीम खड़ी करेंगे।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विहिप के मार्गदर्शक मण्डल के सदस्य और सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा दिल्ली के अध्यक्ष स्वामी राघवानन्द महाराज ने कहा कि देश और धर्म की रक्षार्थ बजरंग दल के कार्य सराहनीय तो हैं, किन्तु गो-रक्षा, कन्वर्जन, धर्म स्थलों पर हमलों और लव जिहाद की घटनाओं के संदर्भ में देश के प्रत्येक नव युवक को जागना और जगाना होगा। बैठक में देशभर के प्रान्त बजरंग दल संयोजक, क्षेत्रीय संयोजक और उनकी टोली के अलावा अखिल भारतीय पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में देश की वर्तमान परिस्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और आगे की कार्य योजनाओं पर चर्चा हुई प्रतिनिधि