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गत दिनों दरभंगा (मिथिलांचल) में 'इजोत' संस्था द्वारा मिथिला विश्वविद्यालय के साथ मिलकर जनकसुता जानकी की स्मृति में तीन दिवसीय किशोरी दाई उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिन (वैशाख अष्टमी) को स्थानीय लोगों ने सीता माता व श्रीराम से जुड़े विभिन्न कार्यकमों में हिस्सा लिया। समारोह के दूसरे दिन पहला पूजन किशोरी स्वरूप का हुआ, उसके बाद श्रीराम का पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया था। गोष्ठी का विषय था- मिथिला की विदुषी परम्परा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बौद्धिक प्रमुख श्री स्वांत रंजन ने कहा कि यह पावन भूमि है। यहां की परंपरा, ज्ञान,दर्शन सीता माता से जुड़ी हैं, उन पर लेखन होना चाहिए। साथ ही वर्तमान समय में दरंभगा में विश्वस्तरीय महिला अध्ययन केन्द्र की आवश्यकता है। क्योंकि इसके बनने से समाज के लोग गार्गी, मैत्रीही,भारती व भामती के जीवन को जानेंगे।
मिथिला विश्वविद्यालय की प्रो.इंदिरा झा ने कहा कि माता जानकी का उत्सव मनाना अच्छी बात है लेकिन माता के आदर्शों को समाज अपने जीवन में उतारें तब ही कल्याण होगा। क्योंकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए खासकर स्त्रीशक्ति के लिए जनकसुता जानकी का जीवन एक प्रेरणा के रूप में है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री संजय पासवान ने कहा कि मेरी भारत सरकार से एक मांग है कि देश में जानकी नवमी (वैशाख शुक्ल पक्ष) की तिथि को भारतीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाए। कार्यक्रम का समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन दरभंगा के पूर्व चेयरमैन अजय पासवान ने किया। ल्ल
शिरीन को न्यायालय से मिली राहत
मुंबई उच्च न्यायालय से शार्ली एब्दो के व्यंग्य चित्र को पुन: छापने के आरोप में उन्मादियों का निशाना बनी एवं गिरफ्तार हुईं उर्दू दैनिक समाचार पत्र की पूर्व संपादक शिरीन दलवी को राहत मिल गई है।
न्यायालय ने दलवी के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने पर महाराष्ट्र सरकार और पुलिस पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि उर्दू अखबार की अवधनामा के मुंबई संस्करण की पूर्व संपादक को पुलिस ने गत 30 जनवरी को गिरफ्तार करके ठाणे की अदालत में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया था।
दलवी की ओर से वरिष्ठ वकील मिहिर देसाई ने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता घर नहीं रह सकती, उनके बच्चे स्कूल नहीं जा सकते। इसलिए न्यायालय कोई ऐसा आदेश दे ताकि याचिकाकर्ता के खिलाफ आगे कोई भी बलपूर्वक कार्रवाई न की जाए। न्यायालय 27 मई को इस मामले पर दोबारा सुनवाई करेगा।
गंगा प्रदूषित करने पर होगा मुकदमा
गंगा को प्रदूषित करने वालों की अब खैर नहीं है। केन्द्र सरकार जल्द ही गंगा प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने का मसौदा तैयार करने जा रही है। इस पर जल संसाधन मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, शहरी विकास और विधि एवं न्याय मंत्रालय काम कर रहे हैं। इससे पूर्व भी केन्द्र सरकार मार्च माह में स्पष्ट कर चुकी है कि गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा केन्द्र सरकार गंगा में गिरने वाले नालों की गंदगी पर भी विचार कर रही है। इस संबंध में कई योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसके तहत नदी से गंदगी निकालने के लिए नाव की व्यवस्था की जाएगी। शवदाह, सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं के कारण नदी में बहाए गए कचरे को निकालने के लिए नाविकों को स्थानीय शहरी निकाय की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। ल्ल प्रतिनिधि











