'स्वदेशी संगम' में स्वदेशी का संकल्प 
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'स्वदेशी संगम' में स्वदेशी का संकल्प 

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Oct 18, 2014, 12:00 am IST
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दिंनाक: 18 Oct 2014 15:20:35

जयपुर में 11 और 12 अक्तूबर को स्वदेशी जागरण मंच ने 'स्वदेशी संगम' का आयोजन किया। संगम में पांच तकनीकी सत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ़ डी़ आई़), मुक्त व्यापार समझौते (एफ़ टी़ ए़), सार्वजनिक निजी भागीदारी (पी.पी.पी.), विश्व व्यापार संगठन, कृषि, पशुधन, मछुआरे, भूमि-अधिग्रहण, उद्योग-व्यापार, नदी-जल-पर्यावरण, वनवासी इत्यादि विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया, वहीं इन क्षेत्रों में काम करने वाले प्रतिनिधियों ने अपने-अपने व्यावहारिक अनुभवों से अवगत कराया तथा देश की संप्रभुता तथा आर्थिक स्वतंत्रता को बनाए रखने हेतु मिलकर कार्य करने का संकल्प भी लिया। संगम में इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि विकास के सम्पूर्ण प्रयास 'धारणक्षम विकास' की अवधारणा पर केन्द्रित होने चाहिए। संगम में जनता से वैश्वीकरण की जन विरोधी नीतियों के विरुद्ध एकजुट होकर इनका डटकर विरोध करने और अपने जीवन में स्वदेशी के व्रत के पालन करने का संकल्प लेने का आह्वान भी किया गया।
स्वदेशी संगम के दौरान आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह ने कहा कि गरीबी नारा लगाने से दूर नहीं होगी। गरीबी बेरोजगारी का नतीजा है तथा बेरोजगारी हटाने के लिए हर हाथ को काम चाहिए। काम होगा तो जेब में दाम होगा, दाम होगा तो आंगन में खुशहाली होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई प्रकार के वाद चले पर समाज में समानता नहीं ला सके। समानता एकात्म मानववाद से ही आ सकती है। उन्होंने बताया कि देश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी ज्यादा है और यह उद्योग-धंधों, कारखानों से नहीं हटने वाली। इसे हटाने के लिए छोटे व लघु उद्योगों पर जोर देना होगा, जो कि स्थानीय सामान व कच्चे माल से उपयोगी वस्तुओं को तैयार करते हंै।
तकनीकी सत्र में स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरुण ओझा ने कहा कि आज सब कुछ विदेशियों के हाथों में जा रहा है। आज हम गली-गली में वास्को डि गामा खोज रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश ने रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी पंूजीनिवेश (एफ.डी.आई.) को अनुमति नहीं दी है, लेकिन भारत में तकनीकी के नाम पर एफ.डी.आई. के रास्ते खोल दिए गए हैं।
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक श्री कश्मीरी लाल ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक पहले प्रयत्न में ही मंगल पर पहुंचने का करिश्मा करते हैं और सबसे ज्यादा खुशी तो यह जानकर होती है कि यान में एक भी पुर्जा बाहर का बना नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार बोल रही है कि चीन में निर्मित पटाखों के आयात के लिए एक भी लाइसेंस नहीं दिया है, लेकिन सारा बाजार चीनी पटाखों से भरा पड़ा है।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो़ भगवती प्रकाश ने कहा कि देश में वाणिज्य, व्यापार, उद्योग, सेवा व कृषि पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का शिकंजा बढ़ता जा रहा है। चीनी उत्पादों के कारण देश में 17 हजार छोटे-बड़े उद्योग बंद हो गए हैं। स्वदेशी संगम के समन्वयक दीपक शर्मा 'प्रदीप' ने कहा कि पश्चिमी अर्थशास्त्र आज भारतीय अर्थशास्त्र को चुनौती दे रहा है। भारतीय अर्थशास्त्र जहां बचत, कम खर्च, पर्दे में विश्वास रखता है, वहीं पश्चिमी विचारधारा कर्ज, अधिक खर्च, बेपर्दा से देश को बर्बाद कर रही है। डॉ. कृष्णवीर सिंह चौधरी ने कहा कि सरकार की ओर से उर्वरक पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे किसानों को दी जानी चाहिए। हमें रासायनिक खादों के उपयोग पर लगाम लगानी चाहिए और किसानों को देशी व जैविक खाद का उपयोग करने के बारे में जानकारी देनी चाहिए। कृषि मामलों के विशेषज्ञ डॉ़ देवेन्द्र शर्मा, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्यामबिहारी मिश्र एवं उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ श्री बिजोन मिश्र ने भी सूचना एवं तथ्यपरक जानकारी से लाभान्वित किया।
इस अवसर पर नर्बदा इंदोरिया की पुस्तक 'स्वदेशी संदेश' का लोकार्पण भी किया गया। 'स्वदेशी संगम' के समापन समारोह में एक घोषणापत्र जारी किया गया। 'जयपुर घोषणा' नामक इस घोषणपत्र में अनेक विषयों पर चिंता व्यक्त करते हुए उद्घोषित किया गया कि अब देश व समाज, आर्थिक वैश्वीकरण से आम व्यक्ति पर होने वाले आघातों को अधिक समय तक सहन करने को तैयार नहीं है। घोषणापत्र का वाचन प्रसिद्ध कृषि विषेषज्ञ डॉ़ देवेन्द्र
शर्मा ने किया। ल्ल प्रतिनिधि

हरिद्वार में बजरंग दल का राष्ट्रीय अधिवेशन

हरिद्वार में 10,11 एवं 12 अक्तूबर को बजरंग दल का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ। इसमें देशभर से 1500 दायित्ववान कार्यकर्ता शामिल हुए। अधिवेशन का औपचारिक शुभारंभ 10 अक्तूबर की सायं ध्वजारोहण करके किया गया। मुख्य अतिथि पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य श्री बालकृष्ण, विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री चम्पत राय, संगठन महामंत्री श्री दिनेशचन्द्र, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजेश पाण्डेय, अधिवेशन संयोजक श्री रंदीप पोखरिया व श्री रमणीक भाई ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। शुभारंभ सत्र में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि देश के युवाओं के पुरुषार्थ के बल पर ही भारत पुन: विश्व गुरु बनेगा। इसके उपरांत श्री राजेश पाण्डेय ने अधिवेशन के उद्देश्य, कार्यक्रमों आदि की जानकारी दी।
अधिवेशन के दूसरे दिन के विभिन्न सत्रों में देशभर से पधारे संगठन पदाधिकारियों ने श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन, विश्व हिन्दू परिषद् के स्वर्णिम 50 वर्ष, सांगठनिक कार्य पद्धति, बजरंग दल के प्रेरणा-स्रोत हनुमान जी का आदर्श, हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्र की परिकल्पना, भारत वर्ष का गौरवशाली इतिहास आदि विषयों पर गंभीर मंथन किया, साथ ही संगठन के वरिष्ठतम पदाधिकारियों व पूज्य साधू-संतों का आशीर्वचन प्राप्त हुआ। इसी दिन श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन अयोध्या के अमर बलिदानी कोठारी बन्धुओं की वीर माता का विशेष सम्मान किया गया। इस दिन के उद्घाटन सत्र के मंच पर विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राघव रेड्डी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री चम्पत राय ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि संघर्ष के अब तक के इतिहास, आन्दोलन, उपलब्धि तथा बलिदान की गाथा पर विस्तार से प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में श्री दिनेशचन्द्र ने संगठन की कार्यपद्धति, उद्देश्य तथा विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए प्रत्येक बजरंगी को हिन्दू समाज का रक्षक बताया व राष्ट्र रक्षा का आह्वान किया। तृतीय सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी नेे कहा कि हिन्दुत्व ही इस भारतवर्ष की आत्मा और मौलिकता है जिसको कोई बदल नहीं सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत माता मंदिर, हरिद्वार के संस्थापक व संरक्षक पूज्य सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने हिन्दू समाज के कल्याण में विश्व हिन्दू परिषद् तथा हिन्दुत्व के मान बिन्दुओं की रक्षा में बजरंग दल की भूमिका की सराहना करते हुए प्रत्येक बजरंगी को सिंह स्वरूप बताया । उन्होंने कहा कि यही युवाशक्ति भारतमाता के सुपुत्रों के रूप में राष्ट्र आराधना हेतु बलिदान होने व राष्ट्र विरोधियों की बलि लेने में सक्षम सिद्ध होगी । अधिवेशन के तीसरे और अन्तिम दिन संगठन के आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
देश और हिन्दू समाज के समक्ष उत्पन्न गंभीर और घातक चुनौतियों से राष्ट्र रक्षा करने का संकल्प लिया गया। विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ़ प्रवीणभाई तोगडि़या ने कहा कि हिन्दू समाज इस दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संतति है। इसका कल्याण और विकास कोई नहीं रोक सकता। हजारों जाति, वर्ण में होने के बावजूद हम सब हिन्दू एक हैं तथा एक ही माता-पिता की सन्तान हैं। हिन्दू समाज को संगठित करना, जागृत करना और राष्ट्रहित में सक्रिय करना ही विश्व हिन्दू परिषद् का मुख्य उद्देश्य है। पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि हिन्दू शौर्य के जागरण का प्रतीक है श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन, जिसकी परिणति अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण के रूप में अवश्य ही स्थापित होगी। विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राघव रेड्डी ने समस्त पदाधिकारियों को सेवा, सुरक्षा, संस्कार के प्रति प्रेरित करते हुए भारत माता, गोमाता, गंगा माता एवं राष्ट्र की एकात्मता की रक्षा का संकल्प कराया।
ल्ल प्रतिनिधि

खेलों को प्रोत्साहन देने हेतु
क्रीड़ा भारती की नई योजनाएं

क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय नियामक मण्डल की बैठक 11 और 12 अक्तूबर को जयपुर में सम्पन्न हुई। इसमें संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राज चौधरी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि भारतीय खेलांे के प्रोत्साहन के लिए सारे देश में क्रीड़ा भारती प्रयास कर रही है। इसके कई सकारात्मक परिणाम अनेक जगह से प्राप्त हो रहे हंै। कबड्ड़ी को मिली राष्ट्रीय पहचान एवं ग्रामीण क्षेत्रांे से निकले कई प्रतिभावान खिलाड़ी इसके उदाहरण हंै। बैठक में नियामक मण्डल ने 5 सूत्रीय कार्यक्रम भी तय किया है। इसके अन्तर्गत जीजाबाई पुरस्कार और मेजर ध्यानचंद पुरस्कार देने की योजना है। इसके साथ ही हनुमान जयन्ती मनाने, क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा आयोजित करने और खेल केन्द्रों की स्थापना करने पर विचार हुआ है। ल्ल प्रतिनिधि

बाड़मेर और जैसलमेर के लिए विशेष मदद की मांग
गत दिनों केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह जोधपुर प्रवास पर थे। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सीमाजन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती बाड़मेर और जैसलमेर में व्याप्त अकाल एवं सूखा से उत्पन्न स्थितियों से अवगत कराया। साथ ही सीमावर्ती जिले के किसान और पशुपालकों को राहत पहुंचाने की आवश्यकता जताई। समिति के जिला मंत्री शरद व्यास ने बताया कि संघ के प्रांत प्रचारक मुरलीधर, विभाग प्रचारक बाबूलाल, सीमाजन कल्याण समिति के प्रदेश संगठन मंत्री नीम्ब सिंह, समिति के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल के साथ जोधपुर के सांसद गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कृषि मंत्री के साथ विशेष चर्चा के दौरान उन्हें अवगत कराया कि सीमावर्ती बाड़मेर और जैसलमेर जिले भीषण अकाल की चपेट में हैं। यहां पर बारिश के अभाव में 90 प्रतिशत तक खरीफ की फसलें चौपट हो गई हैं। बारिश की कमी से पानी का संकट सर्दी में भी रहने वाला है। इसलिए केन्द्र और राज्य सरकार को अविलंब राहत कार्य शुरू करने चाहिए। कृषि मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि अकाल की स्थिति से निपटने में केन्द्र सरकार हरसंभव सहायता करेगी। ल्ल प्रतिनिधि

साध्वी प्रज्ञा की रिहाई को लेकर प्रदर्शन
भुवनेश्वर में 10 अक्तूबर को साध्वी प्रज्ञा की रिहाई को लेकर प्रदर्शन किया गया। भारत रक्षा मंच के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए भारत रक्षा मंच, ओडिशा प्रदेश के महासचिव मुरली शर्मा ने कहा कि 6 वर्ष पूर्व केन्द्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के झूठे आरोप में साध्वी प्रज्ञा को जेल में बन्द कर दिया था। उनके विरुद्ध अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है।
हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए साध्वी प्रज्ञा को जेल में बन्द रखा गया है। वह इन दिनों अस्वस्थ रहने के कारण भोपाल जेल में जीवन और मौत से जूझ रही हैं। मोदी सरकार साध्वी के साथ न्याय करे और उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त करे।
ल्ल प्रतिनिधि

भगिनी निवेदिता की 103वीं पुण्यतिथि मनी
भुवनेश्वर में रक्तदान शिविर
उत्कल बिपन्न सहायता समिति ने 9 अक्तूबर को भुवनेश्वर स्थित अपने मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया। उत्कलमणि गोपबंधु दास के जन्म दिवस पर आयोजित इस शिविर में 50 यूनिट रक्त का दान हुआ। शिविर के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे राजधानी अस्पताल के अधीक्षक श्री विनोद कुमार मिश्र, विशिष्ट अतिथि थे स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक श्री सरोज मिश्र। अध्यक्षता की उत्कल बिपन्न सहायता समिति के अध्यक्ष श्री प्रकाश बेताला ने।
अनशन समाप्त
इन्हीं दिनों भुवनेश्वर में राष्ट्रीय गो रक्षा आन्दोलन समिति की देखरेख में चल रहा अनशन भी समाप्त हुआ। समिति के कार्यकर्ता पिछले चार दिन से गो हत्या पर रोक लगाने की मांग को लेकर अनशन कर रहे थे। समिति ने फैसला लिया है कि ओडिशा के हर जिले में 'गो रक्षा वाहिनी' का गठन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ओडिशा में गोहत्या की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। ल्ल प्रतिनिधि

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