विशाल, कृपया बताइए...आस्तीन का सांप कौन?
August 19, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

विशाल, कृपया बताइए…आस्तीन का सांप कौन?

Written byArchiveArchive
Oct 11, 2014, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 11 Oct 2014 15:56:52

स्वाति
ज्यादा पुरानी बात नहीं है। करीब एक-डेढ़ महीनाभर पहले एक फिल्म आयी थी। नाम था ह्यआईडेंटिटी कार्डह्ण, जिसके निर्देशक थे राहत काजमी। कश्मीर के मौजूदा हालात पर बनी यह फिल्म न तो वहां के अलगाववादियों पर थी और न ही सीमा पार से लगातार हो रहे संघर्षविराम के उल्लंघन आदि के बारे में। यह फिल्म थी वहां के बाशिंदों की लगातार रहस्यमय ढंग से हो रही गुमशुदगी, स्थानीय नागरिकों के लिए आनिवार्य रूप से थोपे गये शिनाख्ती कार्ड और कहीं से भी शक की बिना पर उठा लिये गये कश्मीरी युवकों के बारे में। सेना द्वारा शक की बिना पर उन युवकों को क्यों उठाया जाता है और उनके साथ कैसा सलूक किया जाता है, इसका चित्रण भी फिल्म में किया गया था। पर सेना के पक्ष के साथ। सो मानियेगा, यह फिल्म बस एक ओछा प्रयास ही थी, जिसे बेहद बचकाने ढंग से पेश किया गया था। कच्चे-पक्के कलाकारों से सजी यह फिल्म न तो डाक्यूमेंटरी बन पायी और न ही एक मुकम्मल फीचर फिल्म। यह फिल्म देखकर याद आयी मणिरत्नम की फिल्म रोजा, जो नब्बे के शुरुआती वर्षों में वादी में कहर बरपा रहे घरेलू और सीमा पार आतंकवाद का चित्रण थी। करीब एक दशक पहले टाइम मैगजीन ने रोजा के संगीत को 10 बेस्ट इंटरनेशनल साउंडट्रैक श्रेणी में रख सम्मान बख्शा था। रोजा के नाम और भी ढेरों इनाम हैं।
ह्यआईडेंटिटि कार्डह्ण के बाद एक सवाल मन में उठा कि क्या कोई फिल्मकार ह्यराष्ट्र सर्वोपरिह्ण के ध्येय को सामने रखकर कश्मीर के हालात पर कोई रोचक और चौंकाने वाला सिनेमा पेश करेगा? यहां आगे बढ़ने से पहले अभिनेता से निर्देशक बने आमिर बशीर की फिल्म हारुद का जिक्र भी कर दिया जाए तो बेहतर होगा, जो कश्मीर के हालात का वैसा ही चित्रण करती है, जिनका ब्यौरा ऊपर दिया गया है। दो साल पहले आयी इस फिल्म को उर्दू में बनी बेस्ट फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। पर हारुद ऐनक ऊंची कर पेशानी पर बल देकर सिनेमा की रेटिंग करने वालों के बीच ही दबकर रह गयी। और इस फिल्म का कलेवर भी ऐसा नहीं था, जिसे मार्केटिंग के इस दौर में कोई जियाला सिनेमाहाल की रिलीज का मुंह दिखा पाता। खैर, पिछले सप्ताह रिलीज हुई विशाल भारद्वाज की फिल्म ह्यहैदरह्ण के प्रोमो जब 10-15 दिन टीवी पर देखे तो लगा कि हां, अब कुछ बात बनेगी। इन प्रोमोज के पार्श्व में गूंजती एक भरभरी सी आवाज कहती है, हैदर मेरा इंतकाम लेना…. जिसने तेरी मां पर फरेब डाले थे… ये प्रोमोज किसी भी फिल्म की कहानी और विषय-वस्तु को बयान करने के लिए इतने व्यापक थे कि उत्सुकता पैदा होना लाजमी था। और फिर विशाल भारद्वाज हैदर के जरिये उस ट्रायलॉजी को भी पूरा करने जा रहे थे, जिसका बीड़ा उन्होंने करीब 10-12 साल पहले ह्यमकबूलह्ण की शुरुआत से उठाया था। विशाल भारद्वाज महान नाटककार विलियम शेक्सपीयर के भक्त हैं और उनके तीन नाटकों-मैकबेथ, ओथेलो और हेमलेट पर फिल्म बनाकर शेक्सपीयर को ह्यसच्चीह्ण श्रद्धाञ्जलि देने का विचार रखते हैं।
लेकिन ह्यहैदरह्ण देखकर मन में कई सवाल उठते हैं। हैदर क्या कहती है? क्या जताती है? हमें कहां ले जाती है? इन सवालों पर आने से पहले यह जता दूं कि सिनेमा तकनीक को लेकर फिल्म कई मायनों में तारीफ के काबिल है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बेमिसाल है। ह्यहैदरह्ण से अभिनेता शाहिद कपूर का पुनर्जन्म हुआ है। वह शायद इससे बेहतर काम भविष्य में न कर पाएं। तब्बू अदाकारी के फलक पर हैं। उनके काम में गलती या कंजूसी की गुंजाइश न के बराबर रहती है। केके मेनन, नरेन्द्र झा और एक छोटे से रोल में इरफान ने यह जता दिया कि जरूरत पड़े तो फिलर्स भी कितने महत्वपूर्ण होते हैं। हां, फिल्म का संगीत बेशक औसत है या यह कहिये कि विशाल भारद्वाज की फिल्मों सरीखा नहीं है। उनकी कोई फिल्म पिट भी जाए तो गम नहीं! वह अपने बेहतर संगीत से खा कमा जाते हैं। अब सवाल यह है कि हैदर किसके लिए है? उन कश्मीरियों के लिए जो शिनाख्ती कार्ड रखने और वक्त-बेवक्त उसे दिखाने की अनिवार्यता के आदी हो चुके हैं या उन परिवारों के लिए जिनके लाल बरसों से गायब हैं? क्या यह फिल्म कश्मीर में सेना की तैनाती और उसके बर्बर रवैये का पदार्फाश करती है? या फिर उन रहस्यमयी कैदखानों की पोल खोलती है, जो सेना द्वारा धड़ल्ले से फैलाए जा रहे हैं और जिन पर किसी भी सरकार का हस्तक्षेप नहीं रहा है। क्या यह फिल्म कश्मीर के अलगाववादियों का समर्थन करती है, जो पड़ोसी देश के पैसे पर पलकर आजादी के नाम पर वादी में मासूम भारतीयों का खून बहाते आये हैं? या यह फिल्म उनके लिए है, जो दिल में देशप्रेम रखने वालों को आस्तीन का सांप कहते आये हैं?
दरअसल, हैदर इस तरह के तमाम सवालों से सिर्फ यह कहकर पीछा छुड़ाने का प्रयास है, जो यह मानते आये हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है। पर इस धोखे में उन लाखों लोगों की बात शामिल नहीं है, जिन्हें रातों रात अपने ही घर से खदेड़ा गया था। हैदर, जब अपने पिता के गायब होने के बाद घर लौटता है तो खंडहर हो चुके अपने घर को देख सुधबुध खो बैठता है और अपने पिता की खोज में निकल पड़ता है। उसके खंडहर घर को देखकर एक मानवीय पहलू जागना लाजमी है। लेकिन इस बात की पैरवी कौन करेगा कि उसके घर को सेना ने खंडहर क्यों बनाया? उसके घर को बम से उड़ाने की क्या वजह थी? अगर सेना सिर्फ आतंकवादियों के कमांडर का खात्मा करने में ही विश्वास रखती है तो फिर तो आधे से ज्यादा कश्मीर खंडहर हो चुका होता। यहां से यह जताना भी जरूरी था कि आस्तीन का सांप असल में कौन है। देशप्रेम का झंडा थामे बाहर से आये कुछ लोग या फिर अपने पेशे की आड़ में मजबूरी में ही सही भारी असले के साथ डाक्टर के घर में मौजूद वह कमांडर, जिसे बेहतर इलाज की सख्त जरूरत थी?
विशाल भारद्वाज खुद को देशप्रेमी बताकर मानवता का पक्षधर होने की बात कर रहे हैं, लेकिन सेना के पक्ष के बिना। यह कैसे संभव है? उनके किरदार आजादी की बात नहीं कर रहे, लेकिन जिंदगी का साथ देने की वकालत कर रहे हैं। आखिर किसकी जिंदगी? पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे सीजफायर का हो रहा उल्लघंन क्या उन्हें नहीं दिखता। भारत-पाक सीमा पर रह रहे बाशिंदों के घरों पर हो रही बमबारी से क्या जिंदगी हैरान नहीं हो रही। क्या यह वाकई एक ऐसा मसला है, जिस पर एक फिल्म बनाकर बॉटमलाइन दिखाई जा सकती है? या यह सिर्फ बड़े बैनरों के झांसे में आकर महज अपनी दुकान चमकाने का प्रयासभर है? हैदर की चारों ओर या तो प्रशंसा हो रही है या फिर छीछालेदारी। बहुतेरे लोग इस फिल्म का बायकाट करने की बात कर रहे हैं। बहुतेरों का यह भी मानना है कि इसे केवल एक फिल्म ही रहने दें, इस पर राजनीति न करें। तमाम बातें अपनी-अपनी जगह सही हो सकती हैं, लेकिन क्या विशाल भारद्वाज सही मायने में ये बता सकेंगे कि आखिर आस्तीन का सांप कौन है। क्या यह देश उनका भी उतना ही नहीं है, जितना सवा अरब नागरिकों का?

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Raksha Bandhan Significance Sanatan Dharma Yen Baddho Bali Raja Mantra Meaning Panchjanya

“येन बद्धो बलि राजा…”: केवल भाई-बहन का नहीं, राष्ट्र व समाज का महापर्व है रक्षाबंधन, जानिए इसका पौराणिक इतिहास!

हॉकी मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराया

हॉकी विश्व कप 2026: भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया, सेमीफाइनल की दौड़ में बरकरार

डॉ. धर्मवीर शर्मा
निदेशक एएसआई (सेवानिवृत्त)

विभाजन की विभीषिका : महत्वाकांक्षाएं बनी कारण

BJP UP President Pankaj Chaudhary Attacks Samajwadi Party Akhilesh Yadav Panchjanya

“सपा को ढूंढे नहीं मिल रहे प्रत्याशी”: पंकज चौधरी का दावा- गुप्त सर्वे रिपोर्ट ने उड़ा दी अखिलेश की नींद!

Kalyan Singh Death Anniversary BJP OBC Morcha Prakash Pal Akhilesh Yadav Panchjanya

उत्तर प्रदेश : भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा पूरे प्रदेश में मनायेगा कल्याण सिंह जी की पुण्य तिथि

Punjab Kapurthala Government High School Student Protest PSPCL Police Panchjanya

पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ के दावों की खुली पोल: कपूरथला में स्कूल गेट पर ताला जड़ सड़क पर उतरे G-Alpha, जानिए वजह!

Load More

ताज़ा समाचार

Raksha Bandhan Significance Sanatan Dharma Yen Baddho Bali Raja Mantra Meaning Panchjanya

“येन बद्धो बलि राजा…”: केवल भाई-बहन का नहीं, राष्ट्र व समाज का महापर्व है रक्षाबंधन, जानिए इसका पौराणिक इतिहास!

हॉकी मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराया

हॉकी विश्व कप 2026: भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया, सेमीफाइनल की दौड़ में बरकरार

डॉ. धर्मवीर शर्मा
निदेशक एएसआई (सेवानिवृत्त)

विभाजन की विभीषिका : महत्वाकांक्षाएं बनी कारण

BJP UP President Pankaj Chaudhary Attacks Samajwadi Party Akhilesh Yadav Panchjanya

“सपा को ढूंढे नहीं मिल रहे प्रत्याशी”: पंकज चौधरी का दावा- गुप्त सर्वे रिपोर्ट ने उड़ा दी अखिलेश की नींद!

Kalyan Singh Death Anniversary BJP OBC Morcha Prakash Pal Akhilesh Yadav Panchjanya

उत्तर प्रदेश : भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा पूरे प्रदेश में मनायेगा कल्याण सिंह जी की पुण्य तिथि

Punjab Kapurthala Government High School Student Protest PSPCL Police Panchjanya

पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ के दावों की खुली पोल: कपूरथला में स्कूल गेट पर ताला जड़ सड़क पर उतरे G-Alpha, जानिए वजह!

Vice President CP Radhakrishnan IGNFA Dehradun IFS Officers CM Pushkar Singh Dhami Panchjanya

देहरादून में बोले उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन: वैज्ञानिक वानिकी और सभ्यतागत ज्ञान का समन्वय ही सतत भविष्य की कुंजी

Punjab Barnala Rape Victims Water Tank Protest Police Action Panchjanya

पंजाब में आप सरकार में महिलाएं असुरक्षित: शारीरिक शोषण से पीड़ित युवतियां न्याय के लिए पानी की टंकी पर चढ़ीं

Uttarakhand Raksha Bandhan Free Bus Travel Women Pushkar Singh Dhami Panchjanya

उत्तराखंड : रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को बड़ा तोहफा, रोडवेज बसों में निशुल्क होगी यात्रा

रजनी पंजाबी

विभाजन की विभाषिका  :  सैकड़ों एकड़ जमीन छोड़नी पड़ी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies