लोग आपको आपके काम से जानते हैं और काम से ही आपकी वास्तविक पहचान होती है। समाज में अनेक ऐसे उदाहरण हैं, जिन्होंने शून्य से शुरुआत की और शिखर तक पहुंचे। कार्य के प्रति समर्पण भाव और प्रतिबद्धता को देख सौभाग्य की देवी लक्ष्मी की उन पर असीम कृपा हुई और वे बने सफलता के प्रतीक। इस बार पाञ्चजन्य के दीपावली विशेषांक में नियमित स्तंभों के साथ पढि़ए ऐसे ही कर्मयोगियों की कहानियां, जिन्होंने अपनी लगन और श्रम से सौभाग्य की कहानी लिखी और समाज के सामने रखा अनुकरणीय उदाहरण।