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'शिक्षा जीवन के लिए,जीवन देश के लिए'
मूल्यपरक शिक्षा ही राष्ट्र के निर्माण की आधारभूत आवश्यकता है। संस्कारवान शिक्षक ही राष्ट्र के विकास के मुख्य स्रोत युवाओं को सुशिक्षित कर सकते हैं। इसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु गत दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, महू जिला द्वारा राउ स्थित रामरहीम कालोनी के मांगलिक भवन में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था 'मंथन वर्तमान से भविष्य का' । संगोष्ठी में चर्चा का मूल वाक्य था, 'शिक्षा जीवन के लिए, जीवन देश के लिए, जीवन से देश बड़ा होता है, हम मिटते हंै, तो देश खड़ा होता है।'
संगोष्ठी मंे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल के सदस्य डॉ़ दिनेश ने कहा कि देश को सही दिशा देने के लिए सर्वप्रथम देश के शिक्षकांे को और अधिक उन्नत बनाने की आवश्यकता है, क्योंकि ऊर्जावान, संस्कारवान व योग्य शिक्षक ही राष्ट्र को उन्नति के पथ पर ले जा सकता है। इनके अलावा संगोष्ठी को प्रदेश के प्रमुख शिक्षा संस्थानों से पधारे लगभग 30 से ज्यादा शिक्षाविदों ने सम्बोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। – प्रतिनिधि
रिंगी चिंगी पाठशाला : एक अभिनव प्रयोग
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के तत्वावधान में पिछले दिनों ग्रीष्म शिविर का आयोजन किया गया। इसका नाम था 'रिंगी चिंगी पाठशाला'। छत्तीसगढ़ी भाषा में रिंगी चिंगी का अर्थ है हल्का-फुल्का। शिविर में विश्वविद्यालय के आसपास के आठ गांवों के लगभग 175 बालक/बालिकाओं ने प्रशिक्षण लिया। काठाडीह, घोघवा, दतरेंगा, कांदूल, खुड़मुड़ा, डोमा आदि गांवों के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों ने 'रिंगी चिंगी पाठशाला' के माध्यम से चित्रकला, नृत्य, संगीत, फोटोग्राफी, कम्प्यूटर एवं 'स्पोकन इंग्लिश' आदि का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके साथ ही लड़कियों को आत्मरक्षा की कला भी सिखाई गई। 'रिंगी चिंगी पाठशाला' में भाग लेने वाले सभी बच्चों को प्रमाणपत्र के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन की जानकारी देेने वाली पुस्तकें भेंट की गईं। – प्रतिनिधि
आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
देश में महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन बलात्कार, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं। ऐसे में प्रत्येक महिला के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण हो गया है ताकि विपरीत हालात में वह अपना बचाव कर सके।
सामाजिक संस्था चेतना ने महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने की पहल की है। इसके तहत विभिन्न संस्थानों एवं स्थानों पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। इसके लिए चेतना दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर कार्य कर रही है और महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। चेतना अब तक दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर आत्मरक्षा प्रशिक्षण के कई शिविर आयोजित कर चुकी है। इसी क्रम में चौगुले पब्लिक स्कूल,करोलबाग में चेतना के संयोजन में दिल्ली पुलिस द्वारा 3 से 16 जुलाई तक आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 100 से ज्यादा छात्राओं ने प्रशिक्षण लिया। -प्रतिनिधि
उजड़े गांवों को बसाएगी उत्तरांंचल उत्थान परिषद्
उत्तरांचल उत्थान परिषद् प्रवासी उत्तराखण्डियों के माध्यम से प्रदेश के उजड़े गांवों को आबाद करने की योजना बना रही है। इस कार्य के लिए उत्तरांचल उत्थान परिषद् तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दोनों प्रयासरत हैं। इसी सन्दर्भ में एक कार्यक्रम का आयोजन 17 जुलाई को देहरादून में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तरांचल प्रांत के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश रौतेला उपस्थित थे। कार्यक्रम में रामप्रकाश पैन्यूली के अलावा के़ एन. नौटियाल, जी़ आऱ चड्ढा़, सुरेन्द्र मित्तल सहित दर्जनों वरिष्ठ लोग उपस्थित थे। इसी अवसर पर श्री चड्ढा़ की कृति 'खिलते फूल' का लोकार्पण डॉ़ हरीश ने किया।
डॉ़ हरीश ने हरेला पर्व की चर्चा करते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखण्ड का सांस्कृतिक पर्व है जिसके माध्यम से हम प्रकृति को सजाने, संवारने का काम करते हैं। हरेला पर्व के समय गर्मी कम हो जाती है और निरंतर बरसात के कारण पेड़ों और पौधों को पनपने का मौका मिलता है जिससे प्रकृति हरी-भरी हो जाती है। कार्यक्रम में उत्तरांचल उत्थान परिषद् के संगठन मंत्री रामप्रकाश पैन्यूली ने कहा कि प्रवासियों के माध्यम से ग्राम देवता के मंदिर में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को भावनात्मक रूप से गांवों से जोड़ा जा रहा है। – प्रतिनिधि
आलोक कुमार को मातृ शोक
भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक श्री आलोक कुमार की माताजी श्रीमती सरोज कुमारी का गत 5 जुलाई को दिल्ली में निधन हो गया। वह 83 वर्ष की थीं। उनकी इच्छानुसार उनके मृत शरीर को गुरु तेगबहादुर अस्पताल को अर्पित कर दिया गया तथा उनकी आंखें नेशनल आई बैंक,एम्स को दान कर दी गईं। श्रीमती सरोज कुमारी सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती थीं। उनकी स्मृति में 9 जुलाई को एक श्रद्धांजलि सभा हुई,जिसमें विभिन्न संगठनों के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता और श्री आलोक कुमार के परिवारी जन उपस्थित हुए। सबने स्व. सरोज कुमारी को श्रद्धांजलि दी और प्रभु से कामना की कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। – प्रतिनिधि











