पाञ्चजन्य
August 27, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

Written byArchiveArchive
Aug 17, 2013, 12:00 am IST
inArchive

‘भाषणों से नहीं, श्रद्धा जगाने से आएगी नैतिकता’

दिंनाक: 17 Aug 2013 16:09:46

अनूकूलता-प्रतिकूलता में रहे समता

-आचार्य महाश्रमण

गत 6 अगस्त को लाडनू (नागौर)  में एक कार्यक्रम में  राष्ट्रीय  स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि समाज में विपरीत स्थिति देखकर लगता कि नैतिकता चाहिए, लेकिन सवाल है कि वह कैसे आती है? नैतिकता के मूल में आत्मीयता है। मैं ही हूँ, मेरा ही भला होना चाहिये, मुझे ही सब कुछ मिलना चाहिए, जहां ऐसे विचार हों वहां  नैतिकता नहीं होती, वहां स्वार्थ होता है। जहाँ सभी हैं, सभी को होना चाहिए, सभी को मिलना चाहिए वहां आदमी अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर सबके लिए कार्य करता है। वह नैतिकता होती है।

नैतिकता भाषणों  से नहीं आएगी। इसके लिए श्रद्घा को जगाना होगा और अपने उदाहरण से विश्वास पैदा करना, यही नैतिकता उत्पन्न करने का मार्ग है़, सनातन मार्ग है।

जैन विश्व भारती में तेरापंथ के आचार्य महाश्रमण की उपस्थिति में राजनीति और नैतिकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री भागवत ने कहा कि समाज या  प्रवाह की एक गति होती है, उसमें जो कुछ जाएगा वह उस गति के साथ एक हो जायेगा। नैतिक व्यक्ति सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलता है। त्याग और संयम आना चाहिए। नैतिकता भाषणों  से नहीं आएगी। इसके लिए श्रद्घा को जगाना होगा और अपने उदाहरण से विश्वास पैदा करना, यही नैतिकता उत्पन्न करने का मार्ग है़, सनातन मार्ग है।  यह सब संतों ने भी किया है। समर्थ भारत के निर्माण के लिए देश की सज्जन शक्ति में परस्पर आत्मीयता का संबंध कायम होना आवश्यक है।
सरसंघचालक ने कहा कि नैतिकता की चर्चा करना ही पर्याप्त नहीं है। उदाहरण बनाने होंगे। प्रवाह के विरुद्घ जाकर सही सोच स्थापित करने के लिए जो नैतिक सामर्थ्य चाहिए उस नैतिक सामर्थ्य के व्यक्ति निर्माण करने होंगे। आदर्श तो बहुत हैं, महापुरुषों के पथ पर चलने वाले सामान्य लोग दिखें, आज की यही आवश्यकता है। ऐसा हो तो  सिर्फ राजनीति ही नहीं वरन् समाज के सब क्षेत्रों में फिर से नैतिकता के आदर्शों की पुनर्स्थापना होगी और फिर हम, जैसे दुनिया की अपेक्षा है वैसे सम्पूर्ण दुनिया को वास्तविक सुख, वास्तविक यश और वास्तविक समृद्धि  का मार्ग दिखाने के लिए समर्थ भारत का निर्माण करने में सक्षम होंगे।  देश की सज्जन शक्ति से हम जुड़ें, ऐसी हमारी भावना  है। सभी मतपंथ सत्य के स्वरूप के बारे में बताते हैं। उनका मार्ग अलग हो सकता है लेकिन शिक्षा सबकी एक है। सारी सज्जन-शक्ति एक ही ध्येय से चल रही है कि देश का व दुनिया का भला हो। सज्जन व्यक्ति प्रत्येक का भला चाहता है।
श्री मोहन भागवत ने आगे कहा कि राजनीति में नैतिकता भी बड़ी समस्या नहीं है क्योंकि वहां भी सब राजनीतिक विचारधाराओं को मानने वाले लोगों में अच्छे  लोग हैं।  विचार अलग-अलग हैं और परस्पर विरोधी भी हैं, लेकिन मन में प्रामाणिकता है और सबके कल्याण की कामना को लेकर जो कुछ उचित लगता है वह करते भी हैं। ऐसे लोग हैं तो सबका कल्याण किस बात में है वह अनुभव से उनको ध्यान में आएगा और एक न एक दिन सबके कल्याण के लिए पूरक बनने की कामना भी चलेगी तो अपने आप देश का तंत्र ठीक पटरी पर आ जायेगा।
श्री भागवत ने आह्वान किया कि नैतिकता का उदाहरण  बनकर समाज में चलें तो सारे समाज की जय होगी। जिस दिशा में समाज जाना चाहता है, समाज के द्वारा निर्मित सब व्यवस्थाएं, सब तंत्र उसी दिशा में जायें, ऐसा काम करना पड़ता है। समाज का दबाव, समाज की नैतिकता का दबाव, उन सब तंत्रों पर पड़ता है, ऐसा समाज खड़ा करने का काम संतों-सज्जनों का रहता है। राष्टÑीय  स्वयंसेवक संघ का भी यही प्रयास रहता है।
 सरसंघचालक ने कहा कि जिस स्वर्णिम दिन की कल्पना हम देश और दुनिया के जीवन में कर रहे हैं वह दिन हमारे जीते जी इस देश में इन्ही आंखों से देखेंगे, इतनी अनुकूलता भी मैं वातावरण में देख रहा हूँ इसलिए मैं निराश नहीं हूँ।
 आचार्य महाश्रमण ने ‘राजनीति व नैतिकता एक दूसरे की पूरक कैसे बनें।’ विषय पर कहा कि जैसे अनुकूलता व प्रतिकूलता में भी साधुओं में समता का भाव बना रहता है, वैसे ही राजनीति करने वाले व्यक्ति में भी समता की साधना होनी चाहिए। राजनीति को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना राजनीति दुनिया का काम नहीं चल सकता। राजनीति में काम करने वाले लोग योग्य होने चाहिए। वोट लेकर विजयी बनना उनकी एक अर्हता है, उनमें काम करने की क्षमता-दक्षता होना भी उनकी योग्यता है।  कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रचारक श्री दुर्गादास, श्री प्रकाश चाँद, प्रान्त प्रचारक श्री मुरलीधर, प्रान्त संघचालक श्री ललित शर्मा, सह प्रान्त प्रचारक श्री राजाराम, विभाग प्रचारकश्री ईश्वर सहित कई गणमान्य नागरिक      उपस्थित थे।

डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी भाजपा में शामिल

गत 11 अगस्त को डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी की अध्यक्षता वाली जनता पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी में हो गया। नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता श्री अरुण जेटली की उपस्थिति में डॉ. स्वामी ने अपनी पार्टी के भाजपा में विलय की घोषणा की। इस अवसर पर  उन्होंने कहा, ‘देश मुश्किल दौर से गुजर रहा है और यह देशहित के लिए मिलकर काम करने का समय है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में हम नया भारत बनाने की दिशा में मिलकर आगे   बढ़ेंगे।’ वहीं भाजपा अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘डॉ. स्वामी ने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय करने का फैसला किया है। मैंने इस विलय को स्वीकार कर लिया है। मैं डॉ. स्वामी का भाजपा में स्वागत करता हूं।'
स्वामी के तरकश में अनेक तीर
डॉ. स्वामी सोनिया-मनमोहन सरकार की करतूतों और घोटालों को जनता के सामने लाए। चाहे 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला हो,कोयला घोटाला हो या हाल ही में जेट-एतिहाद सौदा, इन सबको डॉ. स्वामी सुर्खियों में लाए। सरकार यह मानने को कतई तैयार नहीं थी कि 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कोई घोटाला हुआ है। डॉ. स्वामी ने इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचाया और इसकी जाँच शुरू हुई। परिणाम सामने है, कई लोग जेल में हैं। डॉ. स्वामी ने वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम और उनके बेटे के कथित घोटालों को भी उजागर किया है। भाजपा में आने से उनके वार की धार और तेज हो सकती है।   ल्ल  प्रतिनिधि

पाञ्चजन्य के प्रतिनिधि साथ बैठे

गत 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल के चितरंजन में एक विशेष बैठक हुई। इसमें हिन्दी साप्ताहिक पाञ्चजन्य, अंग्रेजी साप्ताहिक आर्गेनाइजर और बंगला साप्ताहिक स्वस्तिका के प्रचार-प्रसार में लगे करीब 40 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ये प्रतिनिधि चितरंजन और आसनसोल के थे। बैठक में विचार किया गया कि कैसे इन साप्ताहिकों को जन-जन तक पहुँचाया जाए। बैठक के मुख्य वक्ता थे साप्ताहिक स्वस्तिका के सम्पादकीय विभाग के सहयोगी श्री सुकेश मण्डल। उन्होंने कहा कि हमारी नई पीढ़ी भारत और उसके महापुरुषों के जीवन से उतनी परिचित नहीं है। बच्चों को भारत विभाजन की जानकारी नहीं है। जबकि यह समय है अपने इतिहास को जानने का। नई पीढ़ी को इस दिशा में मोड़ना एक बड़ी चुनौती है। अपने पत्रों के जरिए इस चुनौती को हम स्वीकार कर सकते हैं।

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Haryanvi singer Ankit Balyan Shot dead

‘सिर-पेट में मारी 18 गोलिय़ां’: शामली में हरियाणवी गायक अंकित बाल्यान की हत्या

India russian oil Imports

यूक्रेन हमलों से रूस की रिफाइनरियां बर्बाद, पहली बार भारत से पेट्रोल का किया गया आयात

नेपाल में बाढ़

नेपाल के रसुवा में भयानक बाढ़, कैलाश मानसरोवर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा

सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट ACJ संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ शिकायत की, तबादले की मांग

नेपाल बाढ़ त्रासदी: भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ से अब तक 160 मौतें, करीब 844 लापता

आज का श्लोक : समानसुखदुःखानां समानोद्दिष्कांक्षिणाम्।

Load More

ताज़ा समाचार

Haryanvi singer Ankit Balyan Shot dead

‘सिर-पेट में मारी 18 गोलिय़ां’: शामली में हरियाणवी गायक अंकित बाल्यान की हत्या

India russian oil Imports

यूक्रेन हमलों से रूस की रिफाइनरियां बर्बाद, पहली बार भारत से पेट्रोल का किया गया आयात

नेपाल में बाढ़

नेपाल के रसुवा में भयानक बाढ़, कैलाश मानसरोवर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा

सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट ACJ संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ शिकायत की, तबादले की मांग

नेपाल बाढ़ त्रासदी: भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ से अब तक 160 मौतें, करीब 844 लापता

आज का श्लोक : समानसुखदुःखानां समानोद्दिष्कांक्षिणाम्।

27 अगस्त का पंचांग

पंचांग 27 अगस्त: जानें गुरुवार की ग्रह स्थिति, लग्नारंभ समय और दिशाशूल

आज का इतिहास

27 अगस्त का इतिहास: 60 हजार साल बाद धरती के इतना करीब आया था मंगल, जानें भारत की इस अनोखी उड़ान की कहानी

आज का राशिफल

राशिफल 27 अगस्त: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा आज का दिन, जानें मेष से मीन तक का हाल

भारत से नेपाल पहुंचाई गई राहत सामग्री

नेपाल की मदद के लिए सबसे पहले पहुंचा भारत, काठमांडू पहुंची राहत सामग्री, भारतीय वायुसेना ने संभाली कमान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies