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'शिक्षा केन्द्र' चलाने वाला मुस्लिम उपदेशक पकड़ा गया
देश में पिछले दिनों दो अलग-अलग स्थानों पर 'इस्लाम की तालीम' देने वालों ने अपनी करतूतों से इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया। जम्मू-कश्मीर के बडगाम में जहां एक कथित मुस्लिम उपदेशक को 4 नाबालिग युवतियों से बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया, वहीं मध्य प्रदेश के शहडोल में 'दीनी शिक्षा' देने वाले एक मौलवी को अपनी छात्रा को मोबाइल पर अश्लील फिल्म दिखाने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुस्लिम उपदेशक का नाम गुलजार अहमद बट है। वह बडगाम में मजहबी तालीम के नाम पर एक शिक्षण संस्थान चलाता था। चारों पीड़ित छात्राएं बट के ही संस्थान में पढ़ाई कर रही थीं। उनकी संयुक्त शिकायत पर बट को हिरासत में लिया गया। मामला तब सामने आया जब उसके संस्थान में पढ़ने वाले एक युवक ने उसे एक लड़की के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। इसके बाद बडगाम की स्थानीय अदालत में चार पीड़ित लड़कियों ने उसकी करतूत की पूरी कहानी बताई।
एक पीड़ित युवती के अनुसार संस्था में आने वाली हर नई लडकी को संस्थान की शिक्षिका शकीला बानो की देख-रेख में रखा जाता था। उसने बताया कि जब उसने गुलजार के मजहबी केंद्र में दाखिला लिया तो शकीला उसे गुलजार के कमरे में ले गई और कहा, अगर मुसीबतों से छुटकारा पाना चाहती हो तो 'पीर' की दिल से सेवा करो।
एक अन्य लड़की ने कथित फकीर की करतूतों का पर्दाफाश करते हुए कहा कि 'गुलजार का सेवादार नूर मोहम्मद मुझे फुसला कर संस्था में लाया। एक दिन उसने मुझे गुलजार के कमरे 'हुजरा-ए-पाक' में जाने को कहा। जैसे ही मैं कमरे में दाखिल हुई मौलवी गुलजार ने कमरा बंद करने को कहा। इसके बाद उसने मेरी आंखों में देखा और कहने लगा, 'मैं तुम्हें जहां-जहां हाथ लगाऊंगा तुम्हारे शरीर का वह अंग दोजख में भी नहीं जलेगा। मैं नूर हूं और तुम आग हो, नूर आग से मिलेगा तो पूरा नूर बन जाएगा। फिर वह डरावनी आंखों से मुझे घूरने लगा और मैं बेहोश होने लगी। मेरी आंखें सब कुछ देख रही थीं, लेकिन मेरा शरीर असहाय हो गया था।'
पुलिस के अनुसार बट की संस्था में करीब 500 बच्चियां हैं। यह संस्था सालों से बडगाम में चल रही है। यहां पढ़ने के साथ-साथ छात्राओं के रहने की भी व्यवस्था है। वह लड़कियों को 'शुद्ध' करने के नाम पर उनका यौन शोषण किया करता था। उसने इस काम में संस्था की शिक्षिकाओं को भी लगाया हुआ था। वे लड़कियों को गुलजार को 'खुश' करने के लिए प्रेरित करती थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार बडगाम की इन लड़कियों द्वारा बट की करतूतों का पर्दाफाश करने के बाद पुलिस ने संस्था की पुरानी युवतियों से नाम गुप्त रखने का आश्वासन देते हुए यौन उत्पीड़न की पुरानी घटनाओं के संबंध में बयान दर्ज कराने को कहा। इसके बाद अनेक पूर्व छात्राओं ने गुलजार की करतूतों के विरुद्ध अपने बयान दर्ज कराए। माना जा रहा है कि पहले भी उस मजहबी उपदेशक ने अनेक युवतियों से बलात्कार किया है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में जबर्दस्त गुस्सा है।
दूसरी घटना में मध्य प्रदेश के शहडोल में पुलिस ने इस्लाम की शिक्षा देने वाले एक मौलवी को अपनी छात्राओं को मोबाइल पर अश्लील फिल्म दिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हाफिज जुनैद घर-घर जाकर टयूशन के रूप में बच्चियों को दीनी शिक्षा दिया करता था। जुनैद ने 18 मई को अपनी एक 14 वर्षीय छात्रा को मोबाइल पर उस समय अश्लील फिल्म दिखाई जब लड़की घर में अकेली थी और उसकी मां घर से बाहर गई हुई थी। मां के घर आने पर लड़की ने इसकी जानकारी दी और हाफिज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने हाफिज को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल जब्त कर लिया है।











