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शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में गत दिनों नई दिल्ली में 'महिलाओं के साथ बढ़ते दुष्कर्म: कारण और निदान' विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता न्यास के अध्यक्ष श्री दीनानाथ बत्रा ने की, जबकि मुख्य अतिथि थे दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त श्री राधेश्याम गुप्ता। मंच पर प्रसिद्ध अधिवक्ता श्रीमती मीनाक्षी लेखी, दिल्ली के पूर्व उप-महापौर श्री महेश चंद्र शर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक प्रो. श्रीराम ओबरॉय एवं अभाविप की कार्यकर्ता सुश्री मोनिका चौधरी भी आसीन थीं।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुये श्री दीनानाथ बत्रा ने कहा कि हमारे देश की प्राचीन परम्परा 'मातृ देवो भव:' की है और नारी का सम्मान हमारे देश में सबसे ऊपर है। हम सभी का यह दायित्व है कि आने वाली पीढ़ी, विशेषकर नौजवानांे को अच्छे संस्कार देकर उनको उनके दायित्व का बोध करायें।
श्री राधेश्याम गुप्ता ने महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के लिये सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग करते हुये कहा कि कुछ समय पहले देश में आज की तरह असुरक्षा का वातावरण नहीं था, क्योंकि लोग जीवनमूल्यों से जुड़े हुये थे। परिवार में बचपन से ही बच्चों को संस्कारित किया जाता था, जिसके कारण अपने से बड़ों और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना उनमें स्वत: ही आ जाती थी।
श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि नारी उत्पीड़न से संबंधित अनेक कानून होते हुये भी समाज की इच्छाशक्ति एवं दायित्व के निर्वाह के अभाव में नारी उत्पीड़न जारी है। इसके लिये जहां सख्त कानून की आवश्यकता है, वहीं रिश्तों की पवित्रता भी अहम भूमिका निभाती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजधानी दिल्ली के प्रबद्ध नागरिक उपस्थित lÉä* |ÉÊiÉÊxÉÊvÉ











