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आस्था के इस कुंभ में, करिये जी भर स्नान
देखो अपनी आंख से, पूरा हिन्दुस्थान।
पूरा हिन्दुस्थान, भेद–मतभेद भुलाओ
हिन्दू सारे एक, मंत्र को हृदय लगाओ।
है 'प्रशांत' सारी दुनिया को भारी हैरत
एक साथ कर रहे स्नान निर्धन और धनपत।।
-प्रशांत
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आस्था के इस कुंभ में, करिये जी भर स्नान
देखो अपनी आंख से, पूरा हिन्दुस्थान।
पूरा हिन्दुस्थान, भेद–मतभेद भुलाओ
हिन्दू सारे एक, मंत्र को हृदय लगाओ।
है 'प्रशांत' सारी दुनिया को भारी हैरत
एक साथ कर रहे स्नान निर्धन और धनपत।।
-प्रशांत
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