0आंदोलन की सफलता/असफलता सरकार नहीं, जनता तय करती है। 0शांतिपूर्ण जनांदोलनों से ही परिवर्तन किया जा सकता है। 0निरंकुश सत्ता भी प्रबल जनसमर्थन के सामने नतमस्तक होती हे। 0सीबीआई का दुरुपयोग कर राजनीतिक दलों का समर्थन जुटाकर ही सोनिया पार्टी की सरकार चल रही है। 0प्रधानमंत्री अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं, 'रिमोट कंट्रोल' से संचालित होने वाले प्रधानमंत्री के कारण देश की साख को बट्टा लगा। 0सत्तारूढ़ राजनेताओं के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनता में आक्रोश निरंतर बढ़ता जा रहा है। 0कालेधन पर सरकार की चुप्पी का अर्थ है कि उसका शीर्ष नेतृत्व ही इसमें लिप्त है।