कांग्रेसी चश्मे को केवल वोट दिखता है
September 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

कांग्रेसी चश्मे को केवल वोट दिखता है

Written byArchiveArchive
Feb 11, 2012, 12:00 am IST
inArchive

पाठकीय (22 जनवरी,2012)

दिंनाक: 11 Feb 2012 15:58:15

पाठकीय

अंक-सन्दर्भ

22 जनवरी,2012

सम्पादकीय “मुस्लिम लीग की  राह पर कांग्रेस” संप्रग सरकार की देशघातक राजनीति को पूरी तरह उजागर कर देता है। कांग्रेस ने सारी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और देशहित को ताक पर रख दिया है। कांग्रेसी अपने आपको मुसलमानों का सबसे बड़ा हितैषी साबित करने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश में चुनाव जीतने की हड़बड़ी में कांग्रेस ने जिस तरह पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत कोटे से पिछड़े मुसलमानों को पहले साढ़े चार और अब नौ प्रतिशत आरक्षण देने का चुनावी वादा किया है, यह समाज का मजहबी आधार पर ध्रुवीकरण करने की कोशिश है, जो देश के बंटवारे से पहले मुस्लिम लीग की टेढ़ी चाल से मेल खाता है।

-आर.सी.गुप्ता

द्वितीय ए-201, नेहरू नगर, गाजियाबाद-201001 (उ.प्र.)

द चाहे राहुल गांधी हों या दिग्विजय सिंह ऐसे नेताओं की एक लम्बी कतार है, जो मुस्लिमों के वोट के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं। दिग्विजय सिंह बटला हाउस मुठभेड़ को फर्जी बताते हैं, जबकि गृहमंत्री चिदम्बरम असली। जो नेता वोट के लिए समाज में वैमनस्य फैला रहे हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है?

-वीरेन्द्र सिंह जरयाल

28-ए, शिवपुरी विस्तार, कृष्ण नगर, दिल्ली-110051

द कांग्रेस ने अन्य पिछड़ा वर्ग के कोटे (27 प्रतिशत) में से 4.5 प्रतिशत मुसलमानों को देकर पिछड़ा वर्ग के साथ धोखा किया है। कांग्रेस के इस निर्णय के खिलाफ पिछड़ा वर्ग के लोगों को एकजुट होकर सड़कों पर उतरना होगा। मजहब के नाम पर आरक्षण देना तो खतरे से खाली नहीं है।

-चौधरी रंगलाल सिंह लमोरिया

ग्रा.व पो.- जोधाकाबास, वाया-अरडावता

जिला-झुन्झुनू-333027 (राजस्थान)

द सत्ता के लिए कांग्रेस ही नहीं, अन्य तथाकथित सेकुलर दल बहुत ही नीच हरकत कर रहे हैं। यदि ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे तो देश में मजहबी कट्टरता बढ़ेगी। 1947 के पहले कट्टरता बढ़ी थी तो पाकिस्तान बना था। अब क्या होगा, यह सोचकर ही लोग परेशान हो रहे हैं।

 

-मनीष कुमार

तिलकामांझी, भागलपुर (बिहार)

द तुष्टीकरणवादी केन्द्र सरकार के लिए मुसलमानों का वोट देशहित से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। वित्त मंत्रालय विभिन्न बैंकों से बार-बार पूछ रहा है कि कितने अल्पसंख्यकों को ऋण दिया गया। वोट के लिए पूरी तरह अंधी हो चुकी केन्द्र सरकार को अल्पसंख्यकों के अलावा और कोई वर्ग दिखता ही नहीं है।

-राममोहन चंद्रवंशी

विट्ठल नगर, स्टेशन रोड, टिमरनी, जिला-हरदा (म.प्र.) 

चुनावी रावणों का करो सफाया

शशि सिंह की रपट “मुश्किल में माया” अच्छी लगी। मुलायम सिंह यादव के गुण्डाराज से मुक्ति पाने के लिए लोगों ने मायावती को भारी समर्थन दिया था। किन्तु मायावती भी मुलायम की राह पर ही चलीं। बसपा के नेता ही कई जगह “गुण्डा” बन गए। हालांकि इनमें से कई अभी जेल की हवा खा रहे हैं। इस कारण लोग मायावती से भी नाराज हैं।

-प्रमोद प्रभाकर वालसंगकर

1-10-81, रोड नं.-3 बी, द्वारकापुरम, दिलसुखनगर

हैदराबाद-500060 (आं.प्र.)

द नोएडा में मायावती ने 52 हाथी साल के 52 हफ्तों के लिए बनवाए हैं कि इनको खाने के लिए पूरे साल “हफ्ता” दो। आज भी उत्तराखण्ड के लोग मुलायम सिंह की पुलिस के अमानुषिक अत्याचार की कल्पना कर सिहर उठते हैं। पूरे देश में एक ही “एजेण्डा” उभरकर सामने आता है कि इन चुनावी रावणों का सफाया करो।

-प्रो. परेश

1251/8सी, चण्डीगढ़

यह कैसा जुनून?

श्री नरेन्द्र सहगल का लेख “महिला आतंकवादी फौज” चिन्ता पैदा करता है। जिस इस्लाम में महिलाओं को बुर्के में रहने की हिदायत दी जाती है, अब उसी इस्लाम में महिलाओं को बंदूकें थमाई जा रही हैं। यह कैसा जुनून है? मुस्लिम बुद्धिजीवियों को इस पर विचार करना चाहिए।

-कुन्ती रानी

नया टोला, कटिहार (बिहार)

द इस्लाम के नाम पर जुनून और आतंक फैलाने वाले संगठन अब महिलाओं के माध्यम से आतंक फैला रहे हैं। जो लोग महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में जाने से रोकते हैं, अब वही उन्हें आतंकवाद की भट्ठी में झोंक रहे हैं। जो कट्टरपंथी सलमान रुश्दी, तस्लीमा नसरीन का विरोध करते हैं, वे आतंकवादी संगठनों की करतूतों पर चुप क्यों हैं?

-मनोहर “मंजुल”

पिपल्या-बुजुर्ग, पश्चिम निमाड़-451225 (म.प्र.)

ऐसा क्यों किया जाता है?

श्री मुजफ्फर हुसैन के लेख “पाकिस्तान की झोली में भारत का डीजल और बिजली” में एक जमीनी सच्चाई बाहर आई है। हमारे प्रधानमंत्री अर्थशास्त्री हैं। किन्तु शायद उन्हें अर्थशास्त्र का पहला सूत्र भी  ज्ञात नहीं है। एक आवश्यकता की पूरी होते ही दूसरी आ खड़ी होती है। पहले पाकिस्तान को मांस भेजना शुरू किया। फिर मिर्च-मसाला, शाक-सब्जी। अब बिजली और डीजल दे रहे हैं। दूसरी ओर हम भारतीय इन वस्तुओं की कमी से जूझ रहे हैं। इन्हें ज्यादा पैसा देकर खरीदना पड़ता है। ऐसा क्यों किया जाता है? कुछ भी कर लें पाकिस्तान भारत का हितैषी नहीं हो सकता।

-हरेन्द्र प्रसाद साहा

नया टोला, कटिहार-854105 (बिहार)

द पाकिस्तान आर्थिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। विदेशी सहायता पर वह कब तक जिन्दा रहेगा? 1947 के बाद भारत कहां से कहां पहुंच गया और पाकिस्तान की हालत क्या है, यह पूरी दुनिया जानती है।

-बी.आर. ठाकुर

सी-115, संगम नगर, इन्दौर-6 (म.प्र.)

स्वामी विवेकानन्द के सदुपदेश

मंथन में श्री देवेन्द्र स्वरूप स्वामी विवेकानन्द के बारे में अत्यन्त महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। स्वामी जी ने अपने समय के पाखण्डी पुरोहितों द्वारा किए अनुचित व्यवहारों की भत्र्सना की व इसमें वांछित सुधार की पैरवी की। गरीबों, पतितों व पददलितों के प्रति सहृदयता अपनाकर उन्होंने रामकृष्ण मठ के मंच से लाखों को उस समय मतान्तरण से बचाया। आज हमें उनके द्वारा दिए सदुपदेशों पर चलकर समाज के उत्थान का काम करना चाहिए।

-नित्यानन्द शर्मा

335/8, शिल्ली सड़क, सोलन (हि.प्र.)

द मंथन में ऐसे विचार आ रहे हैं कि स्वामी विवेकानन्द की विदेश यात्रा का उद्देश्य धर्म प्रसार एवं संगठन खड़ा करने के लिए धन इकट्ठा करना भी था। आश्चर्य है कि स्वामी जी को भारत में संगठन खड़ा करने के लिए धन का अभाव महसूस हुआ। शायद ऐसा नहीं हो सकता। हमारी समझ का फेर है। भारत के लोगों में दान देने की तो एक अद्भुत परम्परा है। भारतीय दानवीरों के बल पर ही मालवीय जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

-उदय कमल मिश्र

गांधी विद्यालय के समीप, सीधी-486661 (म.प्र.)

 

पुरस्कृत पत्र

ऐसे हुआ भारत निर्माण!!

राहुल गांधी अपनी तमाम सभाओं में “इंडिया शाइनिंग” नारे का मखौल उड़ाते हैं। 2004 के आम चुनाव में राजग द्वारा दिये गये इस नारे की आज आलोचना करने की तुक क्या है? आज तो संप्रग के नारे “हो रहा भारत निर्माण” को कसौटी पर कसा जाना चाहिए। संप्रग सरकार के कथित भारत-निर्माण का परिणाम यह है कि भारत की अर्थव्यवस्था, जो 2003 में वाजपेयी सरकार के समय विश्व में अमरीका, चीन व जापान के बाद चौथे स्थान पर थी, 2011 में दसवें स्थान पर पहुंच गयी है। अब उक्त 3 देशों के अलावा जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, रूस और कनाडा भी भारत से आगे निकल गये हैं। वाजपेयी सरकार के कार्यकाल 1998-2004 में देश में मुद्रास्फीति की औसत दर 3 फीसदी से कम रही, जबकि संप्रग सरकार के समय में औसत मुद्रास्फीति 9 प्रतिशत है। गरीबी उन्मूलन के मामले में भी राजग सरकार की उपलब्धि संप्रग सरकार को निहायत बौना सिद्ध करती है। भारत सरकार के “नेशनल सैम्पल सर्वे आर्गेनाइजेशन” की रपट (2007) के अनुसार 1998-1999 से 2004-05 (राजग का शासनकाल) के मध्य देश की कुल गरीबी 26.1 प्रतिशत से घटकर 21.2 प्रतिशत पर आ गयी थी। ग्रामीण गरीबी में तो इस मध्य और तेज गिरावट दर्ज की गयी, जो 27.1 से 21.2 पर आयी। उसके बाद से गरीबी 21.2 प्रतिशत के आसपास ही अटकी हुई है। भ्रष्टाचार से निपटने के मामले में भी वाजपेयी सरकार संप्रग से बहुत आगे थी। “ट्रांस्पेरैंसी इंटरनेशनल” के अनुसार राजग सरकार के समय ईमानदारी के पैमाने पर भारत का विश्व के राष्ट्रों में 69वां स्थान था, पर 2011 आते-आते भारत खिसक कर 95वें स्थान पर पहुंच गया। संप्रग सरकार ने घोटालों का रिकार्ड कायम किया है। संप्रग शासन के घोटालों की इकाई खरब (10 हजार करोड़ रुपए) है।

वैज्ञानिक क्षेत्र में भी संप्रग सरकार ने देश का सम्मान गिराया है। हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस बात पर दु:ख प्रगट किया था कि चीन इस क्षेत्र (वैज्ञानिक अनुसंधान) में भी अब भारत से आगे निकल गया है। यह एक तल्ख सच्चाई है। वाजपेयी जी ने जब “जय जवान-जय किसान” नारे में “जय विज्ञान” जोड़ा था, तो साथ-साथ देश को नव अनुसंधान के पथ पर तेजी से चलाया भी था। इसीलिए 2003 में भारत सुपरकम्प्यूटर क्षमता में दुनिया में चौथा स्थान हासिल कर पाया। उस समय विश्व का तीसरा तीव्रतम सुपर कम्प्यूटर “काब्रू” भारत के पास था। संप्रग सरकार के दौर में भारत सुपर कम्प्यूटर क्षमता में 24वें पायदान पर पहुंच गया हैै और “काब्रू” दसवें स्थान पर खिसक चुका है। एक किलो टन से कम क्षमता वाला नाभिकीय बम, जिसे कोई भी पैदल सैनिक रॉकेट लांचर से छोड़ सकता है तथा सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूस मिसाइल राजग शासन के वैज्ञानिक अनुसंधान की देश को अनुपम देन हैं। इसके विपरीत संप्रग शासन कुछ भी उल्लेखनीय नया अनुसंधान देश को देने में अक्षम रहा है। यह है भारत निर्माण के संप्रग के नारे का कुछ क्षेत्रों से संबंधित सत्य।

-अयज मित्तल

97 खन्दक, मेरठ (उ.प्र.)

 

पञ्चांग

वि.सं.2068   तिथि   वार    ई. सन् 2012

फाल्गुन कृष्ण 13        रवि   19 फरवरी, 2012

“”     “”  14        सोम   20        “”    “”

(महाशिवरात्रि)

फाल्गुन अमावस्या   मंगल  21        “”     “”

फाल्गुन शुक्ल 1          बुध   22        “”     “”

“”     “”  2          गुरु    23        “”     “”

“”     “”  3          शुक्र   24        “”     “”

“”     “”  4          शनि   25        “”     “”

 

निर्णय में खामी

चिदम्बरम की सांस में, वापस आयी सांस

जाग उठी सरकार की, फिर से टूटी आस।

फिर से टूटी आस, कोर्ट हाउस पटियाला

कांग्रेस को मिला फैसला राहत वाला।

कह “प्रशांत” पर निर्णय में बतलाकर खामी

अभी लड़ेंगे और, कह रहे हैं श्री स्वामी।।

-प्रशांत

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

लंदन दौरे पर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत, आरएसएस के शताब्दी वर्ष में UK में गूंजेगा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश

सीएम- किसान की पांचवीं किस्त जारी, 41.35 लाख किसानों के खातों में पहुंचे ₹833 करोड़ से अधिक की राशि

CM Yogi Adityanath Ghazipur Rally Public Meeting Speech Panchjanya

बाबर व औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने में जुटे: CM योगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए भगवान कृष्ण के दर्शन

5 सितंबर का पंचांग

5 सितंबर पंचांग: जानें नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र, योग और करण का समय

आरएसएस ने सेवा के 100 वर्ष किए पूरे : लंदन में सुनील आंबेकर ने बताया सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के UK दौरे का प्लान

Load More

ताज़ा समाचार

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

लंदन दौरे पर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत, आरएसएस के शताब्दी वर्ष में UK में गूंजेगा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश

सीएम- किसान की पांचवीं किस्त जारी, 41.35 लाख किसानों के खातों में पहुंचे ₹833 करोड़ से अधिक की राशि

CM Yogi Adityanath Ghazipur Rally Public Meeting Speech Panchjanya

बाबर व औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने में जुटे: CM योगी

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जन्मभूमि पहुंचे सीएम योगी, चांदी से सजे गर्भगृह में किए भगवान कृष्ण के दर्शन

5 सितंबर का पंचांग

5 सितंबर पंचांग: जानें नवमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र, योग और करण का समय

आरएसएस ने सेवा के 100 वर्ष किए पूरे : लंदन में सुनील आंबेकर ने बताया सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी के UK दौरे का प्लान

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

अपने ही साए से डरते जिनपिंग

FASTag यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! हाईवे पर ये काम करते ही मिलेंगे ₹1000, जानें NHAI की स्कीम

Gold Price Today

Gold Price Today: जन्माष्टमी पर सोने की कीमत में गिरावट, जानिए आज का ताजा भाव

UK में सिख युवती हुई लव- जिहाद की शिकार, परिवार बोला- मुस्लिम युवक ने बेटी को फंसा लिया; आरोपी ग्रूमिंग गैंग का सदस्य!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies