भिलाई में चार दिवसीय घोष शिविर 'नाद संगम' सम्पन्न
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मोहनराव भागवत, सरसंघचालक, रा.स्व.संघ
घोष शिविर के समापन समारोह में मंच पर श्री मोहनराव भागवत, डा. मांडवी सिंह एवं संघ के अन्य पदाधिकारी
'नैतिक शिक्षा और संस्कारों के अभाव के कारण देश में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। हमें इसे जड़ से उखाड़ फेंकना है। चारित्रिक सम्पन्नता से यह समाप्त हो सकता है।' उक्त उद्गार रा.स्व.संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने व्यक्त किए। वे गत 15 जनवरी को भिलाई में संघ के छत्तीसगढ़ प्रांत के चार दिवसीय घोष शिविर 'नाद संगम' के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
श्री भागवत ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे हर आंदोलन को संघ का पूरा समर्थन है। विदेशों में जमा कालेधन के संबंध में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह धन भारत में वापस आना ही चाहिए। श्री भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिन्दू है। सबके पूर्वज एक ही हैं, सब भारतमाता के सपूत हैं। भारतमाता के सपूतों को संस्कार विरासत में मिले हैं। समाज का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि हम एक-दूसरे की पूजा-पद्धति का तिरस्कार न करें।
श्री भागवत ने कहा कि सब अपेक्षा करते हैं कि समाज में बदलाव आना चाहिए, लेकिन स्वयं में सुधार लाने की बात कोई नहीं करता। समाज मजबूत होगा तो नेता, शासन, प्रशासन सब उसके पीछे चलेंगे। उन्होंने कहा कि संघ 'वसुधैव कुटुम्बकम' का आदर्श सामने रखकर समाज को आत्मीयता के सूत्र में बांधने का कार्य कर रहा है। यही कारण है कि हम मकर संक्रांति के पर्व पर तिल और गुड़ की मिठास में लिपटी आत्मीयता और स्नेह बांटते हैं।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की कुलपति डा. मांडवी सिंह थी। समारोह स्थल पर तीन अलग-अलग मंच बनाए गए थे। मुख्य मंच पर सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत के साथ संघ के केन्द्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी आसीन थे। मुख्य मंच के दाहिनी ओर बने मंच पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न पंथों, आश्रमों के प्रमुख संत एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुखों के बैठने की व्यवस्था थी तथा बाईं ओर कला क्षेत्र के प्रख्यात कलाकारों को स्थान दिया गया था।
समारोह के पूर्व एवं अंत में घोष वादकों ने वाद्यों द्वारा विभिन्न प्रकार की मधुर रचनाओं का वादन कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। शिविर में प्रांत के 25 जिलों के 16 से 35 आयु वर्ग के 526 घोष वादकों ने भाग लिया। शिविर के समापन समारोह से पूर्व श्री भागवत ने महाविद्यालयीन छात्रों की सभा को संबोधित किया। इसी दिन श्री भागवत ने आचार्य विद्यासागर महाराज से भी भेंट की। 14 जनवरी की शाम दो स्थानों से घोष वादकों का पथ संचलन निकला। संचलनों का अवलोकन श्री मोहनराव भागवत, प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक ने किया।
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