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धर्मरक्षा, देशरक्षा एवं गोरक्षा को प्राथमिकता दें

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Nov 19, 2011, 12:00 am IST
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विविध

दिंनाक: 19 Nov 2011 12:47:09

अमदाबाद में विश्व हिन्दू परिषद का अ.भा. धर्मप्रसार कार्यकर्ता महासम्मेलन

–भैयाजी जोशी, सरकार्यवाह, रा.स्व.संघ  

 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री सुरेशराव उपाख्य भैयाजी जोशी ने कहा कि आज संसार में आसुरी शक्तियां प्रबल हो गई हैं। भारत की सज्जन शक्तियां संगठित नहीं हैं। हमें समाज के ओजस्वी, निष्ठावान एवं देशभक्त लोगों को संगठित कर इन आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त करनी होगी। वे गत 6 नवंबर को अमदाबाद में विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित अ.भा. धर्म प्रसार कार्यकर्ता महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 5-7 नवम्बर को सम्पन्न हुए महासम्मेलन में विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री डा. प्रवीण भाई तोगड़िया, संगठन महामंत्री श्री दिनेश चन्द्र, संयुक्त महामंत्री स्वामी विज्ञानानन्द, श्री विनायकराव देशपाण्डे, केन्द्रीय मंत्री श्री मोहन जोशी, श्री धर्मनारायण शर्मा एवं श्री जुगलकिशोर सहित देशभर के 1,500 प्रमुख कार्यकर्ताओं एवं 300 प्रबन्धकों ने भाग लिया।

श्री भैयाजी ने आगे कहा कि यदि मतांतरण लगातार चलता रहा तो देश के विभाजन का संकट फिर खड़ा हो सकता है। इसलिए सारी हिन्दू संस्थाओं को इस कार्य में सहयोगी बनाना चाहिए। श्री भैयाजी ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हमें धर्मरक्षा, देशरक्षा एवं गोरक्षा के कार्य को अपने जीवन में प्राथमिकता देनी चाहिए।

5 नवम्बर की सुबह प्रेरणापीठ के पीठाधीश पूज्य नानकदास महाराज, डा. प्रवीण भाई तोगड़िया, श्री दिनेश चन्द्र आदि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ महासम्मेलन का शुभारम्भ हुआ।

कार्यकर्ताओं का संबोधित करते हुए डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि वेदकाल से लेकर सिकन्दर के आक्रमण तक भारत की भूमि को रौंदने की किसी भी आक्रांता ने हिम्मत नहीं की थी, किन्तु इसके बाद इस्लामी शासकों ने भारत में भयंकर हिंसा और रक्तपात के माध्यम से हमारे धर्मस्थानों एवं श्रद्धाकेन्द्रों को बर्बरता से नष्ट किया। यह क्रम अब आतंकवाद और लव जिहाद के नाम से चलाया जा रहा है। इसी प्रकार यूरोप और अमरीका की ईसाई मिशनरी संस्थाएं भारत में आकर प्रलोभन एवं छल-कपट के माध्यम से हिन्दुओं का मतांतरण कर रही हैं। उन्होंने मांग की कि मतांतरण एवं गोहत्या करने वालों को मृत्युदण्ड की सजा दी जाए।

मध्यान्ह के चर्चासत्र में धर्म प्रसार के जिलास्तर के सभी कार्यकर्ताओं की चिंतन गोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए श्री दिनेश चन्द्र ने जिलास्तर तक सुव्यवस्थित एवं सुदृढ़ ढांचा बनाने का आग्रह किया।

6 नवम्बर को महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें संबोधित करते हुए नारी शक्ति मंच की अध्यक्षा श्रीमती अरुणा आचार्य ने कहा कि आज देश में महिलाओं पर अन्याय और अपमान हो रहा है। महिलाओं को स्वावलंबी एवं शक्तिशाली बनकर अन्याय एवं अपमान का प्रतिकार करना होगा।

07 नवंबर को समापन समारोह को संबोधित करते हुए रा.स्व. संघ के धर्म जागरण समन्वय के अखिल भारतीय प्रमुख श्री मुकुन्द राव पणशीकर ने कहा कि जैसे मुस्लिम काल में हिन्दुओं पर अत्याचार करके मतान्तरण किया गया था उसी प्रकार गोवा तथा पूर्वोत्तर राज्यों में वनवासियों एवं अन्य निर्धन, अशिक्षित समाज पर क्रूरतापूर्वक व्यवहार किया गया। आज भी वनवासी क्षेत्र में हिन्दू धर्म का प्रचार करना कठिन है।  प्रतिनिधि

छाइथलांग में धूमधाम से सम्पन्न हुआ

नन्ना केटपई उत्सव

मेघालय के छाइथलांग में गत दिनों तीन दिवसीय नन्ना केटपई उत्सव धूमधाम से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन मिजोरम की प्राचीन परम्परा, धर्म, संस्कृति और आस्था को मानने वाले संगठन नन्ना लल्हनम द्वारा किया गया।

नन्ना केटपई के रजत जयंती उत्सव में आध्यात्मिक गुरु श्री रोरिलियाना, श्री लालचंगलियान, श्री एच. छावपियांगलियांग एवं वनवासी कल्याण आश्रम के श्री गिरीश कुंवर सहित सैकड़ों की संख्या में गण्यमान्य नागरिक उपस्थित थे। श्री रोरिलियाना ने अपने संबोधन में चरित्र निर्माण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि आज चरित्र निर्माण की बहुत आवश्यकता है, क्योंकि यह गुण समाज को प्रभावित करता है। इस अवसर पर अतिथियों ने नन्ना लल्हनम की स्मारिका और सी.डी. का लोकार्पण भी किया। उत्सव के समापन वाले दिन स्थानीय महिला और पुरुषों ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। यहां दो दिन तक चिकित्सा शिविर भी लगा। तीन दिवसीय इस उत्सव का समापन अगले वर्ष के उत्सव की घोषणा के साथ सम्पन्न हुआ। अगले वर्ष यह उत्सव थिनसुलथिया में होगा।   प्रतिनिधि

 

 

नई दिल्ली में 'आडवाणी व्यक्ति और विचार' लोकार्पित

कार्यकर्ता अहंकार से बचें

–लालकृष्ण आडवाणी, अध्यक्ष, भाजपा संसदीय दल

 भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष श्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता अहंकार से बचें और जो भी जिम्मेदारी मिले उसका सहज भाव से निर्वहन करें। वे गत दिनों नई दिल्ली में स्वदेश भोपाल-रायपुर समाचार पत्र समूह द्वारा उनके 85वें जन्मदिवस पर प्रकाशित 'आडवाणी व्यक्ति और विचार' ग्रंथ के लोकार्पण अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

श्री आडवाणी ने कहा कि वे अत्यंत सौभाग्यशाली है कि उन्हें अपने परिवार और संघ परिवार का भरपूर स्नेह मिला। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। भ्रष्टाचार और कालाधन के विरुद्ध चल रही जनचेतना यात्रा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले भी विभिन्न मुद्दों पर यात्राएं निकाली हैं, लेकिन जनचेतना यात्रा को जितना भारी जनसमर्थन मिला है, उतना किसी और यात्रा को नहीं मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि श्री आडवाणी की छवि निर्मल और निष्कलंक है, जोकि भाजपा की पूंजी है। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री अरुण जेटली ने श्री आडवाणी के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री आडवाणी में यह क्षमता रही है कि वह किसी भी मुद्दे पर अभियान को छेड़ने के बाद उसे राष्ट्रीय चिंतन का विषय बना देते हैं। उन्होंने कहा कि श्री आडवाणी जो बात कहते हैं उसे तर्क से प्रमाणित भी कर देते हैं। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि श्री आडवाणी को अलग करके भाजपा की राजनीतिक यात्रा को देखना कठिन होगा।

इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री आडवाणी को बधाई देते हुए कहा कि वे राजनीति के सात्विक कार्यकर्ता हैं।  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि आडवाणी जी का व्यक्तित्व प्रेरणादायी है। उनके व्यक्तित्व से आज की युवा पीढ़ी को असीम ऊर्जा प्राप्त होती है। झारखंड के मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि श्री आडवाणी का मार्गदर्शन और उनकी कार्यक्षमता भारतीय राजनीति में मिसाल है। दैनिक स्वदेश-भोपाल के प्रधान संपादक श्री राजेंद्र शर्मा ने स्वदेश द्वारा प्रकाशित ग्रंथ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री आडवाणी की खासियत है कि वे पद की चिंता नहीं करते। एक पत्रकार द्वारा ग्रंथ में लिखे एक लेख का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि श्री आडवाणी एक अनूठे वटवृक्ष हैं। जिसकी छत्रछाया में अनेक वृक्ष फलते-फूलते हैं। समापन पर स्वदेश के प्रबंध संपादक श्री अक्षत शर्मा ने कार्यक्रम में आए सभी गण्यमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पाञ्चजन्य के संपादक श्री बल्देव भाई शर्मा ने किया।  प्रतिनिधि

 

श्रद्धाञ्जलि

रुतुम कमगो नहीं रहे

अरुणाचल प्रदेश में रा.स्व.संघ के कार्य को गति देने में मुख्य भूमिका निभाने वाले संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं अरुणाचल प्रदेश के संभाग कार्यवाह श्री रुतुम कमगो का गत दिनों एक सड़क हादसे में निधन हो गया। हादसा तब हुआ जब वे संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने पसीघाट जा रहे थे। करीब 50 वर्षीय श्री कामगो की मृत्यु से संघ की अरुणाचल प्रदेश इकाई और स्वदेशी आस्था आंदोलन को बड़ी क्षति पहुंची है। संघ के प्रथम वर्ष शिक्षित श्री कामगो पिछले 15 साल से संघ कार्य के विस्तार के लिए पूर्ण समर्पण भाव से हिमालय के इस क्षेत्र में काम कर रहे थे, जिसकी सीमा तिब्बत, म्यांमार और भूटान से लगी हुई है। अरुणाचल की बहुमूल्य स्वदेशी आस्था के संरक्षण के प्रति भी वे पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध थे। श्री कामगो को श्रद्धाञ्जलि देते हुए रा.स्व.संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि श्री कामगो की मृत्यु उनके परिवार और संघ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

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