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पटना में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा
युवा ही बनाएंगे भ्रष्टाचार मुक्त समाज
संजीव कुमार
आजादी के बाद गांधीजी ने जिन नेताओं पर विश्वास करके सत्ता की बागडोर थमाई, उन्होंने ही देश की जनता और गांधीजी के साथ विश्वासघात किया। यदि लौह पुरुष सरदार पटेल भारत के प्रधानमंत्री होते तो आज देश भ्रष्टाचार के भंवरजाल में नहीं फंसताव्। उक्त बातें लघु उद्योग भारती के प्रांत प्रमुख डा. मोहन सिंह ने व्यूथ अगेन्स्ट करप्शनव् के तत्वावधान में पटना में भ्रष्टाचार के विरुद्ध आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. अमरनाथ सिन्हा ने किया। इस अवसर पर व्इंडिया अगेन्स्ट करप्शनव् के अध्यक्ष डा. रत्नेश चौधरी ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में सक्रिय लोगों को आत्म शुचिता का पूरा ध्यान रखना होगा, तभी हम मूल लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे। प्रसिद्ध उद्योगपति श्री के.पी.एस. केसरी ने नैतिक मूल्यों के हो रहे पतन पर गहरा दुख जताया। विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री गोपाल वर्मा ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा ही देश और समाज को भ्रष्टाचार से मुक्त करा सकते हैं। अधिवक्ता परिषद के क्षेत्रीय संयोजक श्री प्रमोद सिन्हा ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन में कूदना समय की मांग है। किसान संघ, दक्षिण बिहार प्रांत के मंत्री श्री उदयकांत मिश्रा ने किसानों को भ्रष्टाचार के विरुद्ध संगठित होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को विद्या भारती के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री दिलीप झा सहित अनेक गण्यमान्य महानुभावों ने भी संबोधित किया।











