| दिंनाक: 06 Jan 2008 00:00:00 |
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84 के नरसंहार के लिए सिखों से माफी मांगे भारत सरकार-सरदार चिरंजीव सिंह, संरक्षक-राष्ट्रीय सिख संगतराष्ट्रीय सिख संगत के संरक्षक सरदार चिरंजीव सिंह ने कनाडा सरकार द्वारा कामागत्तमारू काण्ड में 94 वर्ष बाद भारतीयों से क्षमायाचना पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए कहा है कि भारत सरकार कनाडा सरकार का अनुसरण करते हुए सन् 84 में सिखों के नरमेध के लिए संसद में क्षमायाचना करे। सरदार चिरंजीव सिंह ने कहा है कि 23 मई, 1914 को कनाडा सरकार ने एक जापानी जहाज पर सवार 376 भारतीयों को वैंकुवर बंदरगाह पर उतरने की अनुमति देने से मना कर दिया था। बाद में ये जहाज कोलकाता बंदरगाह के समीप बज-बज बंदरगाह पर जैसे ही रूका, ब्रिटिश हुकूमत ने सभी यात्रियों को मरवा डाला। उस नरमेध की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कनाडा सरकार ने अब माफी मांगी है। कनाडा सरकार ने 1914 में अनुमति न देने के फैसले को नस्लीय भेदभाव और मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए भारतीय समुदाय से अब माफी मांगना स्वीकार किया है। श्री सिंह ने कहा है कि जिस तरह कनाडा सरकार ने 1914 के नरसंहार केलिए अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की है उसी भांति भारत सरकार 1984 में सिखों के कत्लेआम के लिए अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे और सिख समुदाय से क्षमायाचना करे। सरकार को “84 के नरसंहार पर संसद के समक्ष श्वेतपत्र प्रस्तुत करना चाहिए।28