| दिंनाक: 02 Nov 2007 00:00:00 |
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पूरे देश में वर्ष भर चले श्रीगुरुजी जन्मशताब्दी समारोहों का समारोप कार्यक्रम दरअसल कार्यक्रमों का समारोप है, कार्य का नहीं। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी ने दिल्ली में बुराड़ी के निकट गत 1 फरवरी को श्रीगुरुजी जन्मशताब्दी समारोह समिति द्वारा आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में कही।इस अवसर पर समिति के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष स्वामी राघवानन्द जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख श्री प्रेम गोयल, क्षेत्रीय प्रचारक श्री दिनेश कुमार और क्षेत्र कार्यवाह श्री रमेश प्रकाश, प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं समिति के अखिल भारतीय सचिव डा. बजरंगलाल गुप्त, राष्ट्रीय सिख संगत के संस्थापक सरदार चिरंजीव सिंह, स्वदेशी जागरण मंच दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डा. अश्विनी महाजन, विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली के महामंत्री श्री राष्ट्र प्रकाश एवं संगठन मंत्री श्री करुणा प्रकाश, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डा. हर्षवद्र्धन, सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गण्यमान्यजन उपस्थित थे। 24 फरवरी, 2006 को शुरू हुए इस अभियान का समापन 18 फरवरी, 2007 को देश की राजधानी दिल्ली में होने जा रहा है। समापन कार्यक्रम में देशभर से लगभग ढाई हजार प्रशिक्षित घोष वादकों के साथ-साथ लगभग दो लाख स्वयंसेवकों के भाग लेने की अपेक्षा है। समापन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री भैरोसिंह शेखावत, समिति के अध्यक्ष स्वामी सत्यमित्रानन्द जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री कुप्.सी. सुदर्शन, गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पंडा एवम् वात्सल्य ग्राम की प्रेरणा देने वाली साध्वी दीदी ऋतम्भरा उपस्थित होंगी। 16 व 17 फरवरी को रा.स्व.संघ के घोष वादकों का दो दिवसीय शिविर भी आयोजित होगा। 17 फरवरी, 2007 को घोष वादकों का दिल्ली में पांच स्थानों पर संचलन निकलेगा। 18 फरवरी के समापन कार्यक्रम में भी इन वादकों द्वारा घोष प्रदर्शन किया जाएगा। इं.वि.सं.के.8