| दिंनाक: 06 Oct 2007 00:00:00 |
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दिल्ली में रामसेतु रक्षार्थ विशाल जनसभा-चित्रमय झलकसंतों का आक्रोश और जन-जन का संकल्पदीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन करते हुए (बाएं से) महंत नृत्यगोपालदास जी, स्वामी वासुदेवानंद जी सरस्वती, श्री अशोक सिंहल, स्वामी हंसदास जी एवं स्वामी नरेन्द्रानंद जीजनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद जी सरस्वती। विशाल मंच पर प्रथम पंक्ति में उपस्थित (बाएं से) डा. सुब्राह्मण्यम स्वामी, डा. मुरली मनोहर जोशी, मुनि लोकप्रकाश “लोकेश”, स्वामी विश्वेशतीर्थ जी महाराज, स्वामी परमानंद जी, शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद जी, स्वामी विश्वेश्वरानंद जी, महंत रामेश्वरदास जी, महंत नृत्यगोपाल दास जी, स्वामी सुरेशानंद जी, स्वामी प्रज्ञानंद जी व अन्य संत छाया:पाञ्चजन्य/हेमराज गुप्ताअध्यक्षीय आशीर्वचन देते हुए स्वामी विश्वेशतीर्थ जी महाराजमंचस्थ युगपुरुष स्वामी परमानंद जी महाराजरामसेतु तोड़ने पर आक्रोश प्रकट करते हुए युवास्वामी विश्वेश्वरानंद जीसंत आशाराम बापू के अक्रोशित शिष्य सुरेशानंद जीडा. मुरली मनोहर जोशी ने सरकार को दी सीखडा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने चेतायाडा. सुब्राह्मण्यम स्वामी- ओम-रोम का संघर्ष है येडा. बजरंग लाल गुप्त- संतों के निर्देशों का पालन होगासमारोह में आचार्य गिरिराज किशोरविशिष्ट अतिथियों के बीच श्री दिनेश चन्द्र, श्री कश्मीरीलाल, श्री रामप्रकाश धीर, एक अन्य अतिथि, श्री सूर्य कृष्ण व ठाकुर राम सिंहहरिद्वार एवं वृन्दावन से पधारे सैकड़ों साधु-संतराम भी सत्य, सेतु भी सत्य। सभा में राम दरबार और नासा द्वारा खींचे गए रामसेतु का चित्र लिए एक भक्त22