रामसेतु रक्षार्थ देशभर में प्रदर्शन और विरोध सभाएं
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रामसेतु रक्षार्थ देशभर में प्रदर्शन और विरोध सभाएं

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Feb 9, 2007, 12:00 am IST
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दिंनाक: 09 Feb 2007 00:00:00

दिल्लीसंसद मार्ग पर रामभक्तों का प्रदर्शनरामसेतु को तोड़ने का प्रयास किया तो देश के हर पुल पर होगा प्रदर्शनदिल्ली में 23 अगस्त को एक बार फिर रामभक्तों-राष्ट्रभक्तों का रोष प्रकटा। रोष इस बात पर था कि देश के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा लाखों वर्ष पूर्व निर्मित श्रीराम सेतु को न तोड़ने की स्पष्ट घोषणा अभी तक केन्द्र सरकार ने नहीं की है। देशभर के संत आंदोलित हैं, धर्म प्रेमी व्यथित हैं, वैज्ञानिक आश्चर्यचकित हैं, पुरातत्ववेत्ता किंकर्तव्यविमूढ़ हैं और बुद्धिजीवी चिंतित, पर केन्द्र सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। इन सभी के समवेत स्वरों को प्रकट करते हुए विश्व हिन्दू परिषद् के अन्तरराष्ट्रीय महामंत्री डा. प्रवीण भाई तोगड़िया ने कहा कि इस गूंगी-बहरी सरकार का इलाज विश्व का कोई भी चिकित्सक नहीं कर सकता। इसको इस देश की जनता ही ठीक करेगी और हम इस दृष्टि से जनता को जागृत कर रहे हैं।जन्तर मन्तर से लेकर संसद मार्ग तक इस विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन रामेश्वरम रामसेतु रक्षा मंच, दिल्ली ने किया था। विशेष बात यह रही कि इस धरने में पहली बार बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग सम्मिलित हुए। दिल्ली के रोहिणी और सुल्तानपुरी गुरुद्वारों के सिख संत (निहंग) तथा उत्तराखण्ड से आए नामधारियों की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय थी। सिख संतों का कहना था कि गुरुग्रंथ साहिब में रामसेतु की महिमा का उल्लेख है। हम उसकी रक्षा के लिए हर तरह का बलिदान देने को तैयार हैं। युवाओं और महिलाओं की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि रामसेतु का विषय अब जन-जन तक पहुंच चुका है। धरने को सम्बोधित करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि अमरीकापरस्त यह सरकार परमाणु संधि से लेकर सेतु समुद्रम् परियोजना तक देश के हितों को गिरवी रख रही है। हम इस सरकार को देश की सभ्यता, सम्प्रभुता, संस्कृति से खिलवाड़ नहीं करने देंगे। डा. तोगड़िया ने धरने के अंत में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि रामसेतु तोड़ने वाली परियोजना को तत्काल बंद नहीं किया गया या परियोजना का मार्ग बदला नहीं गया तो देश के प्रत्येक पुल पर हमारा प्रदर्शन होगा।समारोह को अखण्ड हिन्दुस्थान मोर्चा के संयोजक सरदार प्रेम सिंह शेर, शिवसेना (दिल्ली प्रदेश) के अध्यक्ष श्री जयभगवान गोयल, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन एवं प्रसिद्ध वैज्ञानिक श्री एस. कल्याणरमन ने भी सम्बोधित किया। प्रतिनिधिजयपुरउपवास तथा सद्बुद्धि यज्ञगत 12 अगस्त को श्रीरामसेतु को बचाने के लिए श्रीरामसेतु रक्षा मंच के आह्वान पर पूरे राजस्थान में साधु संतों सहित लाखों हिन्दुओं ने उपवास रखा तथा सद्बुद्धि यज्ञ किया। सुबह 11.30 बजे जयपुर में छोटी चौपड़ पर केन्द्र सरकार को जागृत करने के लिए 108 युगलों ने सद्बुद्धि यज्ञ किया। इसके अलावा गोविन्ददेवजी मंदिर, विद्याधरनगर शिव मंदिर, वैशाली नगर सहित 75 स्थानों पर हनुमान चालीसा व सुन्दर काण्ड का पाठ आयोजित किया गया। गोविन्ददेवजी मंदिर में रेवासापीठ के अग्रपीठाधीश्वर राघवाचार्य जी ने कहा कि यदि रामसेतु को तोड़ा गया तो देश में ऐसा आन्दोलन खड़ा होगा जो आज तक नहीं हुआ। उन्होंने केन्द्र सरकार की सद्बुद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री श्री मोहन जोशी ने कहा कि सोनिया गांधी के इशारे पर हिन्दुओं की आस्था व संस्कृति के प्रतीक रामसेतु को तोड़ने का षडंत्र केन्द्र सरकार ने रचा है। इस अवसर पर श्रीरामसेतु रक्षा मंच के प्रदेश संयोजक श्री नरपतसिंह शेखावत, सह संयोजक श्री विश्वजीत सिंह व श्री महेन्द्र मीणा, विहिप के केन्द्रीय सहमंत्री श्री शशि मिश्रा, मातृशक्ति की प्रांत संयोजिका श्रीमती उषा शेखावत सहित हजारों प्रदर्शनकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीरामसेतु रक्षा मंच के महानगर संयोजक श्री मोहन कुमावत ने किया। सुरेन्द्र चतुर्वेदीदिल्लीप्रधानमंत्री का पुतला फूंकागत 21 अगस्त को भी नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर रामसेतु ध्वंस के विरुद्ध धरना दिया गया। इसका आयोजन भारतीय जनशक्ति पार्टी की महिला शाखा भारतीय नारी शक्ति ने किया था। प्रदर्शन में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश से आईं सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अखण्ड बोध गंगाश्रम, हरिद्वार की साध्वी सुश्री पुण्य प्रज्ञा, भारतीय नारी शक्ति की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कांती रावत मिश्र, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं दिल्ली की प्रभारी श्रीमती अनिता सिंह, मध्य प्रदेश इकाई की महासचिव श्रीमती रजनी यादव आदि उपस्थित थीं। प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए साध्वी पुण्य प्रज्ञा ने कहा कि रामसेतु को सिर्फ इसलिए तोड़ा जा रहा है कि हिन्दुओं की भावनाएं आहत हों। श्रीमती कांती रावत मिश्र ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपनी पत्नी सीता जी को बचाने के लिए जिस पुल का निर्माण किया था उसे संप्रग सरकार तोड़ रही है। यह महिलाओं के लिए शर्म की बात है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जन्तर-मन्तर से संसद मार्ग थाने तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे- “मारेंगे मर जाएंगे, रामसेतु बचाएंगे”, “रामसेतु बचाओ, संस्कृति बचाओ”…। अन्त में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह का पुतला दहन किया। प्रतिनिधिभाजपा महिला मोर्चा ने राष्ट्रपति को सौंपेएक करोड़ हस्ताक्षरभारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती किरण माहेश्वरी के नेतृत्व में श्रीरामसेतु की रक्षा की मांग करते हुए भाजपा की महिला सांसदों, मोर्चे की पदाधिकारियों एवं प्रदेश अध्यक्षों का एक प्रतिनिधिमंडल गत 22 अगस्त को राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।राष्ट्रीय महिला मोर्चा ने श्रीराम सेतु की सुरक्षा हेतु देशभर से एकत्र एक करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह वर्तमान केन्द्र सरकार को बाध्य करें कि सेतु समुद्रम परियोजना का मार्ग बदला जाए। ताकि श्रीराम सेतु, जो भारतीय संस्कृति एवं आस्था का प्रतीक है, सुरक्षित रह सके। राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने मोर्चे को आश्वासन दिया कि वे इस विषय को सम्बंधित विभाग में भेजेंगी। प्रतिनिधिअमृतसरहिन्दुओं ने लिया संकल्पअमृतसर में 12 अगस्त को स्थानीय हाल गेट के बाहर नगर के सभी हिन्दू धार्मिक, सामाजिक संगठन श्रीरामसेतु रक्षा मंच के बैनर तले एकत्र हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिन्दू परिषद्, बजरंग दल, धर्म जागरण, भारतीय जनता पार्टी, हिन्दू शिव सेना पंजाब, शिव सेना (बाल ठाकरे), शिव सेना (हिन्दुस्थान), हिन्दू सुरक्षा समिति, शिवसेना (आजाद), आल इंडिया हिन्दू शिव सेना, ब्राह्मण सभा, आर्य समाज, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति, श्री दुग्र्याणा मंदिर कमेटी, श्री शिवाला भाईयां ट्रस्ट, राष्ट्रीय सिख संगत, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती, विद्या भारती, अमृतसर चैम्बर आफ कामर्स, पंचनद शोध संस्थान, इतिहास संकलन समिति, पीड़ित परिवार सहायता समिति, भारत विकास परिषद्, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्, स्वदेशी जागरण मंच एवं आल इंडिया सेवक सभा के प्रतिनिधियों ने विशाल धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उपस्थित पूजनीय संतगण के आशीर्वाद व मार्गदर्शन में नगर के धर्म प्रेमी समाज ने श्रीराम सेतु को खंडित होने से बचाने का संकल्प लिया। राजीव कुमाररुड़कीआर-पार की लड़ाई होगीगत दिनों रूड़की में श्री रामेश्वरम् राम सेतु रक्षा मंच के तत्वावधान में भाजपा तथा विभिन्न हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय चन्द्रशेखर आजाद चौक पर धरना दिया। धरने को सम्बोधित करते हुए रा.स्व.संघ के जिला संघचालक श्री रामेश्वर प्रसाद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सेतु समुद्रम परियोजना पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। विश्व हिन्दू परिषद् के जिलाध्यक्ष चौ. भंवर सिंह ने कहा कि राम सेतु भारतीय संस्कृति की अक्षुण्ण निधि है। इसे किसी भी सूरत में नष्ट नहीं होने दिया जाएगा। जिला मंत्री श्री मोहन लाल गोयल ने कहा कि पुराणों में इस सेतु का विस्तार से वर्णन होने पर भी भारत सरकार की किसी भी एजेन्सी ने इस तथ्य की पुष्टि नहीं की। इसके पश्चात् मंच के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया तथा राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सह जिलाधिकारी को सौंपा। प्रतिनिधि10

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