| दिंनाक: 05 Jan 2005 00:00:00 |
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वह अट्टहास, वह निर्मल मन का दिव्य आनंदलाल चौक में डा0 जोशी द्वारा राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद उनके साथ जम्मू लौटे शास्त्री जी(26 जनवरी, 1992)शास्त्री जी की देव दुर्लभ कोलकाता टोली। अवसर है श्री शंकरी प्रसाद बंद्योपाध्याय के सम्मान का। (बाएं से) श्री विमल लाठ, श्री जुगल किशोर जैथलिया एवं (दाएं) डा. मुरली मनोहर जोशी।(बाएं से) श्री राजेन्द्र अवस्थी, श्री गिरीश कर्नाड तथा श्री अमरीश पुरी के साथ शास्त्री जीदो भंगिमाएंनरेन्द्र कोहली और देवेन्द्र स्वरूप के साथराज्यपाल के नाते सशस्त्र बल की सलामी लेते हुएमहान परमाणु वैज्ञानिक डा.आर. चिदम्बरम के साथNEWS