| दिंनाक: 11 Jul 2004 00:00:00 |
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मेरठ में हुआ 108 बाल-गोपालों काउपनयन संस्कारगत 24 अक्तूबर को मेरठ के जनसेवा न्यास ने भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत एक अभिनव कार्यक्रम का आयोजन किया। अवसर था पूर्वोत्तर के 108 बाल-गोपालों के उपनयन संस्कार का। पीतवस्त्र धारण किए 108 शिखाधारी बालक उपनयन संस्कार के बाद जब एक स्वर में बोले “भिक्षां देहि” तो उनके पालकों के आंसू छलक पड़े। उपनयन संस्कार गुरुकुल प्रभात आश्रम के स्वामी विवेकानन्द सरस्वती ने सम्पन्न करवाया। इस अवसर पर स्वामीजी ने कहा कि हिन्दू जीवन पद्धति की जीवनधारा माने जाने वाले 16 संस्कारों में में यह संस्कार विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम में हनुमत धाम, साहिबाबाद के ब्राह्मचारी चन्द्रपाल जी महाराज ने बच्चों को जीवन में अनुशासन तथा आचार-विचार की पवित्रता का महत्व बताया। उन्होंने बालकों से आह्वान किया कि भारत को पुन: विश्व गुरु के सिंहासन पर पहुंचाने तक जीवन में विश्राम की कल्पना मन में नहीं आनी चाहिए। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री नेकश्याम शमशेरी, जनसेवा न्यास के अध्यक्ष श्री इन्द्रसेन माहेश्वरी एवं प्रसिद्ध चिकित्सक डा. अनिल अग्रवाल भी उपस्थित थे। – सूर्य प्रकाश टांक35