प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज (सोमवार) तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद हसन नदीमुल हक से जुड़े कई ठिकानों पर छापामारी शुरू की। यह कार्रवाई कोलकाता, दिल्ली और रांची में एक साथ चल रही है। कुल करीब आठ जगहों पर ED की टीमें दस्तावेज खंगाल रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
ED के सूत्रों के मुताबिक, यह छापामारी मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं के एक मामले में हो रही है। मामला एक समाचार पत्र से जुड़ा है, जिससे सांसद नदीमुल हक सीधे जुड़े रहे हैं। पिछले अगस्त में इसी अखबार के खिलाफ बड़े स्तर की वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज हुई थी। उसी शिकायत के आधार पर अब जांच आगे बढ़ी है।
कहां-कहां हुई छापामारी?
कोलकाता में सबसे पहले कार्रवाई शुरू हुई। सुबह तड़के ED की टीमों ने पार्क सर्कस इलाके में सांसद के आवास और उनके कार्यालय पर दबिश दी। महानगर में दो और जगहों पर भी तलाशी जारी है। दिल्ली में सांसद से जुड़े चार परिसरों में ED अधिकारी दस्तावेज और कागजात देख रहे हैं। झारखंड की राजधानी रांची में भी एक ठिकाने पर टीम काम कर रही है। इस तरह कोलकाता, दिल्ली और रांची मिलाकर कुल आठ स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए हैं।
सुरक्षा और आधिकारिक स्थिति
सभी ठिकानों पर केंद्रीय बलों की कड़ी सुरक्षा के बीच जांच चल रही है। ED की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। टीमों ने दस्तावेज जब्त करने और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने का काम तेज रखा है।
सांसद नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हैं। वे लंबे समय से उस समाचार पत्र से जुड़े रहे हैं, जिस पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगा है। ED की यह कार्रवाई उसी मामले की आगे की जांच का हिस्सा लगती है। छापामारी के दौरान किसी बड़े विवाद या विरोध की खबर फिलहाल नहीं आई है। जांच की प्रक्रिया सभी जगहों पर शांतिपूर्वक और तेजी से चल रही है। ED टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और जरूरत पड़ने पर और जानकारी जुटा सकती है।

















