झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन अब 23वें दिन में पहुंच गया है। रांची में छात्रों ने रविवार को मार्च निकाला और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पुतले जलाए।
निकाला मशाल जुलूस
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला। वहां पहुंचकर उन्होंने इन तीन नेताओं के पुतले फूंके। छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। कुछ अन्य जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए। क्या हैं छात्रों की मांगें
छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं – 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करना, सभी संबंधित परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराना, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना और दोषियों पर कार्रवाई करना। इसके अलावा वे वित्त विभाग के सेक्शन ऑफिसर और व्हिसलब्लोअर संतोष कुमार मस्ताना का सस्पेंशन हटाने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं।
सरकार की तरफ से बातचीत का न्योता
हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों को एक बार फिर बातचीत के लिए बुलाया है। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार 17 अगस्त को दोपहर दो बजे छात्रों और उनके कानूनी सलाहकार के साथ बैठक होगी। यह बातचीत का नया दौर है।
छात्र नेताओं का रुख
वहीं दूसरी ओर जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि वे छात्र हैं और छात्रों के मुद्दों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार बातचीत करना चाहती है तो वे भी तैयार हैं। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हालत में अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि अगर 18 तारीख तक मांगें नहीं मानी गईं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। वे मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं। साथ ही कहा कि अगर मुख्यमंत्री बात नहीं सुन रहे हैं तो राहुल गांधी को जेएमएम गठबंधन से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, प्रदर्शन जारी रहेगा।
एक छात्र नेता ने कहा कि छात्रों में गुस्सा बढ़ गया है। सरकार मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं लग रही है, इसलिए अब यह गुस्सा काबू में रखना मुश्किल हो रहा है।












