रुड़की: आज रुड़की में सेवा भारती के तत्वाधान में फिजियोथेरेपी सेवा संस्थान का शुभारम्भ किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रान्त प्रचारक उत्तराखण्ड डाॅ. शैलेन्द्र जी ने कहा नर सेवा, नारायण सेवा। चार वेद अठारह पुराणों का निष्कर्ष ‘परोपकार: पुण्याय पापाय परपीडनम्’ है।
तुलसीदास द्वारा रामचरित मानस में ‘परहित सरिस धर्म नहिं भाई’ लिखा गया है। सेवा भारती, नर सेवा नारायण सेवा को साकार करने के लिए देश में दो लाख से अधिक सेवा कार्यों द्वारा समाज के वन्चित, अभावग्रस्त लोगों के लिए शिक्षा ,चिकित्सा, स्वावलम्बन और संस्कार केन्द्र चलाती है।
उन्होंने उत्तराखण्ड में सेवा भारती द्वारा चलाये जा रहे 14 अस्पतालों तथा एम्स ऋषिकेश में 430 बेड वाले माधव सेवा विश्राम सदन का भी वर्णन किया। उन्होंने व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर राष्ट्र, समाज के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों का भी वर्णन किया। उक्त समारोह में कैबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार प्रदीप बत्रा,समाज सेवी पंकज बंसल एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।















