हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। पिछले 24 घंटों में हुई तेज बारिश ने राज्य के कई जिलों में सामान्य जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन, सड़कें बंद होने, बिजली व्यवस्था ठप पड़ने और पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
145 सड़कें बंद, बिजली-पानी व्यवस्था प्रभावित
मौसम केंद्र शिमला की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों में धर्मशाला में सबसे अधिक 79 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जोगिंदरनगर में 76 मिलीमीटर, मंडी में 63.4 मिलीमीटर और राजधानी शिमला में 54.6 मिलीमीटर बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी इलाकों में सड़कें टूटने और मलबा आने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 7 अगस्त सुबह 10 बजे तक राज्यभर में कुल 145 सड़कें बंद हो चुकी हैं। सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 66 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू जिले में 31 और सिरमौर जिले में 28 सड़कें अवरुद्ध हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को जरूरी कामों के लिए आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों का संपर्क भी मुख्य मार्गों से टूट गया है। लगातार बारिश का असर बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रदेश में 224 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिनमें अकेले मंडी जिले के 182 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके कारण कई इलाकों में घंटों से बिजली आपूर्ति बाधित है। वहीं, 14 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन इन सेवाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी मौसम खराब बना रहेगा। 10 और 11 अगस्त के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और बिना जरूरी कारण यात्रा न करें। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान सतर्कता बेहद जरूरी है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन लोगों का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन कर और अनावश्यक जोखिम से बचकर ही इस प्राकृतिक आपदा के दौरान सुरक्षित रहा जा सकता है।

















