पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ के हालात हैं। भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात बुरी तरह से खराब हो गए हैं। बीते 24 घंटों के अंदर अब तक 50 लोगों की मौत की खबर है। जबकि, 100 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर करीब 5 लाख 64 हजार 600 लोग 16 जिलों में प्रभावित हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
सिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं। ये जिले नागालैंड की सीमा से लगे हुए हैं। वहां रविवार को बादल फटने और लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गईं और बड़े इलाकों में पानी भर गया। सिवसागर में अकेले 20 लोगों की मौत हुई, जिनमें 4 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। चराइदेव में 5 मौतें हुईं (2 बच्चे), गोलाघाट में 2 और जोरहाट में 1 महिला की मौत हुई। सिवसागर में करीब 100 लोग अभी भी लापता हैं।
कितने लोग प्रभावित
सिवसागर में सबसे ज्यादा 3.6 लाख लोग प्रभावित हैं। जोरहाट में करीब 88 हजार और चराइदेव में 72,500 से ज्यादा लोग बाढ़ से परेशान हैं। कुल 16 जिलों में पानी का कहर है। इनमें बिश्वनाथ, धेमाजी, डिब्रूगढ़, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, करबी आंगलोंग, नागांव, तिनसुकिया आदि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री का दौरा और मदद
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों का दौरा किया। उन्होंने मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार अकेले नहीं हैं, सरकार हर कदम पर उनके साथ है। राहत, पुनर्वास और आजीविका बहाल करने में मदद की जाएगी। कई गांव अभी भी पूरी तरह कटे हुए हैं। सड़क या कोई संपर्क नहीं है। नावों से भी कुछ जगहों पर पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में ड्रोन से जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत सामग्री की कोई कमी नहीं है। गंभीर बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा। बाढ़ में खोए दस्तावेजों की नई कॉपी भी बनवाई जाएगी।
राहत और बचाव कार्य
10 जिलों में 273 राहत शिविर चल रहे हैं, जहां 12,284 लोग शरण लिए हुए हैं। आर्मी, NDRF, SDRF, फायर सर्विस, पुलिस और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। अब तक 6,000 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। 872 गांव पानी में डूबे हुए हैं। 24,210 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है। तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य सरकारी ढांचे भी काफी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नदियों की स्थिति
ब्रह्मपुत्र नदी नेमतिघाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसकी सहायक नदियां बुरिडीहिंग और धनसिरी भी खतरे के स्तर के ऊपर हैं। फिलहाल मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे बाढ़ की स्थिति और प्रभावित हो सकती है।

















