नई दिल्ली: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में 37वीं अखिल भारतीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 13 अक्टूबर 2026 तक महाशय चुन्नीलाल सरस्वती बाल मंदिर, हरि नगर, नई दिल्ली में किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश की 10 क्षेत्रीय इकाइयों से लगभग 250 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं, जिनमें 130 भैया एवं 120 बहिनें शामिल हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक खेल अनुभव प्राप्त करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी खेल क्षमता को निखारने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिता के सुचारु एवं सफल संचालन के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं। आयोजन में 26 निर्णायक, 50 संरक्षक आचार्य तथा 5 खेल अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने, प्रतियोगिता को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों का होता है सर्वांगीण विकास : डॉ. सतीश माहेश्वरी
प्रतियोगिता की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं के संबंध में आयोजित बैठक और पत्रकार वार्ता में विद्या भारती दिल्ली प्रांत के महामंत्री डॉ. सतीश माहेश्वरी ने शारीरिक शिक्षा एवं खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षा का उद्देश्य केवल शरीर को स्वस्थ एवं सुदृढ़ बनाना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से विद्यार्थियों के पंचकोशों का विकास भी होता है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है, जिसमें शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सहयोग और टीम भावना जैसे गुणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की सकारात्मक भावना विकसित होती है तथा वे जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार होते हैं।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए व्यापक तैयारियाँ
अखिल भारतीय शारीरिक सह संयोजक श्री ललित मोहन जी ने प्रतियोगिता की रूपरेखा एवं आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगिता के सुचारु संचालन के लिए की गई तैयारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में बताया। खेल पर्यवेक्षक श्री हरिदास जी (केरल) तथा उत्तर प्रदेश के खेल संयोजक श्री आशुतोष सत्यम झा जी ने भी विद्यार्थियों के जीवन में खेलों की उपयोगिता और उनके व्यक्तित्व विकास में खेल गतिविधियों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में विद्या भारती दिल्ली प्रांत के महामंत्री डॉ. सतीश माहेश्वरी, खेल पर्यवेक्षक श्री हरिदास जी (केरल), श्री आशुतोष सत्यम झा (उत्तर प्रदेश खेल संयोजक), श्री नागरमल प्रजापत (राजस्थान सह संयोजक), श्री ललित मोहन जी (अखिल भारतीय शारीरिक सह संयोजक), श्री जितेंद्र बनाती जी (दिल्ली प्रांत खेल प्रमुख), श्री संजय वर्मा (प्रांत संयोजक एवं पूर्णकालिक) तथा श्री राजेश जी (सह प्रांत संयोजक) सहित अनेक प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रतियोगिता के सफल संचालन, खिलाड़ियों की सुविधाओं तथा आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में विद्या भारती की महत्वपूर्ण भूमिका
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, शारीरिक विकास और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए देशभर में विभिन्न गतिविधियों का संचालन कर रहा है। संस्थान से संबद्ध विद्यालयों में लगभग 35 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा एक लाख से अधिक आचार्य विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान करने में योगदान दे रहे हैं। विद्या भारती के लगभग 7 लाख विद्यार्थी संकुल स्तर से लेकर अखिल भारतीय स्तर तक आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हैं। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) में भाग लेने वाली 44 इकाइयों में पदक उपलब्धियों के आधार पर विद्या भारती की इकाई का स्थान 11वाँ बताया गया है। ये उपलब्धियाँ विद्यार्थियों में खेलों के प्रति बढ़ती रुचि तथा खेल प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती हैं।
उभरती खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर
9 से 13 अक्टूबर तक आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने, अन्य खिलाड़ियों से सीखने तथा उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रही है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकार वार्ता का संचालन दिल्ली प्रांत प्रचार विभाग के श्री मंगेश बापट जी एवं श्रीमती निशा शर्मा जी ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाशय चुन्नीलाल सरस्वती बाल मंदिर की प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु सूद जी सहित प्रचार विभाग की टीम का सराहनीय योगदान रहा। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के सक्रिय सहयोग, समर्पण और कुशल समन्वय से पत्रकार वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।











