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सऊदी अरब में बांग्लादेशी पुरुष और महिला को मौत की सजा दी गई? मक्का की मस्जिद से जुड़ा मामला, बांग्लादेश खफा

हैरानी इस बात को लेकर भी थी कि बांग्लादेश की सरकार को भी इस सजा की जानकारी नहीं थी।

Published by
सोनाली मिश्रा

सऊदी अरब में बांग्लादेश के दो नागरिकों को मौत की सजा दी गई और जब दो शव बांग्लादेश पहुंचे तो वहां लोग हैरान रह गए। हैरानी इस बात को लेकर भी थी कि बांग्लादेश की सरकार को भी इस सजा की जानकारी नहीं थी।

क्या था मामला?

पिछले बुधवार को एक बांग्लादेशी पुरुष और महिला को इस कारण मौत की सजा दी गई, क्योंकि उन्होंने एक मस्जिद के भीतर कथित रूप से चुंबन लिया था। सऊदी की इंटीरियर मिनिस्ट्री के अनुसार उन्होंने अश्लील कृत्य किया था, हालांकि यह कृत्य क्या था उसकी जानकारी मंत्रालय ने नहीं दी। सऊदी के गृह मंत्रालय ने मक्का क्षेत्र में ताज़ीर के दो अपराधियों को मौत की सजा पर अमल किये जाने के बाद बयान जारी किया। उसने लिखा था कि अल्लाह कहते हैं कि अल्लाह गलत काम स्वीकार नहीं करते हैं।

इस बयान के अनुसार नज़रुल सलाम अब्दुल बशीर और सीती अख्तर नामक दो लोग मक्का के शहर की एक मस्जिद के अंदर अश्लील कृत्य करते हुए पाए गए थे। सुरक्षा अधिकारियों ने उन दोनों को पकड़ा और जांच के बाद उन पर अपराध के आरोप आधिकारिक रूप से लगाए गए। मामले को सक्षम अदालत में भेजा गया, जहां पर उन्हें दोषी पाया गया। इस बयान के अनुसार उन्होंने पवित्र जगह की पवित्रता और गंभीरता को बिगाड़ने का प्रयास किया। वहीं सोशल मीडिया पर जो बातें वायरल हैं, उनके अनुसार इन्होंने चुंबन लिया था। ऐसा भी कहा जा रहा है कि इस कृत्य के चलते सऊदी को अपनी छवि की चिंता हो गई थी।

यह और भी हैरानी की बात है कि सजा का मुकदमा चलता रहा, लेकिन इसकी जानकारी बाहर नहीं आई। मौत की सजा सुनाए जाने के बाद सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी थी। शाही फरमान जारी होने के बाद सजा पर अमल किया गया।

बांग्लादेश को जानकारी नहीं

बांग्लादेश ने इस बात पर अप्रसन्नता व्यक्त की है कि उसके नागरिकों को दी जाने वाली मौत की सजा को लेकर उसे कोई भी जानकारी नहीं दी गई। डेली स्टार के अनुसार जेद्दा में बांग्लादेश के काउंसुलेट जनरल ने भी यह पुष्टि की कि उन्हें इस विषय में कोई भी जानकारी पहले नहीं मिली थी।

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